बेटी की बजाय मंत्री विज के समर्थन में उतरे खेमका, कासनी
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मंत्री और एसपी विवाद में उस समय नया मोड़ आ गया, जब किसी समय सरकार से प्रताड़िता दो दिग्गज आईएएस मंत्री के समर्थन में उतर आए।
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज और एसपी फतेहाबाद के बीच हुई जंग को प्रदेश सरकार ने भले ही एसपी के तबादले से थामने का प्रयास किया हो, लेकिन सोशल मीडिया पर यह मुद्दा बड़ी बहस बन गया है।
इस मामले में जहां पार्टी अनिल विज का समर्थन कर रही है, वहीं विपक्ष ने संगीता कालिया के पक्ष में झंडा बुलंद कर दिया है। घटनाक्रम में ताजा बहस तब शुरू हुई जब प्रदेश सरकार के दो बड़े अधिकारी अनिल विज के समर्थन में उतर आए। आईएएस अशोक खेमका और प्रदीप कासनी ने भी ट्वीट कर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
खेमका ने मंत्री की तो काटजू ने कालिया की तारीफ की
अशोक खेमका ने ट्वीट कर कहा कि ‘क्या मंत्री एसपी को गलत आदेश दे रहे थे? जहां जनहित का मामला हो वहां विवाद पर राजनीतिक अनुकूलता बनाने के लिए पुलिस का उत्तरदायित्व सही नहीं है’।
ट्विटर पर ही एक सवाल के जवाब में कासनी ने कहा है कि मसला जवाबदेही का है। अवैध शराब रोकने के लिए डीएम की भी जिम्मेदारी बनती है। उधर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायधीश मारकंडेय काटजू ने संगीता कालिया की तारीफ करते हुए स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को गुंडे की संज्ञा दी है।
कांग्रेस ने मंत्री को बताया गलत
कांग्रेस प्रवक्ता रण सिंह मान ने ट्वीट के माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को घेरा है। उन्होंने कहा है कि एसपी संगीता कालिया मामले में भाजपा ने अदभुत उदाहरण प्रस्तुत किया। यदि आप में अपने मातहत लोगों से काम लेना नहीं आता तो दबंगई भी काम आ सकती है।