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ऐप कैब पॉलिसी मंजूर, किए गए ये प्रावधान, दर्ज कराएं आपत्ति
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Updated Wed, 03 Aug 2016 10:24 PM IST
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- फोटो : demo pic
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एप कैब पॉलिसी 18 अगस्त तक आमजन अपनी आपत्तियां दर्ज करवा सकते हैं। आपत्तियों को दूर करने के बाद इस पॉलिसी को शहर में लागू कर दिया जाएगा। यूटी प्रशासक प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी पहले ही पॉलिसी को मंजूरी दे चुके हैं। ट्रांसपोर्ट सचिव केके जिंदल ने जानकारी देते हुए बताया कि शहर में एप कैब टैक्सी यानी मोबाइल एप के जरिए ऑपरेट की जाने वाली टैक्सियों की तादाद काफी बढ़ गई थी। लेकिन इनके ऑपरेट करने और रजिस्ट्रेशन की अभी तक कोई पॉलिसी नहीं थी।
लोगों केलिए इन टैक्सियों को महफूज बनाने के लिए ऑन डिमांड ट्रांसपोर्टेशन पॉलिसी बनाई है। जिसमें एप कैब भी कवर होंगी। अभी शहर में ओला, उबर, टैक्सी फॉर श्योर जैसी कंपनियां अपनी सर्विस दे रही हैं। पॉलिसी में सबसे पहले एप कैब आपरेटर को कंपनी एक्ट-2013 के तहत कंपनी का रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा। कंपनी रजिस्ट्रड करवाने के लिए आपरेटर के पास कम से कम 100 एप कैब टैक्सी होनी चाहिए। एप कैब संचालक के पास 24 घंटे कॉल सेंटर की सुविधा होनी चाहिए। सभी शर्तों को पूरा करने पर ही आपरेटर को शहर में एप कैब चलाने का परमिट दिया जाएगा। यह परमिट 5 साल के लिए दिया जाएगा। एसटीए के पास सभी टैक्सियों और ड्राइवर का रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा। पंजाब और हरियाणा की कैब को चंडीगढ़ में प्रवेश पर तिमाही 1 हजार रुपया सेवाशुल्क देना होगा।
लाइसेंस के लिए एसटीए ने तय की फीस
कंपनी को लाइसेंस के लिए 2 लाख रुपये फीस चुकानी होगी। लाइसेंस रिन्यूल फीस 1 लाख, डुपलिकेट लाइसेंस 25 हजार, लाइसेंस ट्रांसफर 25 हजार और किसी अपील के लिए 5 हजार रुपए फीस चुकानी होगी। कंपनी को सिक्योरिटी भी जमा करवानी होगी। 100 टैक्सी तक 1 लाख रुपए, 500 टैक्सी तक ऑपरेट करने पर 2 लाख और 500 से अधिक पर 5 लाख रुपये सिक्योरिटी फीस एसटीए के पास जमा होगी।
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लोगों केलिए इन टैक्सियों को महफूज बनाने के लिए ऑन डिमांड ट्रांसपोर्टेशन पॉलिसी बनाई है। जिसमें एप कैब भी कवर होंगी। अभी शहर में ओला, उबर, टैक्सी फॉर श्योर जैसी कंपनियां अपनी सर्विस दे रही हैं। पॉलिसी में सबसे पहले एप कैब आपरेटर को कंपनी एक्ट-2013 के तहत कंपनी का रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा। कंपनी रजिस्ट्रड करवाने के लिए आपरेटर के पास कम से कम 100 एप कैब टैक्सी होनी चाहिए। एप कैब संचालक के पास 24 घंटे कॉल सेंटर की सुविधा होनी चाहिए। सभी शर्तों को पूरा करने पर ही आपरेटर को शहर में एप कैब चलाने का परमिट दिया जाएगा। यह परमिट 5 साल के लिए दिया जाएगा। एसटीए के पास सभी टैक्सियों और ड्राइवर का रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा। पंजाब और हरियाणा की कैब को चंडीगढ़ में प्रवेश पर तिमाही 1 हजार रुपया सेवाशुल्क देना होगा।
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लाइसेंस के लिए एसटीए ने तय की फीस
कंपनी को लाइसेंस के लिए 2 लाख रुपये फीस चुकानी होगी। लाइसेंस रिन्यूल फीस 1 लाख, डुपलिकेट लाइसेंस 25 हजार, लाइसेंस ट्रांसफर 25 हजार और किसी अपील के लिए 5 हजार रुपए फीस चुकानी होगी। कंपनी को सिक्योरिटी भी जमा करवानी होगी। 100 टैक्सी तक 1 लाख रुपए, 500 टैक्सी तक ऑपरेट करने पर 2 लाख और 500 से अधिक पर 5 लाख रुपये सिक्योरिटी फीस एसटीए के पास जमा होगी।
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