चंडीगढ़ः कोरोना महामारी ने बढ़ाया खुद पर भरोसा और अपना व्यापार शुरू करने वालों की संख्या बढ़ी
- तीन महीने में 11 गुना बढ़े जीएसटीआईएन के आवेदन
- अप्रैल में 26 लोगों ने जीएसटी नंबर लिया था, जुलाई में 299 ने किया आवेदन
- जीएसटी आइडेंटिफिकेशन नंबर वही लेता है, जो नए व्यापार शुरू करता है
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कंपनियों के साथ व्यापार करने के लिए उन्होंने जीएसटी आइडेंटिफिकेशन नंबर के लिए आवेदन कर दिया है। यह अकेले सुरेश की कहानी नहीं, उनके जैसे ऐसे कई लोग हैं, जिन्होंने लॉकडाउन के बाद खुद का काम शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है।
इसी का नतीजा है कि चंडीगढ़ में नए जीएसटी आइडेंटिफिकेशन नंबर लेने वालों की संख्या अप्रैल के मुकाबले जुलाई में 11 गुना बढ़ गई है। चंडीगढ़ के वस्तु एवं सेवाकर विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल में 26 लोगों ने जीएसटी आइडेंटिफिकेशन नंबर लिया था जबकि जुलाई में 299 लोगों ने।
लॉकडाउन व अनलॉक के दौर की बात करें तो चार महीनों में कुल 612 लोगों ने जीएसटी आइडेंटिफिकेशन नंबर (जीएसटीआईएन) के लिए आवेदन किया है। इसका मतलब है कि कोरोना के बाद लोगों ने नए व्यापार की ओर तेजी से कदम बढ़ाए हैं। जीएसटी नंबर तभी लिया जाता है, जब किसी को नया व्यापार शुरू करना होता है।
क्यों जरूरी है जीएसटीआईएन
कोई भी व्यापार शुरू करने के लिए जीएसटी आइडेंटिफिकेशन निंबर लेना अनिवार्य होता है। बिना जीएसटीआईएन के किसी बड़ी कंपनी को सामान नहीं बेच सकते। यदि कोई कंपनी बिना जीएसटीआईएन वाली कंपनी से सामान खरीदती है तो उस पर लगने वाले जीएसटी का भुगतान खुद उसे ही करना होगा।
ऐसी स्थिति में कंपनियां उन्हीं कंपनियों से व्यापार करती हैं, जिनका जीएसटीआईएन होता है। इसका मतलब यह भी हुआ कि यदि कोई काम या डिस्ट्रीब्यूशन शुरू करते हैं तो आप कंपनियों को तब तक सामान नहीं बेच नहीं पाएंगे, जब तक आपके पास जीएसटी आइडेंटिफिकेशन नंबर नहीं होगा। ग्राहकों को सामान बेच सकते हैं, इसमें कोई परेशानी नहीं आएगी।
सैनिटाइजर, ग्लव्ज और मास्क उत्पादन पर जोर
वस्तु एवं सेवाकर विभाग की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, कोरोना आने से हैंड सैनिटाइजर, ग्लव्ज, मास्क और फेस शील्ड की डिमांड काफी बढ़ी है। इस समय अन्य उत्पादों के उत्पादन ठप पड़े हैं या नाम मात्र के हो रहे हैं। ऐसे में लोगों ने उन उत्पाद की ओर से कदम बढ़ाया है, जिसकी ज्यादा डिमांड थी।
जीएसटी आइडेंटिफिकेशन नंबर लेने वाले ज्यादा लोगों ने सैनिटाइजर, ग्लव्ज, मास्क और फेस शील्ड का बिजनेस शुरू किया है। इससे यह भी फायदा होगा कि ये लोग दूसरे लोगों को रोजगार भी दे सकेंगे।
किसी महीने कितने जीएसटीआईएन पंजीकरण
मई 78
जून 209
जुलाई 299
जीएसटी आइडेंटिफिकेशन नंबर लेने वालों की संख्या में बढ़ोतरी का मतलब है कि शहर में नए व्यापार शुरू हुए हैं। जीएसटीआईएन लेने से व्यापार करने में सहूलियत होती है। इससे कंपनियों के साथ व्यापार करने में आसानी होती है। बड़ी कंपनियां भी तभी संपर्क करेंगी, जब आइडेंटिफिकेशन जीएसटी नंबर होगा।
- अमित गोयल, जीएसटी विशेषज्ञ, चंडीगढ़
यह अच्छी बात है। संक्रमण से व्यापार पर काफी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा था, लेकिन अब धीरे धीरे बाजार में सुधार हो रहा है। चार महीने में नए जीएसटी आइडेंटिफिकेशन नंबर लेने वालों की संख्या में भी काफी बढ़ोतरी हो रही है।
- आरके चौधरी, असिस्टेंट कमिश्नर, वस्तु एवं सेवाकर विभाग, चंडीगढ़