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Chandigarh News: सारंगपुर में एमबीबीएस के साथ पीजीआई में मल्टीलेवल पार्किंग को मंजूरी
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चंडीगढ़। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण की अध्यक्षता में शुक्रवार को पीजीआई वित्त कमेटी की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए, जिसमें मुख्य रूप से सारंगपुर में एमबीबीएस कोर्स के संचालन के साथ संस्थान में मल्टीलेवल पार्किंग के लिए टेंडर जारी करना शामिल है। वहीं परिसर में क्रिटिकल केयर ब्लॉक के निर्माण को हरी झंडी देते हुए पूर्व के ऑडिट को स्वीकृत कर नए बजट का प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। इसमें कर्मचारियों के आवास की मरम्मत के लिए मांगे गए बजट को भी मंजूरी दे दी गई है। बैठक में पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल, सांसद किरण खेर, डॉ. अतुल गुप्ता, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विपिन कौशल, डीडीए कुमार गौरव समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे। गौरतलब है कि पीजीआई के लिए एमबीबीए कोर्स के संचालन के साथ ल्टीलेवल पार्किंग का मुद्दा बेहद महत्वपूर्ण है। इससे एक तरफ जहां शहर के युवाओं का भविष्य जुड़ा है, वहीं दूसरी तरफ संस्थान में इलाज के लिए आने वाले लाखों मरीजों को सहूलियत मिलेगी। एमबीबीएस के संचालन के लिए तैयार प्रस्ताव को स्वीकार कर आशा की किरण दिखाई गई है। अब संस्थान एमबीबीएस कोर्स के संचालन के लिए केंद्र में एजेंडा पेश करेगा। जिसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। वहीं न्यू ओपीडी के सामने खाली पड़े स्थान में मल्टीलेवल पार्किंग के लिए तैयार किए गए प्रस्ताव के क्रियान्यवन के लिए टेंडर जारी कर कार्य शुरू होगा। उम्मीद जताई जा रही है कि 12 महीने के अंदर इसका निर्माण हो जाएगा। स्वास्थ्य सचिव ने फिरोजपुर सेटेलाइट सेंटर के निर्माण के लिए तैयार प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है।
बॉक्स
एमबीबीएस की राह होगी आसान
2022 जून में पीजीआई की स्थायी शैक्षणिक समिति (एसएसी) ने एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना को मंजूरी दी थी जिसमें एमबीबीएस पाठ्यक्रम चलाने के लिए सभी नैदानिक विभाग आवश्यक थे। पाठ्यक्रम को केंद्र से बजट अनुमोदन के लिए वित्त कमेटी की बैठक में पेश किया गया। चेयरमैन ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह चंडीगढ़ के युवाओं के लिए राहत की खबर है। क्योंकि अब तब एमबीबीएस के लिए उनके पास जीएमसीएच 32 के अलावा कोई और विकल्प नहीं था।
इनसेट-
गंभीर मरीजों को मिलेगा बेहतर इलाज
कमेटी ने क्रिटिकल केयर ब्लॉक के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिल गई है। कोरोना महामारी के बीच केंद्र ने इस ब्लॉक की जरूरत बताई थी। 150 बेड के इस ब्लॉक के लिए 208 करोड़ में से 20 करोड़ जारी भी कर दिया गया है। इस ब्लॉक को परिसर स्थित नर्सिंग इंस्टीट्यूट के पास खाली स्थान में बनाया जाएगा।
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इनसेट-
रेजिडेंट डॉक्टर की सीटों को भी अनुमति
बैठक में पीजीआई की ओर से विभिन्न विभागों में एमडी और डीएम कोर्स के लिए रेजिडेंट की सीटों में इजाफा के लिए पेश किए गए प्रस्ताव को भी अनुमति दे दी गई है। इसके तहत ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन, क्लीनिकल ह्यूमेटोलॉजी, ट्रॉमा एनेस्थिसिया व पीडियाट्रिक के रेजिडेंट की लगभग 50 सीटें शामिल हैं।
इनसेट-
कर्मचारियों की कमी भी होगी दूर
इस दौरान संस्थान में टेली मेडिसिन के संचालन के लिए मांगी गई तकनीकी कर्मचारियों की मांग को भी मान लिया गया है। वहीं संगरूर के सेटेलाइट सेंटर के लिए आईटी सेवा में मानव संसाधन बढ़ाने पर भी सहमति बनी है।
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एमबीबीएस की राह होगी आसान
2022 जून में पीजीआई की स्थायी शैक्षणिक समिति (एसएसी) ने एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना को मंजूरी दी थी जिसमें एमबीबीएस पाठ्यक्रम चलाने के लिए सभी नैदानिक विभाग आवश्यक थे। पाठ्यक्रम को केंद्र से बजट अनुमोदन के लिए वित्त कमेटी की बैठक में पेश किया गया। चेयरमैन ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह चंडीगढ़ के युवाओं के लिए राहत की खबर है। क्योंकि अब तब एमबीबीएस के लिए उनके पास जीएमसीएच 32 के अलावा कोई और विकल्प नहीं था।
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गंभीर मरीजों को मिलेगा बेहतर इलाज
कमेटी ने क्रिटिकल केयर ब्लॉक के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिल गई है। कोरोना महामारी के बीच केंद्र ने इस ब्लॉक की जरूरत बताई थी। 150 बेड के इस ब्लॉक के लिए 208 करोड़ में से 20 करोड़ जारी भी कर दिया गया है। इस ब्लॉक को परिसर स्थित नर्सिंग इंस्टीट्यूट के पास खाली स्थान में बनाया जाएगा।
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रेजिडेंट डॉक्टर की सीटों को भी अनुमति
बैठक में पीजीआई की ओर से विभिन्न विभागों में एमडी और डीएम कोर्स के लिए रेजिडेंट की सीटों में इजाफा के लिए पेश किए गए प्रस्ताव को भी अनुमति दे दी गई है। इसके तहत ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन, क्लीनिकल ह्यूमेटोलॉजी, ट्रॉमा एनेस्थिसिया व पीडियाट्रिक के रेजिडेंट की लगभग 50 सीटें शामिल हैं।
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कर्मचारियों की कमी भी होगी दूर
इस दौरान संस्थान में टेली मेडिसिन के संचालन के लिए मांगी गई तकनीकी कर्मचारियों की मांग को भी मान लिया गया है। वहीं संगरूर के सेटेलाइट सेंटर के लिए आईटी सेवा में मानव संसाधन बढ़ाने पर भी सहमति बनी है।