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Budget 2017: नगर निगम को जेटली का ठेंगा, नहीं मिला अतिरिक्त बजट

Thu, 02 Feb 2017 01:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 02 Feb 2017 01:18 AM IST
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Arun jetly budget 2017, MC Chandigarh did not get any extra budget
Budget 2017 - फोटो : getty
केंद्र सरकार की ओर से चंडीगढ़ा प्रशासन को जो बजट आवंटित किया गया है, उसमें से उसने नगर निगम के लिए 419.26 करोड़ रुपये तय किए हैं। इसमें स्मार्ट सिटी के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट भी शामिल है। 
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जबकि स्मार्ट सिटी का प्रोजेक्ट नगर निगम से संबंधित नहीं रह गया है, क्योंकि इस प्रोजेक्ट को बनाने के लिए अलग से कंपनी (स्पेशल व्हीकल पर्पज) का गठन किया गया है। नगर निगम की ओर से जो अपना ड्राफ्ट बजट बनाया गया है, वह 1050 करोड़ का है। जबकि प्रशासन से नगर निगम को एक तिहाई बजट ही मिला है। अगर स्मार्ट सिटी के 100 करोड़ घटा दिया जाए तो 319 करोड़ रुपये ही बचते है।
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जबकि पिछले बजट में भी नगर निगम को 318 करोड़ मिले थे। उसमें प्लान में 84 करोड़ और नान प्लान के तहत 234 करोड़ रुपये शामिल थे। लेकिन इस बार नान प्लान और प्लान का झंझट समाप्त कर दिया गया है। जबकि नगर निगम ने प्रशासन से ग्रांट इन एड के तौर पर नए बजट में 550 करोड़ की मांग की थी।
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50 करोड़ कजौली वाटर वर्क्स के लिए

Arun jetly budget 2017, MC Chandigarh did not get any extra budget
budget - फोटो : amar ujala
50 करोड़ कजौली वाटर वर्क्स के लिए
नगर निगम कजौली वाटर वर्क्स के तहत 5 वें और छठे फेज के तहत पानी लाने के लिए जो काम कर रहा है, उसमें नगर निगम की अब तक 150 करोड़ से ज्यादा राशि खर्च हो चुकी है। लेकिन प्रशासन ने नगर निगम का जो बजट पास किया है उसमे 50 करोड़ की राशि कजौली वाटर वर्क्स के तहत अलाट की गई है।

ऐसे में अगर स्मार्ट सिटी और कजौली वाटर वर्क्स से अलग से अलाट 150 करोड़ को घटा दिया जाए तो 269 करोड़ की राशि बच जाती है। जिसमे 200 करोड़ रुपये तो अकेले नगर निगम को कर्मचारियों के वेतन, पानी सप्लाई और अन्य खर्चों के लिए ही चाहिए। पानी की सप्लाई से नगर निगम को हर साल 60 करोड़ रुपये का घाटा होता है। जबकि नगर निगम की अपनाई कमाई 100 करोड़ भी कम है।

बजट पर मांगा हुआ है सुझाव
नगर निगम ने जो ड्राफ्ट बजट तया किया है उस पर 7 फरवरी तक मेयर की ओर से सभी पार्षदों, व्यापार मंडल और फासवेक से सुझाव मांगा हुआ है। जबकि अभी तक किसी का भी कोई सुझाव नहीं आया है।
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