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पंजाब: ATS को मंजूरी, पकोका जैसा कानून फिर लाने की तैयारी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 25 Apr 2017 09:33 AM IST
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पकोका जैसा कानून भी फिर लाने की तैयारी
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य की जेलों में आतंकवादियों और गैंगस्टरों के बीच उभर रहे गठजोड़ को तोड़ने के लिए खुफिया विंग के तहत एंटी टेरर स्क्वॉयड (एटीएस) के गठन को मंजूरी दे दी है।
इसके साथ ही पंजाब सरकार ने यह कहते हुए आतंकवादियों एवं गैंगस्टरों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई शुरू करने का संकेत दिया है कि राज्य में अब पंजाब कंट्रोल ऑफ आर्गेनाइज्ड क्रिमिनल्स एक्ट (पीसीओसीए) जैसा ही प्रभावी कानून बनाने पर विचार किया जा रहा है। कैप्टन सरकार का कहना है कि कई संगठित अपराधी गिरोह राज्य में बीते 5-7 वर्ष से सक्रिय रहे हैं, जिन्हें राजनीतिक संरक्षण मिल रहा था।
मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने सोमवार को बताया कि आतंकवादी संगठनों और अपराधी गिरोहों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए एटीएस जरूरी है। राज्य सरकार ने दुर्दांत अपराधी गिरोहों को लाने-ले-जाने के चक्कर से बचने के लिए, मुकद्दमा चलाने वाली अदालतों को नोटिफाई करने की अपील न्यायपालिका से की है, क्योंकि गिरोहों के ये सदस्य आपसी झगड़ों और दुश्मनी के कारण एक-दूसरे को निशाना बनाकर हमले कर रहे हैं।
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इसके साथ ही पंजाब सरकार ने यह कहते हुए आतंकवादियों एवं गैंगस्टरों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई शुरू करने का संकेत दिया है कि राज्य में अब पंजाब कंट्रोल ऑफ आर्गेनाइज्ड क्रिमिनल्स एक्ट (पीसीओसीए) जैसा ही प्रभावी कानून बनाने पर विचार किया जा रहा है। कैप्टन सरकार का कहना है कि कई संगठित अपराधी गिरोह राज्य में बीते 5-7 वर्ष से सक्रिय रहे हैं, जिन्हें राजनीतिक संरक्षण मिल रहा था।
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मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने सोमवार को बताया कि आतंकवादी संगठनों और अपराधी गिरोहों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए एटीएस जरूरी है। राज्य सरकार ने दुर्दांत अपराधी गिरोहों को लाने-ले-जाने के चक्कर से बचने के लिए, मुकद्दमा चलाने वाली अदालतों को नोटिफाई करने की अपील न्यायपालिका से की है, क्योंकि गिरोहों के ये सदस्य आपसी झगड़ों और दुश्मनी के कारण एक-दूसरे को निशाना बनाकर हमले कर रहे हैं।
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जेलों के लिए केंद्र देगा सीआईएसएफ की दो कंपनियां
नाभा जेल पटियाला
प्रवक्ता के अनुसार, प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व वाली पूर्व शिअद-भाजपा सरकार ने बीते एक दशक के दौरान सूबे की जेलों में कोई भी भर्ती नहीं की। निचले स्तर पर लगभग 50 प्रतिशत पद खाली हैं। प्रौद्योगिकी के स्तर को भी ऊंचा नहीं उठाया गया, जो जेलों पर मजबूत नियंत्रण नहीं बनाए रख पाने का कारण बना। प्रवक्ता ने बताया कि कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार जेल विभाग में वार्डनों और मैटरनों की भर्ती प्रक्रिया को तेज कर रही है।
जेलों के लिए केंद्र देगा सीआईएसएफ की दो कंपनियां
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से अपील के बाद केंद्रीय गृहमंत्री ने भ, राज्य की उच्च सुरक्षा वाली जेलों जहां खूंखार आंतवादी और गैंगस्टर बंद हैं, की सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए पंजाब से दो आईआरबी कंपनियों के बदले दो सीआईएसएफ कंपनियां मुहैया करवाने पर सहमत हो गए हैं। ये अतिरिक्त कंपनियां कम से कम छह महीने के लिए जेलों में रहेंगी।
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के साथ बीते सप्ताह हुई बैठक के दौरान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आतंकवादियों और गैंगस्टरों में बढ़ रहे गठजोड़ पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि अधीक्षकों/वार्डनों सहित जेल स्टॉफ को ऐसे तत्वों से लगातार धमकियां मिल रही हैं। इस गठजोड़ ने नाभा जेल तोड़ने जैसी घटनाएं की हैं। मुख्यमंत्री ने इन स्थितियों के मद्देनजर गृहमंत्री से पंजाब की जेलों को सुरक्षित बनाने के लिए दखल देने की अपील की थी।
जेलों के लिए केंद्र देगा सीआईएसएफ की दो कंपनियां
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से अपील के बाद केंद्रीय गृहमंत्री ने भ, राज्य की उच्च सुरक्षा वाली जेलों जहां खूंखार आंतवादी और गैंगस्टर बंद हैं, की सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए पंजाब से दो आईआरबी कंपनियों के बदले दो सीआईएसएफ कंपनियां मुहैया करवाने पर सहमत हो गए हैं। ये अतिरिक्त कंपनियां कम से कम छह महीने के लिए जेलों में रहेंगी।
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के साथ बीते सप्ताह हुई बैठक के दौरान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आतंकवादियों और गैंगस्टरों में बढ़ रहे गठजोड़ पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि अधीक्षकों/वार्डनों सहित जेल स्टॉफ को ऐसे तत्वों से लगातार धमकियां मिल रही हैं। इस गठजोड़ ने नाभा जेल तोड़ने जैसी घटनाएं की हैं। मुख्यमंत्री ने इन स्थितियों के मद्देनजर गृहमंत्री से पंजाब की जेलों को सुरक्षित बनाने के लिए दखल देने की अपील की थी।
16 मार्च से अब तक 16 खूंखार गैंगस्टर पकड़े
16 मार्च से अब तक 16 खूंखार गैंगस्टर पकड़े
मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश के अधीन राज्यभर में आतंकवादियों और गैंगस्टरों के विरुद्ध शुरू की गई मुहिम के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार के 16 मार्च को कार्यभार संभालने के बाद से अब तक 16 खूंखार गैंगस्टर गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनमें से एक नाभा जेल तोड़कर भागा था। इनमें एक गैंगस्टर वह भी शामिल है, जिसने यह जेल तोड़ने में सक्रिय भूमिका निभाई थी। प्रवक्ता के अनुसार, नाभा जेल से फरार होने वाले छह आरोपियों में से चार गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इसके अलावा 14 हमलावरों में से 7 पुलिस की गिरफ्त में आ गए हैं, जिनमें से 11 पनाह देने वाले/साजिश रचने वाले/ सुविधा मुहैया करवाने वाले हैं। पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई के दौरान दो आतंकवादी इकाईयों के चार आंतकवादी भी गिरफ्तार किए गए हैं।
22 संगठित अपराधी गिरोह सक्रिय
प्रवक्ता के अनुसार, मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी अपराधी गिरोहों पर हमला करने के लिए राज्य पुलिस और खुफिया एजेंसियों को हिदायतें जारी की हैं। 15 मार्च, 2017 तक राज्य में 22 संगठित अपराधी गिरोह सक्रिय रहे हैं, जिनके 240 गैंग सदस्य थे। इनमें से 137 राज्य की विभिन्न जेलों में बंद हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, श्रेणी ‘ए’ के 12 गैंगस्टर और ‘बी’ के 10 गैंगस्टर अभी तक भगौड़े हैं। इन अपराधी गिरोहों में से अधिकतर को सियासी नेताओं का संरक्षण हासिल था और यह अंतर गिरोह हत्याएं, पैसे लेकर हत्या करने, रियल एस्टेट डेवेल्परों, नशा तस्करों, व्यापारियों, सट्टेबाजों, हवाला डीलरों, शराब के ठेकेदारों, गीतकारों आदि से पैसा लूटने, जमीनों पर कब्जे करने, फिरोती के लिए अपहरण करने और नशे व हथियारों की तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में शामिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश के अधीन राज्यभर में आतंकवादियों और गैंगस्टरों के विरुद्ध शुरू की गई मुहिम के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार के 16 मार्च को कार्यभार संभालने के बाद से अब तक 16 खूंखार गैंगस्टर गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनमें से एक नाभा जेल तोड़कर भागा था। इनमें एक गैंगस्टर वह भी शामिल है, जिसने यह जेल तोड़ने में सक्रिय भूमिका निभाई थी। प्रवक्ता के अनुसार, नाभा जेल से फरार होने वाले छह आरोपियों में से चार गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इसके अलावा 14 हमलावरों में से 7 पुलिस की गिरफ्त में आ गए हैं, जिनमें से 11 पनाह देने वाले/साजिश रचने वाले/ सुविधा मुहैया करवाने वाले हैं। पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई के दौरान दो आतंकवादी इकाईयों के चार आंतकवादी भी गिरफ्तार किए गए हैं।
22 संगठित अपराधी गिरोह सक्रिय
प्रवक्ता के अनुसार, मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी अपराधी गिरोहों पर हमला करने के लिए राज्य पुलिस और खुफिया एजेंसियों को हिदायतें जारी की हैं। 15 मार्च, 2017 तक राज्य में 22 संगठित अपराधी गिरोह सक्रिय रहे हैं, जिनके 240 गैंग सदस्य थे। इनमें से 137 राज्य की विभिन्न जेलों में बंद हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, श्रेणी ‘ए’ के 12 गैंगस्टर और ‘बी’ के 10 गैंगस्टर अभी तक भगौड़े हैं। इन अपराधी गिरोहों में से अधिकतर को सियासी नेताओं का संरक्षण हासिल था और यह अंतर गिरोह हत्याएं, पैसे लेकर हत्या करने, रियल एस्टेट डेवेल्परों, नशा तस्करों, व्यापारियों, सट्टेबाजों, हवाला डीलरों, शराब के ठेकेदारों, गीतकारों आदि से पैसा लूटने, जमीनों पर कब्जे करने, फिरोती के लिए अपहरण करने और नशे व हथियारों की तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में शामिल रहे हैं।