इस साल भी चंडीगढ़ को नहीं मिलेगा पद्म अवार्ड!
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चंडीगढ़ की झोली में इस बार भी पद्म अवार्ड नहीं आएगा। प्रशासन के नजरिए को देखकर ऐसा ही लग रहा है। गणतंत्र दिवस पर 2016 में मिलने वाले पद्म अवार्ड में शहर की किस हस्ती का नाम शामिल हो, अभी इसे लेकर संशय की स्थिति है। यूटी प्रशासन को 15 सितंबर तक गृह मंत्रालय के पास पद्म अवार्ड की लिस्ट भेजनी है।
सोमवार शाम को प्रशासन ने शार्टलिस्ट नाम यूटी प्रशासक प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी के पास अप्रूवल के लिए भेजे हैं। प्रशासक की मुहर के बाद ही नाम दिल्ली भेजे जाएंगे। पिछले कई साल से प्रशासन की लेटलतीफी के कारण शहर की झोली में पद्म अवार्ड नहीं आ पा रहे।
प्रशासन की ओर से हर साल अंतिम क्षणों में ही लिस्ट भेजी जाती है। 2012 में तो लिस्ट देरी से भेजने के कारण गृह मंत्रालय की पद्म सिलेक्शन कमेटी ने लिस्ट को निरस्त कर दिया था। लेकिन प्रशासन द्वारा पिछले अनुभवों के सीख नहीं ली जा रही।
12 हस्तियों ने किया है आवेदन
पद्म अवार्ड के लिए शहर के विभिन्न क्षेत्रों की जानी मानी 12 हस्तियों ने प्रशासन के पास आवेदन किया है। सभी नामों पर विचार करने से पहले डीसी के माध्यम से उनकी पुलिस वेरिफिकेशन कराई गई है। डीसी ने सभी आवेदकों के बारे में पुलिस में दर्ज मामलों का भी जिक्र किया है। सूत्रों के अनुसार इस साल आवेदन करने वाले 2 लोगों के खिलाफ पुलिस में मामले दर्ज हैं।
पद्म अवार्ड के लिए आवेदन करने वालों में डा. अनिल कुमार गुप्ता, पंडित यशपाल शर्मा, जीएस विरदी, अमित भट्टाचार्य, एमआर जिंदल, डा.रानी बलबीर कौर, कमलजीत सिंह पंछी, प्रो.मंजू जैदका, राजेंद्र बग्गा, गौरव शर्मा, हरिंद्र पाल सिंह और जीबीएस सोढी के नाम शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार 5 आवेदन की सिफारिश सांसद किरण खेर के माध्यम सीधे मिनिस्ट्री में की गई है।
इन्हें मिल चुका है पद्म पुरस्कार :
चंडीगढ़ से अभी तक जिन्हें पद्म अवार्ड मिल चुका है, उनमें डॉ. जेएस ग्रेवाल (पद्मश्री), डॉ. आरके साबू (पद्मश्री), केएल जाकिर (पद्मश्री), डॉ. केके तलवार (पद्म विभूषण), हीरा लाल सिब्बल (पद्म भूषण), डॉ. एचएस चावला (पद्म श्री), डॉ. बीएन गोस्वामी (पद्म भूषण), डॉ. जेएस चोपड़ा (पद्म भूषण), प्रो. आरसी सोबती (पद्मश्री) और डॉ. केएस चुग (पदमश्री) शामिल हैं।
दूसरे राज्यों के खाते से पा रहे अवार्ड
2013 में चंडीगढ़ निवासी स्वर्गीय जसपाल भट्टी को मरणोपरांत पद्म भूषण अवार्ड देने की घोषणा हुई। लेकिन, यह अवार्ड चंडीगढ़ के खाते की जगह पंजाब के खाते से दिया गया। हालांकि पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री पवन कुमार बंसल ने भट्टी का नाम प्रस्तावित किया था।
2014 में पीजीआई के एडवांस आई केयर सेंटर के प्रोफेसर आमोद गुप्ता को पद्म श्री अवार्ड के लिए चुना गया। लेकिन, यह अवार्ड भी चंडीगढ़ के खाते में न आकर हरियाणा के खाते में आया। डॉ. गुप्ता पंचकूला निवासी है। शहर में पले बढ़े क्रिकेटर युवराज सिंह का अवार्ड भी हरियाणा के खाते से ही मिला था।
हर साल आखिरी दिन नाम भेजने की आदत
चंडीगढ़ प्रशासन ने 2014 पद्म पुरस्कार के लिए पांच नाम शार्टलिस्ट किए थे, लेकिन प्रशासक शिवराज पाटिल ने इनमें से सिर्फ पीयू फिजिक्स विभाग के एमिरेट्स प्रोफेसर एचएस हंस का नाम भी मंजूर कर पद्म अवार्ड कमेटी को भेजा था। 2013 साल प्रशासन ने पद्म अवार्ड के लिए नाम भेजने में देरी कर दी थी। इस वजह से प्रशासन की ओर से भेजे गए दो नामों पर पद्म अवार्ड कमेटी ने विचार ही नहीं किया था।