{"_id":"7c9d24b7417a3e27703236d78b58dead","slug":"animals-were-to-buy-fake-notes-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नकली नोटों से खरीदते थे पशु ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नकली नोटों से खरीदते थे पशु
ब्यूरा/अमर उजाला/ यमुनानगर।
Updated Mon, 25 Aug 2014 12:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डिडेक्टिव स्टाफ द्वारा पकड़े गए नकली नोटों के सौदागर पशु पालकों को नकली नोट थमाकर उनसे पशु खरीदते थे।
यह खुलासा पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में हुआ है। पुलिस अब तक नकली नोटों के कारोबार से जुड़े नौ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें एक महिला भी है। पकड़े गए आरोपियों में से दो पूंडरी और हिसार, जींद और कैथल के एक-एक आरोपी हैं। इनसे अब तक 10 लाख 20 हजार रुपये नकली नोट बरामद किए जा चुके हैं।
नकली नोटों की जांच में जुटे डिडेक्टिव स्टाफ ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर गत 20 फरवरी को विश्वकर्मा चौक से पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के प्रदीप और विष्णु मंडल को दो लाख 62 हजार रुपये के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था।
विष्णु गत 5 अगस्त को 10 लाख रुपये के नकली नोटों के साथ पकड़ी गई चंचल का भाई है। पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश किया, जहां से विष्णु मंडल को जेल भेज दिया गया और प्रदीप को 12 दिन की रिमांड पर लिया गया। प्रदीप से की गई पूछताछ के बाद पुलिस ने जींद के राजबीर, हिसार के सत्यवान, कैथल के जय प्रकाश और पूंडरी के सत्यवान और ऋषिपाल को करीब 58 हजार रुपये के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया।
विज्ञापन
पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को बताया कि प्रदीप और विष्णु उन्हें 500 और एक हजार रुपये के नकली नोट देेते थे। इन नोटों से वह पशु पालकों से पशु खरीदते थे। पशु पालकों को नकली नोटों की पहचान नहीं हो पाती थी, जिससे वे आसानी से नकली नोटाें को खपा देते थे। पकड़े गए आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। डिडेक्टिव स्टाफ के इंचार्ज नरेश ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही और खुलासा होने की उम्मीद है।
गत 5 अगस्त को पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर साढौरा के पहाड़ीपुर इलाके से दस लाख की जाली करेंसी के साथ एक दंपति को गिरफ्तार किया था। आरोपी दंपति मूल रूप से जिला मुजफ्फरनगर के शामली गांव खंदरावली का रहने वाला है। पकड़े गए संदीप और चंचल मोटरसाइकिल पर जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोककर तलाशी ली तो उनके पास से हजार-हजार रुपये के दस बंडल बरामद हुए, जो जांच करने पर नकली पाए गए। ये दोनों फिलहाल पानीपत की नलवा कॉलोनी में रह रहे थे।
विज्ञापन
यह खुलासा पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में हुआ है। पुलिस अब तक नकली नोटों के कारोबार से जुड़े नौ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें एक महिला भी है। पकड़े गए आरोपियों में से दो पूंडरी और हिसार, जींद और कैथल के एक-एक आरोपी हैं। इनसे अब तक 10 लाख 20 हजार रुपये नकली नोट बरामद किए जा चुके हैं।
नकली नोटों की जांच में जुटे डिडेक्टिव स्टाफ ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर गत 20 फरवरी को विश्वकर्मा चौक से पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के प्रदीप और विष्णु मंडल को दो लाख 62 हजार रुपये के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
विष्णु गत 5 अगस्त को 10 लाख रुपये के नकली नोटों के साथ पकड़ी गई चंचल का भाई है। पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश किया, जहां से विष्णु मंडल को जेल भेज दिया गया और प्रदीप को 12 दिन की रिमांड पर लिया गया। प्रदीप से की गई पूछताछ के बाद पुलिस ने जींद के राजबीर, हिसार के सत्यवान, कैथल के जय प्रकाश और पूंडरी के सत्यवान और ऋषिपाल को करीब 58 हजार रुपये के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया।
विज्ञापन
पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को बताया कि प्रदीप और विष्णु उन्हें 500 और एक हजार रुपये के नकली नोट देेते थे। इन नोटों से वह पशु पालकों से पशु खरीदते थे। पशु पालकों को नकली नोटों की पहचान नहीं हो पाती थी, जिससे वे आसानी से नकली नोटाें को खपा देते थे। पकड़े गए आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। डिडेक्टिव स्टाफ के इंचार्ज नरेश ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही और खुलासा होने की उम्मीद है।
गत 5 अगस्त को पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर साढौरा के पहाड़ीपुर इलाके से दस लाख की जाली करेंसी के साथ एक दंपति को गिरफ्तार किया था। आरोपी दंपति मूल रूप से जिला मुजफ्फरनगर के शामली गांव खंदरावली का रहने वाला है। पकड़े गए संदीप और चंचल मोटरसाइकिल पर जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोककर तलाशी ली तो उनके पास से हजार-हजार रुपये के दस बंडल बरामद हुए, जो जांच करने पर नकली पाए गए। ये दोनों फिलहाल पानीपत की नलवा कॉलोनी में रह रहे थे।