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Punjab: पीटीयू के वीसी के पद पर डॉ. सुशील मित्तल की नियुक्ति को हाईकोर्ट में चुनौती, सरकार से जवाब तलब
Thu, 03 Aug 2023 11:17 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 03 Aug 2023 11:17 PM IST
सार
याची ने बताया कि चयन समिति ने इस पद के लिए आवेदन करने वाले किसी अन्य व्यक्ति का इंटरव्यू तक नहीं लिया और न ही चयन के बाद यह बताया गया कि किस प्रक्रिया के तहत इसे अंजाम दिया गया है। नियुक्ति की सिफारिश करते हुए भी इससे संतुष्ट होने का कोई आधार नहीं बताया गया है।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी (पीटीयू) जालंधर के वीसी के तौर पर डॉ. सुशील मित्तल की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार और यूनिवर्सिटी को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
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याचिका दाखिल करते हुए एडवोकेट एचसी अरोड़ा ने बताया कि पीटीयू के वीसी पद पर नियुक्ति करने के लिए जो चयन समिति बनाई गई थी वह यूजीसी के नियमों के खिलाफ थी। यूजीसी के अनुसार इस समिति का हिस्सा केवल उच्च शिक्षा के क्षेत्र से संबंध रखने वाले लोग ही हो सकते हैं।
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चांसलर ने इस नियुक्ति को मंजूरी देते हुए अपने आदेश में लिखा है कि दो साल से यह पद खाली है और छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए ही इसे मंजूरी दी जा रही है। इसके साथ ही विभाग को भविष्य में सचेत रहने की हिदायत भी दी है। डॉ. सुशील मित्तल केमिस्ट्री में स्नातकोत्तर हैं और ऐसे में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र से संबंधित नहीं हैं। ऐसे में उनकी नियुक्ति को रद्द कर पद से हटाना चाहिए।
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याची ने बताया कि चयन समिति ने इस पद के लिए आवेदन करने वाले किसी अन्य व्यक्ति का इंटरव्यू तक नहीं लिया और न ही चयन के बाद यह बताया गया कि किस प्रक्रिया के तहत इसे अंजाम दिया गया है। नियुक्ति की सिफारिश करते हुए भी इससे संतुष्ट होने का कोई आधार नहीं बताया गया है। ऐसे में यह नियुक्ति यूजीसी के नियमों के खिलाफ है और इसे रद्द किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलें सुनने के बाद इस मामले में पंजाब सरकार व यूनिवर्सिटी को अगली सुनवाई पर पक्ष रखने का आदेश दिया है।