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डीएवी कॉलेज में दूसरे दिन असामाजिक तत्वों ने तोड़ा छात्र की गाड़ी का शीशा
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चंडीगढ़। सेक्टर-10 स्थित डीएवी कॉलेज में वीरवार को भी असामाजिक तत्वों ने एक छात्र की गाड़ी का शीशा तोड़ दिया। छात्रों ने आरोप लगाया कि जिस युवक ने गाड़ी पर पत्थर मारा, उसने सोई का स्टीकर लगा रखा था। जिस छात्र की गाड़ी का शीशा तोड़ा गया है वह छात्र संगठन एचएसए से जुड़ा है।
एचएसए के कार्यकर्ताओं ने वीरवार को कॉलेज के बाहर धरना देकर मारपीट करने वाले छात्रों पर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान पुराने नेताओं और वकील भी धरने में शामिल हुए। उधर, छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने कॉलेज परिसर के बाहर आईआरबी समेत पुलिस के 50 जवान तैनात कर दिए हैं।
छात्रों का आरोप है कि शीशा तोड़ने के बाद सोई के एक सदस्य ने एचएसए के सदस्य को फोन कर बताया गया कि उन्हें लगा कि आज वो उन्हें पीटने आए हैं इसलिए उनकी स्टीकर लगी गाड़ी का शीशा तोड़ दिया। वहीं सोई के नेताओं का कहना है कि लड़ाई में शामिल युवकों का सोई से कोई संबंध नहीं है। डीएवी कॉलेज में सोई सक्रिय ही नहीं हैं।
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उधर, एचएसए के एक सदस्य ने बताया कि छात्रों को चोट लगने के बावजूद पुलिस ने वीरवार को पूरे दिन थाने में बैठाकर रखा और केस दर्ज नहीं किया। वहीं हमला करने वाले छात्र गायब थे और उनके फोन भी बंद आ रहे थे। आरोप लगाया कि पुलिस ने मारपीट करने वाले छात्रों के घर फोन करने के बजाय घायल छात्रों के घर फोन किया।
डीडीआर दर्ज, थाना प्रभारी बोले-बाहरी लोग भड़का रहे छात्रों को
सेक्टर-3 थाना प्रभारी सुखद्वीप ने कहा कि कॉलेज के छात्रों की अधिक गलती नहीं है। वीडियो फुटेज के आधार पर मारपीट में शामिल युवकों की पहचान की जा रही है, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। छात्र संगठनों से जुड़े युवकों को बाहरी राजनीतिक लोग भड़का रहे हैं। अगर छात्र मारपीट जैसी गतिविधियों में शामिल होते हैं और उन पर पुलिस कार्रवाई होती है तो उनका अकादमिक भविष्य खराब हो सकता है। बुधवार को भी एक छात्र की गाड़ी का शीशा तोड़ दिया गया, आरोपी की पहचान की जा रही है। मामले में डीडीआर दर्ज कर ली गई है।
कोट्स :
जिन छात्रों के साथ मारपीट हुई है, वह एचएसए के वोटर हैं। नेतागिरी से उनका कोई लेनादेना नहीं। ये छात्र अकादमिक गतिविधियों में भी अच्छे हैं। इसके बावजूद उन्हें पूरे दिन थाने में बैठाकर रखा गया। उन्हें कई टांके भी लगाए गए हैं। पुलिस को मामले में आरोपी छात्रों पर कार्रवाई करनी चाहिए। - लक्षित, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष, एचएसए
डीएवी कॉलेज में लड़ाई में शामिल युवकों का सोई से कोई लेनादेना नहीं। उन्होंने ऐसे ही संगठन के स्टीकर लगाए थे। कॉलेज में सोई अधिक सक्रिय है ही नहीं, फिर लड़ाई-झगड़े में क्यों शामिल होंगे।
- चेतन चौधरी, सोई इलेक्शन इंचार्ज, पीयू
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एचएसए के कार्यकर्ताओं ने वीरवार को कॉलेज के बाहर धरना देकर मारपीट करने वाले छात्रों पर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान पुराने नेताओं और वकील भी धरने में शामिल हुए। उधर, छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने कॉलेज परिसर के बाहर आईआरबी समेत पुलिस के 50 जवान तैनात कर दिए हैं।
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छात्रों का आरोप है कि शीशा तोड़ने के बाद सोई के एक सदस्य ने एचएसए के सदस्य को फोन कर बताया गया कि उन्हें लगा कि आज वो उन्हें पीटने आए हैं इसलिए उनकी स्टीकर लगी गाड़ी का शीशा तोड़ दिया। वहीं सोई के नेताओं का कहना है कि लड़ाई में शामिल युवकों का सोई से कोई संबंध नहीं है। डीएवी कॉलेज में सोई सक्रिय ही नहीं हैं।
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उधर, एचएसए के एक सदस्य ने बताया कि छात्रों को चोट लगने के बावजूद पुलिस ने वीरवार को पूरे दिन थाने में बैठाकर रखा और केस दर्ज नहीं किया। वहीं हमला करने वाले छात्र गायब थे और उनके फोन भी बंद आ रहे थे। आरोप लगाया कि पुलिस ने मारपीट करने वाले छात्रों के घर फोन करने के बजाय घायल छात्रों के घर फोन किया।
डीडीआर दर्ज, थाना प्रभारी बोले-बाहरी लोग भड़का रहे छात्रों को
सेक्टर-3 थाना प्रभारी सुखद्वीप ने कहा कि कॉलेज के छात्रों की अधिक गलती नहीं है। वीडियो फुटेज के आधार पर मारपीट में शामिल युवकों की पहचान की जा रही है, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। छात्र संगठनों से जुड़े युवकों को बाहरी राजनीतिक लोग भड़का रहे हैं। अगर छात्र मारपीट जैसी गतिविधियों में शामिल होते हैं और उन पर पुलिस कार्रवाई होती है तो उनका अकादमिक भविष्य खराब हो सकता है। बुधवार को भी एक छात्र की गाड़ी का शीशा तोड़ दिया गया, आरोपी की पहचान की जा रही है। मामले में डीडीआर दर्ज कर ली गई है।
कोट्स :
जिन छात्रों के साथ मारपीट हुई है, वह एचएसए के वोटर हैं। नेतागिरी से उनका कोई लेनादेना नहीं। ये छात्र अकादमिक गतिविधियों में भी अच्छे हैं। इसके बावजूद उन्हें पूरे दिन थाने में बैठाकर रखा गया। उन्हें कई टांके भी लगाए गए हैं। पुलिस को मामले में आरोपी छात्रों पर कार्रवाई करनी चाहिए। - लक्षित, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष, एचएसए
डीएवी कॉलेज में लड़ाई में शामिल युवकों का सोई से कोई लेनादेना नहीं। उन्होंने ऐसे ही संगठन के स्टीकर लगाए थे। कॉलेज में सोई अधिक सक्रिय है ही नहीं, फिर लड़ाई-झगड़े में क्यों शामिल होंगे।
- चेतन चौधरी, सोई इलेक्शन इंचार्ज, पीयू