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हाईकोर्ट पहुंचा आधार कार्ड डाटा लीक मामला, SIT से जांच करवाने की अपील
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 10 Jan 2018 09:54 AM IST
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आधार कार्ड
- फोटो : File Photo
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आधार कार्ड का डाटा 500 रुपये में लीक होने और 300 रुपये और देकर उसकी प्रिंटिंग का अधिकार मिलने से जुड़े समाचार को आधार बनाते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका के माध्यम से इस पूरे मामले की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से करवाने की अपील की गई है।
याचिका में कहा गया है कि आधार कार्ड का डाटा लीक होना एक गंभीर विषय हैं क्योंकि इसमें हर व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी उपलब्ध है। ऐसे में इस प्रकार डाटा लीक होना लोगों की निजता का हनन तो है ही साथ ही यह राष्ट्रीय सुरक्षा केलिए भी बड़ा खतरा है। याचिका में एक अखबार में छपे समाचार का हवाला देकर बताया गया कि आपका आधार नंबर सेफ नहीं है।
इस समाचार में दावा किया गया है महज 500 रुपये में 10 मिनट के भीतर एक एजेंट ने अखबार के रिपोर्टर को एक अरब से अधिक लोगों की आधार कार्ड की एक्सेस दे दी। इसके लिए एजेंट ने उन्हें एक गेटवे दिया जिसपर लॉग इन आईडी और पासवर्ड के माध्यम से एंट्री कर किसी की भी पर्सनल जानकारी आधार कार्ड के माध्यम से देखी जा सकती है। पर्सनल जानकारी में नाम, पता, पोस्टल कोड, फोटो, नंबर, ई-मेल आदि देखा जा सकता है।
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याचिका के अनुसार यह राष्ट्रीय सुरक्षा में बड़ी चूक है। याचिका के अनुसार इस समाचार के बाद यूआईडीएआई ने समाचार पत्र के रिपोर्टर के खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया। याचिका में इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की गई है। हाईकोर्ट इस याचिका पर बुधवार को सुनवाई करेगा।
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याचिका में कहा गया है कि आधार कार्ड का डाटा लीक होना एक गंभीर विषय हैं क्योंकि इसमें हर व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी उपलब्ध है। ऐसे में इस प्रकार डाटा लीक होना लोगों की निजता का हनन तो है ही साथ ही यह राष्ट्रीय सुरक्षा केलिए भी बड़ा खतरा है। याचिका में एक अखबार में छपे समाचार का हवाला देकर बताया गया कि आपका आधार नंबर सेफ नहीं है।
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इस समाचार में दावा किया गया है महज 500 रुपये में 10 मिनट के भीतर एक एजेंट ने अखबार के रिपोर्टर को एक अरब से अधिक लोगों की आधार कार्ड की एक्सेस दे दी। इसके लिए एजेंट ने उन्हें एक गेटवे दिया जिसपर लॉग इन आईडी और पासवर्ड के माध्यम से एंट्री कर किसी की भी पर्सनल जानकारी आधार कार्ड के माध्यम से देखी जा सकती है। पर्सनल जानकारी में नाम, पता, पोस्टल कोड, फोटो, नंबर, ई-मेल आदि देखा जा सकता है।
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याचिका के अनुसार यह राष्ट्रीय सुरक्षा में बड़ी चूक है। याचिका के अनुसार इस समाचार के बाद यूआईडीएआई ने समाचार पत्र के रिपोर्टर के खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया। याचिका में इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की गई है। हाईकोर्ट इस याचिका पर बुधवार को सुनवाई करेगा।
पत्रकार पर पर्चा दर्ज करने की सीएम ने की निंदा
Captain Amarinder Singh
- फोटो : File Photo
पत्रकार पर पर्चा दर्ज करने की सीएम ने की निंदा
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आधार से संबंधित खबर केलिए पत्रकार पर परचा दर्ज किए जाने की निंदा की है। साथ ही पत्रकार समुदाय केरोष प्रदर्शन का समर्थन किया है। कैबिनेट मंत्री तृप्त रजिंदर बाजवा, प्रदेश कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ और सीएम के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने इस मुद्दे पर पत्रकारों के रोष प्रदर्शन में पहुंच कर हिमायत की।
जाखड़ ने मीडिया पर हमले की निंदा करते हुए गौरी लंकेश प्रकरण का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को आधार प्रणाली की कमियों को ठीक करना चाहिए। ताकि निजता की सुरक्षा को हर हाल में यकीनी बनाया जा सके। आधार डाटा में सेंध से जुड़े मामले की गहराई से जांच की जानी चाहिए।
एक लोकतांत्रिक सरकार को मीडिया की आवाज को दबाना शोभा नहीं देता। पत्रकार ने तो सिर्फ अपना फर्ज निभाया है, उस पर एफआईआर दर्ज करवाना घिनौनी कार्रवाई है।
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आधार से संबंधित खबर केलिए पत्रकार पर परचा दर्ज किए जाने की निंदा की है। साथ ही पत्रकार समुदाय केरोष प्रदर्शन का समर्थन किया है। कैबिनेट मंत्री तृप्त रजिंदर बाजवा, प्रदेश कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ और सीएम के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने इस मुद्दे पर पत्रकारों के रोष प्रदर्शन में पहुंच कर हिमायत की।
जाखड़ ने मीडिया पर हमले की निंदा करते हुए गौरी लंकेश प्रकरण का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को आधार प्रणाली की कमियों को ठीक करना चाहिए। ताकि निजता की सुरक्षा को हर हाल में यकीनी बनाया जा सके। आधार डाटा में सेंध से जुड़े मामले की गहराई से जांच की जानी चाहिए।
एक लोकतांत्रिक सरकार को मीडिया की आवाज को दबाना शोभा नहीं देता। पत्रकार ने तो सिर्फ अपना फर्ज निभाया है, उस पर एफआईआर दर्ज करवाना घिनौनी कार्रवाई है।