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सड़क से हाईकोर्ट तक पहुंची प्रॉपर्टी टैक्स के खिलाफ जंग
अमर उजाला, मोहाली
Updated Wed, 27 Nov 2013 12:58 PM IST
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प्रॉपर्टी टैक्स के खिलाफ एक तरफ सड़कों पर लड़ाई चल रही है। तो दूसरी तरफ अब कानूनी जंग भी तेज हो गई है।
प्रॉपर्टी टैक्स के खिलाफ मंगलवार को हाईकोर्ट में एक और जनहित याचिका दायर की गई।
यह याचिका फेज दो की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने अपने प्रधान हरदेव जटाना के जरिए दायर की है। सोमवार को पूर्व पार्षद कुलजीत बेदी भी हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुके हैं।
जटाना द्वारा दायर याचिका में निकाय विभाग के सचिव व डायरेक्टर, गमाडा सीए व डीसी को पार्टी बनाया गया है। याचिका में कहा गया है कि खेतीबाड़ी की जमीन एक्वायर करके मोहाली में रिहायशी, कॉमर्शियल व इंडस्ट्रियल एरिया विकसित किया गया था।
पार्क, सड़कें, सीवरेज सिस्टम की सहूलियत दी गई। इन सुविधाओं के लिए अलॉटियों से जमीन की कीमत के साथ ही चार्ज ले लिए गए थे। 1994 में एनएसी बनी तो रखरखाव का काम एनएसी के पास आ गया। फिर नगर काउंसिल और बाद में नगर निगम बन गया। 2006 में गमाडा अस्तित्व में आया, जिसके पास प्लॉटों की नीलामी, ट्रांसफर, सीएलयू, नक्शे पास करने का काम है।
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याचिका में कहा गया है कि गमाडा के पास इतना फंड है कि टैक्स लगाने की जरूरत ही नहीं। फिर शहर में चंडीगढ़ और पंचकूला के मुकाबले ज्यादा टैक्स लगाया गया है। याचिका में यह भी दलील दी गई है कि अभी नगर निगम में निर्वाचित सदन नहीं है। उसमें फैसले के बाद ही टैक्स पर कोई कदम उठाना उचित है। यह भी दलील दी गई है कि टैक्स मौजूदा कलेक्टर रेट पर लगाया जा रहा है, जो बहुत ज्यादा है। प्लॉट 30-40 साल पहले खरीदे गए थे।
बेदी की याचिका पर सुनवाई आज
पूर्व पार्षद कुलजीत बेदी ने भी सोमवार को अपने वकील के जरिए हाईकोर्ट में प्रॉपर्टी टैक्स के खिलाफ जनहित याचिका दायर की थी। जिसमें विभिन्न दलीलें देते हुए मोहाली को टैक्स से राहत देने की अपील की गई थी। इस याचिका पर सुनवाई बुधवार को होगी।
फेज दो में हुआ रोष मार्च
प्रॉपर्टी टैक्स के खिलाफ सिटिजंस वेलफेयर एंड डेवलपमेंट फोरम द्वारा छेड़े संघर्ष के तहत मंगलवार को फेज दो में रोष मार्च निकाला गया है। इलाके की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान जीएस मान की अगुवाई में लोग कम्यूनिटी सेंटर के पास जमा हुए। उसके बाद इलाके की सभी गलियों में जाकर लोगों को जागरूक किया गया। इस मौके फोरम के प्रधान सतवीर धनोआ भी थे।
प्रॉपर्टी टैक्स एक करोड़ पार
एक तरफ प्रॉपर्टी टैक्स के खिलाफ सड़कों से लेकर अदालत तक लड़ाई चल रही है। दूसरी तरफ प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली भी तेजी से बढ़ रही है। मंगलवार को शहर के विभिन्न कैंपों में प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में 27.50 लाख रुपये जमा कराए गए। इसके साथ ही निगम के पास अब तक प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में 1.05 करोड़ रुपये आ चुके हैं। तीस नवंबर तक टैक्स पर छूट है। इसलिए निगम को उम्मीद है कि अगले चार दिनों के दौरान बड़ी संख्या में लोग टैक्स जमा कराएंगे।
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प्रॉपर्टी टैक्स के खिलाफ मंगलवार को हाईकोर्ट में एक और जनहित याचिका दायर की गई।
यह याचिका फेज दो की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने अपने प्रधान हरदेव जटाना के जरिए दायर की है। सोमवार को पूर्व पार्षद कुलजीत बेदी भी हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुके हैं।
जटाना द्वारा दायर याचिका में निकाय विभाग के सचिव व डायरेक्टर, गमाडा सीए व डीसी को पार्टी बनाया गया है। याचिका में कहा गया है कि खेतीबाड़ी की जमीन एक्वायर करके मोहाली में रिहायशी, कॉमर्शियल व इंडस्ट्रियल एरिया विकसित किया गया था।
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पार्क, सड़कें, सीवरेज सिस्टम की सहूलियत दी गई। इन सुविधाओं के लिए अलॉटियों से जमीन की कीमत के साथ ही चार्ज ले लिए गए थे। 1994 में एनएसी बनी तो रखरखाव का काम एनएसी के पास आ गया। फिर नगर काउंसिल और बाद में नगर निगम बन गया। 2006 में गमाडा अस्तित्व में आया, जिसके पास प्लॉटों की नीलामी, ट्रांसफर, सीएलयू, नक्शे पास करने का काम है।
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याचिका में कहा गया है कि गमाडा के पास इतना फंड है कि टैक्स लगाने की जरूरत ही नहीं। फिर शहर में चंडीगढ़ और पंचकूला के मुकाबले ज्यादा टैक्स लगाया गया है। याचिका में यह भी दलील दी गई है कि अभी नगर निगम में निर्वाचित सदन नहीं है। उसमें फैसले के बाद ही टैक्स पर कोई कदम उठाना उचित है। यह भी दलील दी गई है कि टैक्स मौजूदा कलेक्टर रेट पर लगाया जा रहा है, जो बहुत ज्यादा है। प्लॉट 30-40 साल पहले खरीदे गए थे।
बेदी की याचिका पर सुनवाई आज
पूर्व पार्षद कुलजीत बेदी ने भी सोमवार को अपने वकील के जरिए हाईकोर्ट में प्रॉपर्टी टैक्स के खिलाफ जनहित याचिका दायर की थी। जिसमें विभिन्न दलीलें देते हुए मोहाली को टैक्स से राहत देने की अपील की गई थी। इस याचिका पर सुनवाई बुधवार को होगी।
फेज दो में हुआ रोष मार्च
प्रॉपर्टी टैक्स के खिलाफ सिटिजंस वेलफेयर एंड डेवलपमेंट फोरम द्वारा छेड़े संघर्ष के तहत मंगलवार को फेज दो में रोष मार्च निकाला गया है। इलाके की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान जीएस मान की अगुवाई में लोग कम्यूनिटी सेंटर के पास जमा हुए। उसके बाद इलाके की सभी गलियों में जाकर लोगों को जागरूक किया गया। इस मौके फोरम के प्रधान सतवीर धनोआ भी थे।
प्रॉपर्टी टैक्स एक करोड़ पार
एक तरफ प्रॉपर्टी टैक्स के खिलाफ सड़कों से लेकर अदालत तक लड़ाई चल रही है। दूसरी तरफ प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली भी तेजी से बढ़ रही है। मंगलवार को शहर के विभिन्न कैंपों में प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में 27.50 लाख रुपये जमा कराए गए। इसके साथ ही निगम के पास अब तक प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में 1.05 करोड़ रुपये आ चुके हैं। तीस नवंबर तक टैक्स पर छूट है। इसलिए निगम को उम्मीद है कि अगले चार दिनों के दौरान बड़ी संख्या में लोग टैक्स जमा कराएंगे।