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Chandigarh News: राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार के लिए 31 अगस्त तक आवेदन
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चंडीगढ़। केंद्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल https://awards.gov.in के माध्यम से राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार देने के लिए देश भर से ऑनलाइन नामांकन आमंत्रित किए जा रहे हैं। राज्य के इच्छुक किसान पशुपालक 31 अगस्त तक पोर्टल पर अपने आवेदन भेज सकते हैं। 26 नवंबर को राष्ट्रीय दुग्ध दिवस पर ये पुरस्कार दिए जाएंगे। इसमें पहले स्थान के लिए पांच लाख रुपये, दूसरे स्थान के लिए तीन लाख रुपये व तीसरे स्थान के लिए दो लाख रुपये नकद दिए जाएंगे।
प्रवक्ता ने बताया कि स्वदेशी गो जातीय नस्लों का वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण और विकास करने के उद्देश्य से देश में पहली बार दिसंबर 2014 में राष्ट्रीय गोकुल मिशन (आरजीएम) की शुरुआत की गई थी।
आरजीएम के तहत, दूध उत्पादक किसानों, डेरी सहकारी समितियों, एफपीओ और कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियनों (एआईटी) को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभाग की ओर से तीन श्रेणियों में राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार देने की योजना है। इसमें पंजीकृत स्वदेशी मवेशी, मुर्रा भैंस नस्लों को पालने वाले सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान, सर्वश्रेष्ठ डेरी सहकारी समितियां (डीसीएस), दूध उत्पादक कंपनी (एमपीसी), डेयरी किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) व सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन (एआईटी) को शामिल किया गया है।
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प्रवक्ता ने बताया कि स्वदेशी गो जातीय नस्लों का वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण और विकास करने के उद्देश्य से देश में पहली बार दिसंबर 2014 में राष्ट्रीय गोकुल मिशन (आरजीएम) की शुरुआत की गई थी।
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आरजीएम के तहत, दूध उत्पादक किसानों, डेरी सहकारी समितियों, एफपीओ और कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियनों (एआईटी) को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभाग की ओर से तीन श्रेणियों में राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार देने की योजना है। इसमें पंजीकृत स्वदेशी मवेशी, मुर्रा भैंस नस्लों को पालने वाले सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान, सर्वश्रेष्ठ डेरी सहकारी समितियां (डीसीएस), दूध उत्पादक कंपनी (एमपीसी), डेयरी किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) व सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन (एआईटी) को शामिल किया गया है।
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