चंडीगढ़: अब साइकिल चलाने के लिए नहीं देना होगा शुल्क, बस ध्यान रखनी होगी ये बात
एक घंटे की फ्री सवारी के बाद साइकिल को स्टैंड पर खड़ा करना होगा। इसके बाद अनलॉक कर फिर घंटे भर के लिए दोबारा ले सकते हैं।
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चंडीगढ़ की सड़कों पर अब लोग मुफ्त साइकिल चला सकते हैं लेकिन सिर्फ एक घंटे के लिए। एक घंटे बाद आपको स्टैंड पर साइकिल खड़ी करनी होगी। इसके बाद आप फिर से इसे अनलॉक कर घंटे भर के लिए ले जा सकते हैं। स्मार्ट सिटी के तहत शहर में कई सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। साइकिल फॉर चैलेंज भी इसी का हिस्सा था, जो 31 मई को खत्म हो गया।
कंपनी के चेयरमैन डीवी मनोहर ने बताया कि एक जून से साइकिलों का संचालन निशुल्क कर दिया गया है। अपने 46 हजार 339 सक्रिय सदस्यों को संदेश भेजकर इसकी जानकारी भी दे दी है। अब साइकिल चलाने पर उनके खाते से कोई शुल्क नहीं काटा जा रहा है। साइकिल चलाने की कोई समय सीमा नहीं है लेकिन लोगों को प्रत्येक एक घंटे बाद साइकिल स्टैंड पर खड़ी करके दोबारा अनलॉक करनी पड़ेगी। इस तरह कोई व्यक्ति चाहे तो दिन भर साइकिल इस्तेमाल कर सकता है। चोरी होने या लोग साइकिल घर न ले जाएं इस असुविधा से बचने के लिए कंपनी ने यह नियम लागू किया है। बता दें कि पहले कंपनी एक घंटे के लिए 10 रुपये शुल्क लेती थी।
चंडीगढ़ साइकिल लाने के लिए चेन्नई से मांगेगा अनुमति
लॉकडाउन के कारण साइकिल शेयरिंग प्रोजेक्ट के अंतर्गत आने वाली साइकिलें चेन्नई फंसी हैं। इन साइकिलों के न आने से प्रोजेक्ट में लगातार देरी हो रही है। कंपनी की मांग पर स्मार्ट सिटी चेन्नई नगर निगम को पत्र लिखकर जल्द साइकिल लाने की अनुमति मांगेगा। ताकि शहर में जल्द साइकिल शेयरिंग प्रोजेक्ट शुरू हो सके। ज्ञात हो कि साइकिल शेयरिंग प्रोजेक्ट कंपनी को पिछले साल ही शुरू करना था, लेकिन कोरोना महामारी के कारण माल चंडीगढ़ नहीं आ सका और प्रोजेक्ट लटक गया।
130 नए साइकिल स्टैंड बनेंगे, 1025 साइकिलें चलेंगी
प्रोजेक्ट मैनेजर अभिनंदन ने बताया कि कंपनी की ओर से बताया गया कि साइकिल फॉर चैलेंज के तहत 25 डॉकिंग स्टेशन से 225 साइकिल चलानी थीं। पहले फेज के लिए 130 नए साइकिल स्टैंड बनाए जा रहे हैं। 1025 साइकिलें मंगवाई जा रही हैं। शहर में 155 डॉकिंग स्टेशन से कुल 1250 साइकिलें चलेंगी। कंपनी को चार फेज में 5 हजार साइकिलें संचालित करनी हैं। अधिकारियों का कहना है कि चेन्नई से माल आने के बाद दो माह में प्रोजेक्ट का पहला फेज शुरू कर देंगे।
पहले से ज्यादा आरामदायक होगी साइकिल
लोगों को नई साइकिलों में और भी आराम मिलेगा। कंपनी ने पहले देखा कि ई साइकिल का बैकअप कम था और पैडल वाली साइकिल में मशक्कत ज्यादा करनी पड़ रही थी। बीच में ही बैकअप खत्म होने से साइकिल छोड़नी पड़ती थी। नई साइकिलों में बैकअप ज्यादा होने से लोग लंबी दूरी तक इसका फायदा उठा सकेंगे।
कंपनी की तरफ से चेन्नई से माल न आने की समस्या बताई गई है। बात शहर के लोगों की सुविधा की है तो इसमें हमारी ओर से हस्तक्षेप करके जल्द से जल्द माल चेन्नई से निकालने के लिए पत्र लिखेंगे। ताकि प्रोजेक्ट का पहला फेज शुरू हो सके। - केके यादव, सीईओ, स्मार्ट सिटी