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गरीब परिवारों को पहले ही नहीं मिल रहा राशन, सरकार की नीतियों से डिपो संचालक भी तंग: अनुराग ढांडा
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अनुराग ढांडा ने शनिवार को प्रदेश के लाखों गरीब परिवारों को राशन न मिलने पर हरियाणा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जहां पहले से ही प्रदेश में गरीबों को राशन नहीं मिल रहा। वहीं, हरियाणा के राशन डिपो संचालकों ने भी अब अपनी मांगों को लेकर हड़ताल का ऐलान कर दिया है। पहली जनवरी से प्रदेश के सभी राशन डिपो संचालक बेमियादी हड़ताल पर रहेंगे। इससे प्रदेश के गरीब परिवार वालों के लिए और मुसीबत बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के डिपो होल्डर सरकार की ओर से पहली अगस्त, 2022 को जारी नए नियमों से आहत हैं। उनका कहना है कि नए नियमों से उनके हितों और अधिकारों का हनन होगा। सरकार ने 300 राशन कार्डों पर एक डिपो का लाइसेंस देने का निर्णय लिया है, जबकि पहले 600 से 1200 राशन कार्डों पर राशन डिपो का लाइसेंस देने के नियम थे। हरियाणा की फेडरेशन ने पुराने नियमों को बहाल करने की मांग की है। वहीं, डिपो संचालकों की मांग है कि उनको संविदा कर्मचारी घोषित कर सभी उम्रदराज डिपो संचालकों को पत्रकारों की तर्ज पर 15 हजार रुपये मासिक पेंशन और 10 लाख रुपये तक बीमा योजना का लाभ भी दिया जाए। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार को डिपो संचालकों की जायज मांगों को पूरा करना चाहिए, ताकि गरीब परिवारों को कोई समस्या न झेलनी पड़े और उन्हें समय पर राशन मिल सके। ढांडा ने आरोप लगाया कि भाजपा राज में प्रदेश में गरीबों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उसके बाद भी सरकार ने बीते साढ़े नौ सालों से कोई योजना नहीं बनाई है। ऐसे में गरीबों की संख्या बढ़कर 1.26 करोड़ से बढ़कर 1.68 करोड़ तक पहुंच गई है।
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चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अनुराग ढांडा ने शनिवार को प्रदेश के लाखों गरीब परिवारों को राशन न मिलने पर हरियाणा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जहां पहले से ही प्रदेश में गरीबों को राशन नहीं मिल रहा। वहीं, हरियाणा के राशन डिपो संचालकों ने भी अब अपनी मांगों को लेकर हड़ताल का ऐलान कर दिया है। पहली जनवरी से प्रदेश के सभी राशन डिपो संचालक बेमियादी हड़ताल पर रहेंगे। इससे प्रदेश के गरीब परिवार वालों के लिए और मुसीबत बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के डिपो होल्डर सरकार की ओर से पहली अगस्त, 2022 को जारी नए नियमों से आहत हैं। उनका कहना है कि नए नियमों से उनके हितों और अधिकारों का हनन होगा। सरकार ने 300 राशन कार्डों पर एक डिपो का लाइसेंस देने का निर्णय लिया है, जबकि पहले 600 से 1200 राशन कार्डों पर राशन डिपो का लाइसेंस देने के नियम थे। हरियाणा की फेडरेशन ने पुराने नियमों को बहाल करने की मांग की है। वहीं, डिपो संचालकों की मांग है कि उनको संविदा कर्मचारी घोषित कर सभी उम्रदराज डिपो संचालकों को पत्रकारों की तर्ज पर 15 हजार रुपये मासिक पेंशन और 10 लाख रुपये तक बीमा योजना का लाभ भी दिया जाए। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार को डिपो संचालकों की जायज मांगों को पूरा करना चाहिए, ताकि गरीब परिवारों को कोई समस्या न झेलनी पड़े और उन्हें समय पर राशन मिल सके। ढांडा ने आरोप लगाया कि भाजपा राज में प्रदेश में गरीबों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उसके बाद भी सरकार ने बीते साढ़े नौ सालों से कोई योजना नहीं बनाई है। ऐसे में गरीबों की संख्या बढ़कर 1.26 करोड़ से बढ़कर 1.68 करोड़ तक पहुंच गई है।
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