{"_id":"682650b45cebc228c0095d95","slug":"anti-bribery-management-system-chandigarh-news-c-16-pkl1043-710126-2025-05-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: पब्लिक डीलिंग ऑफिसों में लागू होगा एंटी ब्राइबरी मैनेजमेंट सिस्टम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: पब्लिक डीलिंग ऑफिसों में लागू होगा एंटी ब्राइबरी मैनेजमेंट सिस्टम
विज्ञापन
चंडीगढ़। पब्लिक डीलिंग ऑफिसों को अब कामकाज में पारदर्शिता और ईमानदारी सुनिश्चित करनी होगी। यूटी प्रशासन ने सभी पब्लिक डीलिंग ऑफिसों को एंटी ब्राइबरी मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने के आदेश दिए हैं। इसके बाद उन्हें भारतीय मानक ब्यूरो से प्रमाणपत्र भी प्राप्त करना होगा। वहीं, नगर निगम ने पाइप पेयजल आपूर्ति प्रणाली के प्रमाणन के लिए आवेदन किया है। अगर यह प्रमाणन मिल जाता है तो चंडीगढ़ देश का पहला शहर होगा, जिसकी पेयजल प्रणाली पूरी तरह से बीआईएस मानकों के अनुरूप मानी जाएगी।
यूटी प्रशासन के मुख्य सचिव राजीव वर्मा की अध्यक्षता में वीरवार को राज्य स्तरीय मानकीकरण समिति की बैठक हुई। इसमें भारतीय मानक ब्यूरो (उत्तर भारत) की उपमहानिदेशक स्नेह लता भी उपस्थित रहीं। मुख्य सचिव ने सभी पब्लिक डीलिंग ऑफिसों के अधिकारियों को कहा कि वह तुरंत अपने दफ्तरों में एंटी ब्राइबरी मैनेजमेंट सिस्टम को लागू कर (आईएसओ 37001) प्रमाणन प्राप्त करें। आईएसओ 37001 एक अंतरराष्ट्रीय सर्टिफिकेट है, जो कंपनियों और दफ्तरों को यह दिखाने में मदद करता है कि वे रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठा रहे हैं।
इसका मतलब है कि जिस विभाग या कंपनी के पास यह सर्टिफिकेट है, उसने अपने यहां ऐसे नियम और तरीके बनाए हैं, जिससे कोई भी कर्मचारी या पार्टनर रिश्वत न दे और न ही ले सके। इससे विभाग की छवि अच्छी बनती है और लोगों का भरोसा बढ़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
यूटी प्रशासन के मुख्य सचिव राजीव वर्मा की अध्यक्षता में वीरवार को राज्य स्तरीय मानकीकरण समिति की बैठक हुई। इसमें भारतीय मानक ब्यूरो (उत्तर भारत) की उपमहानिदेशक स्नेह लता भी उपस्थित रहीं। मुख्य सचिव ने सभी पब्लिक डीलिंग ऑफिसों के अधिकारियों को कहा कि वह तुरंत अपने दफ्तरों में एंटी ब्राइबरी मैनेजमेंट सिस्टम को लागू कर (आईएसओ 37001) प्रमाणन प्राप्त करें। आईएसओ 37001 एक अंतरराष्ट्रीय सर्टिफिकेट है, जो कंपनियों और दफ्तरों को यह दिखाने में मदद करता है कि वे रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठा रहे हैं।
विज्ञापन
इसका मतलब है कि जिस विभाग या कंपनी के पास यह सर्टिफिकेट है, उसने अपने यहां ऐसे नियम और तरीके बनाए हैं, जिससे कोई भी कर्मचारी या पार्टनर रिश्वत न दे और न ही ले सके। इससे विभाग की छवि अच्छी बनती है और लोगों का भरोसा बढ़ता है।
विज्ञापन