तीसरी लहर: खतरे की जद में है पंजाब की 37 फीसदी आबादी, टीकाकरण पर जोर देगा स्वास्थ्य विभाग
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार संक्रमण की तीसरी लहर अगस्त के अंत तक आ सकती है। हालांकि पंजाब में संक्रमण को लेकर अभी हालात काबू में हैं। राज्य में संक्रमण की दर 0.10 प्रतिशत पर पहुंच गई है। इसके साथ ही 8 से ज्यादा जिलों में संक्रमण दर जीरो है। इन सबके बाद भी विभाग पूरी तैयारी में जुटा है।
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पंजाब में 37 फीसदी आबादी कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की जद में है। इसका कारण यह है कि पहली और दूसरी लहर में ये लोग संक्रमण की जद में नहीं आ पाए, जिससे शरीर में एंटीबॉडी ही नहीं बन पाई। सेहत महकमे ने एहतियातन ऐसे लोगों के टीकाकरण पर जोर देने की कार्ययोजना बनाई है।
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने हाल ही में पंजाब के चार जिलों में सीरो सर्वे करवाया था। इसमें यह खुलासा हुआ था कि राज्य की 63.15 फीसदी आबादी में कोविड एंटीबॉडी बन गई है। स्वास्थ्य कर्मचारियों में 83.25 फीसदी एंटीबॉडी बनी है।
चारों जिलों में आम जनसंख्या के हिसाब से लुधियाना में 71 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी बनी। सर्वे के दौरान जो आंकड़े सामने आए हैं उसमें सबसे चिंताजनक बात यह है कि राज्य के 37 प्रतिशत ऐसे लोग हैं जिन्हें कोरोना संक्रमण हुआ ही नहीं। अगर तीसरी लहर आती है तो ये लोग सबसे पहले इसकी चपेट में आएंगे।
हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार वे संक्रमण से कितने गंभीर होंगे इस बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ऐसे लोगों को प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही लोगों को भीड़ वाले स्थानों से परहेज करने और सुरक्षित शारीरिक दूरी बनाने की अपील की जा रही है।
कितनी तैयार है पंजाब सरकार
दूसरी लहर में संक्रमण दर से सबक लेते हुए पंजाब सरकार इस बार पहले से ही तैयारियों में जुट गई है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने तीसरी लहर के लिए 380 करोड़ रुपये की राशि को मंजूरी दी है। इसका उपयोग ऑक्सीजन संयंत्र और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को स्थापित करने के लिए किया जाएगा।
सूबे में 37 फीसदी ऐसे लोग हैं जिन्हें संक्रमण नहीं हुआ है, उन्हें संक्रमित होने की संभावनाएं ज्यादा हैं। ऐसे लोगों के बचाव के रूप में टीकाकरण कराने पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। साथ ही उनसे भीड़ वाले स्थानों और बिना मास्क के बाहर न निकलने की अपील की जा रही है। - डॉ. राजेश भास्कर, नोडल अधिकारी, कोविड-19, पंजाब।