'डेरा सच्चा सौदा' की खुफिया रिपोर्ट पर हाईकोर्ट हैरान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईकोर्ट में डेरा सच्चा केस की सुनवाई के दौरान आर्मी इंटेलिजेंस की की चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई। दरअसल, हाईकोर्ट ने रामपाल के केस में पिछली सुनवाई दौरान एमिकस क्यूरी से कहा था कि प्रदेश के अन्य डेरों के बारे जानकारी जुटाई जाए।
शुक्रवार को एमिकस क्यूरी ने बताया कि 13 दिसंबर 2010 को आर्मी इंटेलिजेंस ने सेना के लिए पत्र जारी कर सतर्कता बरतने की हिदायत देते हुए कहा था कि डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय सिरसा में कुछ पूर्व सैनिक डेरा पैरोकारों को हथियारों का प्रशिक्षण दे रहे हैं। कुछ मौजूदा सैनिक भी डेरे के रक्तदान शिविरों में भाग लेते हैं।
आर्मी इंटेलिजेंस ने आर्मी से कहा था कि ऐसे सैनिकों व पूर्व सैनिकों को ऐसी गतिविधियों में शामिल नहीं होने के प्रति सावधान किया जाए। आर्मी इंटेलिजेंस ने सेना से इस सूचना पर सख्ती से पालन करने की हिदायत भी दी थी।
कोर्ट में गिनाए डेरा मुखी पर लगे आरोप
डेरे में सैनिकों के आने-जाने की जानकारी देते हुए एमिकस क्यूरी ने कोर्ट से कहा कि ऐसी गतिविधियां देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। सैनिकों संभी जानकारी पर हैरानी प्रकट करते हुए बेंच ने एमिकस क्यूरी से पूछा कि डेरा कौन चलाता है?
जवाब था- गुरमीत राम रहीम। बेंच ने आगे पूछा, ‘क्या वह किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल है?’ एमिक्स क्यूरी ने बताया- कत्ल, बलात्कार के ट्रायल चल रहे हैं और चार सौ साधुओं को नपुंसक बनाने का आरोप भी लगा है
इसी बीच हरियाणा के एजी ने कोर्ट से कहा कि हरियाणा में ऐसी कोई परिस्थिति नहीं है। चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न होते रहे हैं और कभी देश को खतरे वाली स्थिति नहीं बनी है।