टोल टैक्स शुरू होते ही रोडवेज की रियायत खत्म, अब ऐसे हो रही वसूली
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हरियाणा रोडवेज ने नोटबंदी के बाद टोल टैक्स माफ होने पर किराए में दी रियायत को खत्म कर दिया है। दो दिसंबर को रात बारह बजे के बाद टोल वसूली शुरू होने पर रोडवेज ने अब पुराना किराया वसूलना शुरू कर दिया है।
शनिवार को हरियाणा परिवहन विभाग की निदेशक अनीता यादव ने इसके निर्देश जारी किए थे। देर रात से किराए में पांच रुपये प्रति टोल की गई कटौती वापस ले ली गई। रविवार को रोडवेज के सभी डिपो महाप्रबंधकों ने बस कंडक्टरों को असल किराया ही वसूलने के निर्देश दे दिए, जिन पर अमल भी शुरू हो गया है।
नोटबंदी के बाद टोल टैक्स खत्म किए जाने पर हरियाणा सरकार के निर्णय के बाद रोडवेज ने किराए में कटौती की थी। चंडीगढ़ से दिल्ली का पंद्रह रुपये और चंडीगढ़ से हिमाचल का दस रुपये किराया कम वसूला जा रहा था।
लंबी दूरी के सफर से चुकाना होगा पुराना किराया
इसके अलावा जिन मार्गों पर एक ही टोल पड़ता था, वहां पांच रुपये कम वसूले गए। रविवार को रोडवेज कंडक्टरों को सवारियों के साथ काफी माथापच्ची करनी पड़ी।
उन्हें यह समझाने में खूब दिक्कत आई कि किराया कम नहीं हुआ था, बल्कि पांच सौ और हजार के पुराने नोट बंद होने पर टोल माफी के चलते रियायत दी गई थी। हरियाणा रोडवेज की प्रतिदिन 38 सौ से अधिक बसें विभिन्न लंबी और छोटी दूरी के रूटों पर सेवाएं देती हैं।
इनके परिचालन क्षेत्र में आने वाले सभी टोल को मद्देनजर रखते हुए किराए में रियायत दी गई थी। परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार के अनुसार टोल काफी की अवधि के दौरान पूरा किराया वसूलना उचित नहीं था। चूंकि सरकार ने इसे ध्यान में रखते हुए ही किराए की दर तय की होती है।