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Chandigarh News: जीएमसीएच 32 में नर्सिंग अफसरों की नियुक्तियों में सामने आई एक और गड़बड़ी
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चंडीगढ़। जीएमसीएच-32 में नर्सिंग अफसर की नियुक्तियों में हुई गड़बड़ी के मामले में एक के बाद एक नया खुलासा हो रहा है। फर्जी उम्मीदवारों के पकड़े जाने के बाद गड़बड़ी की परतें खुलने लगी हैं। नर्सिंग नियुक्ति में ओबीसी आरक्षण का मनमाने तरीके से लाभ उठाने की बात भी सामने आई है। चौंकाने वाली बात यह है कि 2018 से अब तक हुई नर्सिंग अफसरों की नियुक्ति में सबसे ज्यादा ओबीसी आरक्षण का लाभ उठाने वालों में राजस्थान के उम्मीदवार शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार नर्सिंग में भर्ती के लिए आवेदन करने वालों में एम्स और ऐसे अन्य उच्च संस्थानों में नौकरी करने वाले अभ्यर्थी ज्यादा हैं, जबकि वहां उनकी वार्षिक आय सात लाख से ज्यादा थी। उनमें से कई ऐसे हैं, जिनके परिवार के अन्य सदस्य भी कहीं न कहीं नौकरी करते हैं। ऐसे में ओबीसी आरक्षण के आठ लाख वार्षिक आय को दरकिनार कर वे किसी न किसी तरह नौकरी हासिल कर रहे हैं।
2018 के बाद 2022 में भी राजस्थान का दबदबा
ओबीसी आरक्षण को लेकर जीएमसीएच 32 में पूर्व में की गई नियुक्तियों पर गौर करें तो स्थिति चौंकाने वाली है। 2018 में नर्सिंग की हुई 150 नियुक्तियों में अकेले राजस्थान के ओबीसी आरक्षण के अंतर्गत चयनित उम्मीदवार 72 थे जबकि 2022 में 182 पदों पर हुई नियुक्तियों में भी राजस्थान के लाभार्थियों ने इसका भरपूर लाभ उठाया है। इनमें से चयनित 40 उम्मीदवाराें ने फर्जीवाड़े में जांच शुरू के बाद से अब तक नियुक्ति नहीं ली है। इससे भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। अस्पताल के अधिकारियों, डॉक्टरों और कर्मचारियों का कहना है कि मामले की हर स्तर पर बारीकी से जांच होनी चाहिए। विशेष रूप से राजस्थान के चयनित उम्मीदवारों के दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई फर्जीवाड़ा करने की कोशिश भी न करे।
समान वेतन में कम काम का लालच
ओबीसी आरक्षण को हथियार बनाने वाले उम्मीदवारों का बड़े संस्थान को छोड़कर जीएमसीएच 32 आने का मुख्य उद्देश्य काम के दबाव से बचना है। जीएमसीएच 32 के ही अफसरों का कहना है कि यहां के नर्सिंग अफसर एम्स की तर्ज पर वेतन प्राप्त कर रहे हैं लेकिन उन्हें वहां की तुलना में आधे से भी कम काम करना पड़ रहा है इसलिए वे वहां की नौकरी छोड़कर यहां आने में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं।
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फर्जीवाड़े की चल रही जांच
जीएमसीएच-32 में 2022 में हुई नर्सों की नियुक्ति में चार फर्जी उम्मीदवार पकड़े गए हैं। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जीएमसीएच 32 ने पुलिस को सभी कागजात उपलब्ध करा दिए हैं। एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। मामले में राजस्थान से अब तक तीन आरोपी पकड़े जा चुके हैं और जांच जारी है।
2010 से अब तक 4 बार हुईं नियुक्तियां
2010 से अब तक जीएमसीएच 32 में चार बार में नर्सिंग की लगभग 500 पदाें पर नियुक्ति की गई है। अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों के अनुसार चार बार की प्रक्रिया में सफल होने वाले 90 प्रतिशत उम्मीदवार सिर्फ राजस्थान के हैं। इतना ही नहीं, उनमें से कई बार तो राजस्थान के एक ही गांव या शहर के 10 से 20 उम्मीदवार चयनित किए जा चुके हैं। सूत्रों का कहना है कि एक गांव या शहर से दर्जनभर से ज्यादा उम्मीदवारों के चुने जाने पर पहले भी आपत्ति जताई गई थी लेकिन मामले को दबा दिया गया।
इस बार की नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया एक नजर में
- 182 पद
- 28 अगस्त 2022 को 39 केंद्रों पर परीक्षा
- 10594 उम्मीदवार हुए शामिल
- तीन चरण में हुई लिखित परीक्षा
- 4 फर्जी उम्मीदवारों को पकड़ा गया
- मामले पर 6 सदस्यीय जांच कमेटी गठित
मामले पर लगातार अस्पताल प्रशासन से अपडेट लिया जा रहा है। फाइनल रिपोर्ट के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
- यशपाल गर्ग, स्वास्थ्य सचिव
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2018 के बाद 2022 में भी राजस्थान का दबदबा
ओबीसी आरक्षण को लेकर जीएमसीएच 32 में पूर्व में की गई नियुक्तियों पर गौर करें तो स्थिति चौंकाने वाली है। 2018 में नर्सिंग की हुई 150 नियुक्तियों में अकेले राजस्थान के ओबीसी आरक्षण के अंतर्गत चयनित उम्मीदवार 72 थे जबकि 2022 में 182 पदों पर हुई नियुक्तियों में भी राजस्थान के लाभार्थियों ने इसका भरपूर लाभ उठाया है। इनमें से चयनित 40 उम्मीदवाराें ने फर्जीवाड़े में जांच शुरू के बाद से अब तक नियुक्ति नहीं ली है। इससे भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। अस्पताल के अधिकारियों, डॉक्टरों और कर्मचारियों का कहना है कि मामले की हर स्तर पर बारीकी से जांच होनी चाहिए। विशेष रूप से राजस्थान के चयनित उम्मीदवारों के दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई फर्जीवाड़ा करने की कोशिश भी न करे।
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समान वेतन में कम काम का लालच
ओबीसी आरक्षण को हथियार बनाने वाले उम्मीदवारों का बड़े संस्थान को छोड़कर जीएमसीएच 32 आने का मुख्य उद्देश्य काम के दबाव से बचना है। जीएमसीएच 32 के ही अफसरों का कहना है कि यहां के नर्सिंग अफसर एम्स की तर्ज पर वेतन प्राप्त कर रहे हैं लेकिन उन्हें वहां की तुलना में आधे से भी कम काम करना पड़ रहा है इसलिए वे वहां की नौकरी छोड़कर यहां आने में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं।
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फर्जीवाड़े की चल रही जांच
जीएमसीएच-32 में 2022 में हुई नर्सों की नियुक्ति में चार फर्जी उम्मीदवार पकड़े गए हैं। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जीएमसीएच 32 ने पुलिस को सभी कागजात उपलब्ध करा दिए हैं। एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। मामले में राजस्थान से अब तक तीन आरोपी पकड़े जा चुके हैं और जांच जारी है।
2010 से अब तक 4 बार हुईं नियुक्तियां
2010 से अब तक जीएमसीएच 32 में चार बार में नर्सिंग की लगभग 500 पदाें पर नियुक्ति की गई है। अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों के अनुसार चार बार की प्रक्रिया में सफल होने वाले 90 प्रतिशत उम्मीदवार सिर्फ राजस्थान के हैं। इतना ही नहीं, उनमें से कई बार तो राजस्थान के एक ही गांव या शहर के 10 से 20 उम्मीदवार चयनित किए जा चुके हैं। सूत्रों का कहना है कि एक गांव या शहर से दर्जनभर से ज्यादा उम्मीदवारों के चुने जाने पर पहले भी आपत्ति जताई गई थी लेकिन मामले को दबा दिया गया।
इस बार की नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया एक नजर में
- 182 पद
- 28 अगस्त 2022 को 39 केंद्रों पर परीक्षा
- 10594 उम्मीदवार हुए शामिल
- तीन चरण में हुई लिखित परीक्षा
- 4 फर्जी उम्मीदवारों को पकड़ा गया
- मामले पर 6 सदस्यीय जांच कमेटी गठित
मामले पर लगातार अस्पताल प्रशासन से अपडेट लिया जा रहा है। फाइनल रिपोर्ट के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
- यशपाल गर्ग, स्वास्थ्य सचिव