हार के 24 घंटे बाद सामने आए जेटली
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अरुण जेटली ने कहा कि गुरुनगरी के लोगों से मिले प्यार और आशीर्वाद के वे दिल से आभारी हैं। वे लोगों के निर्णय और जनादेश का सम्मान करते हैं। उन्होंने गुरुनगरी के लोगों को विश्वास दिलवाया कि चाहे वे चुनाव में सफल नहीं हो सके, पर लोगों से किए गए हर वायदे को पूरा किया जाएगा।
जेटली ने कहा कि केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व एनडीए और भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इसके लिए मैं देश की जनता को हार्दिक धन्यवाद देता हूं। केंद्र में बनने वाली अगली सरकार से पंजाब और अमृतसर का बनता हक लाकर दिया जाएगा। गुरुनगरी को उसके विश्व स्तरीय रुतबे के मुताबिक हर सुविधा दिलवाई जाएगी।
जेटली को काफी कुछ सुनना पड़ा
जोशी की तरफ से दावे किए गए थे कि अमृतसर से जेटली को जेतली को डेढ़ लाख की लीड से जीत दिलवाई जाएगी। जेटली को यहां तक आश्वासन दिया गया था कि अमृतसर से वे बहुत ही आसानी से जीत जाएंगे।
उनको सिर्फ नामांकन ही दाखिल करवाना है। सीट भाजपा और अकाली दल के वर्कर ही जिता कर दें देंगे। लेकिन जैसे ही कैप्टन जेटली के मुकाबले मैदान में आए तो जेटली को अमृतसर छोड़ना मुश्किल हो गया।
जेतली को अपने परिवार के सदस्यों के साथ गली-गली वोटरों से संपर्क करना पड़ा। इस दौरान भी अकाली-भाजपा नेताओं की कार्यप्रणाली को लेकर जेटली को काफी कुछ सुनना पड़ा।
दिल्ली के दिग्गजों को रास नहीं आया पंजाब
कमल शर्मा ने ली जेटली की हार की जिम्मेदारी
पंजाब भाजपा अध्यक्ष कमल शर्मा ने देश में पार्टी की जीत का जश्न मनाने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह अरुण जेटली की हार की जिम्मेदारी लेते हैं।
उन्होंने कहा कि जेटली का हारना पंजाब भाजपा, प्रदेश और अमृतसर के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि देशभर में मोदी की लहर के बावजूद पंजाब से अकाली-भाजपा गठबंधन केंद्र सरकार के गठन में उतना योगदान नहीं दे पाया, जितना होना चाहिए था।
यह लोगों का फतवा है, जिसे स्वीकार करते हुए गठबंधन सरकार को अपनी कमियों पर विचार करते हुए उनमें सुधार करना होगा। कई बड़े निर्णय लिए जाने की जरूरत है। शर्मा ने कहा कि गठबंधन सरकार को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करना होगा।
अमरिंदर सिंह के हाथों मिली हार से सकते में भाजपा
पंजाब में 2009 के लोकसभा चुनाव के मुकाबले इस बार भाजपा का प्रदर्शन बेहतर रहा। इसके बावजूद अरुण जेटली की हार के कारण प्रदेश इकाई में मायूसी का आलम है।
पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा केवल अमृतसर सीट जीती थी, जबकि इस बार इसे गुरदासपुर और होशियारपुर सीटों पर जीत हासिल हुई है।
संख्या के हिसाब से इस बार पार्टी का प्रदर्शन सुधरा लेकिन अमृतसर सीट पर पार्टी दिग्गज अरुण जेटली को कांग्रेस के कैप्टन अमरिंदर सिंह के हाथों मिली एक लाख से अधिक वोटों की हार से प्रदेश भाजपा सकते में है।
भाजपा की जीत पर भारी जेटली की हार का दर्द