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गर्मी से चिड़ियाघर में पशु-पक्षी बेहाल, भालू को फ्रूट क्रीम बाकी को ग्लूकोन-डी

Sat, 15 Apr 2017 09:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जीरकपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, जीरकपुर Updated Sat, 15 Apr 2017 09:28 AM IST
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animals during summer
जानवरों पर भी दिखने लगा गर्मी का असर - फोटो : अमर उजाला
जैसे-जैसे पारा बढ़ रहा है छतबीड़ जू में जानवर भी गर्मी से परेशान होने लगे हैं। भीषण गर्मी के प्रकोप से बचाने के लिए उन्हें ग्लूकोन-डी पिलाया जा रहा है। जानवरों को गर्मी से बचाने के लिए छतबीड़ प्रबंधन द्वारा कई उपाय किए हैं। जानवरों के लिए जहां कूलर, तालाबों में पानी और पानी फेंकने वाले पंखों व फव्वारों का प्रबंध किया गया है। वहीं, जानवरों के खाने में भी बदलाव किया गया है। भालू को प्रबंधन की ओर से खाने में फ्रूट क्रीम दी जा रही है तो बाकी जानवरों को ग्लूकोज और ग्लूकोन-डी भी पिलाया जा रहा है। 
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छतबीड़ चिड़ियाघर के डायरेक्टर मनीष कुमार ने बताया कि मार्च में ही गर्मी की तैयारी पूरी कर ली जाती है। उन्होंने कहा कि हम 48 डिग्री तक तापमान जाने के अनुमान को लेकर अपनी तैयारी करते हैं। छतबीड़ के अंदर मौजूद जानवरों में सबसे ज्यादा गर्मी हिमालयन भालू को लगती है और उसके बाद पक्षी इस श्रेणी में आते हैं। जबकि शेर और चीता थोड़े स्ट्रांग होते हैं, इसलिए अप्रैल की गर्मी बर्दाश्त कर सकते हैं। इसी तरह, तालाबों में जहां पानी पूरा किया गया है तो वहीं शेरों व चीतों के लिए कूलर लगाए गए हैं। 
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शेर और चीतों के लिए कूलर और फव्वारों का इंतजाम

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जानवरों पर भी दिखने लगा गर्मी का असर - फोटो : अमर उजाला
वहीं, पक्षियों व भालू के बाडे़ में ऊंचाई से पानी फेंकने वाले पंखे व फव्वारे लगाए गए हैं, जो कि पारे में एक से दो डिग्री का फर्क डालने में कारगर साबित होते हैं। जानवरों की डाइट में ठंडी चीजें, जैसे फ्रूट क्रीम, ठंडी खीर के अलावा कई चीजें शामिल की गई है। उन्होंने आगे बताया कि जब पारा चढ़ेगा तो भालू के लिए बर्फ की सिल्ली का भी प्रबंध किया जाएगा। एकाएक मौसम में उतार-चढ़ाव से भी फर्क पड़ता है।

जैसे कि गत दिनों बारिश के कारण मौसम एकदम ठंडा हो गया। ऐसे में, जानवरों के बीमार होने का भी खतरा होता है। इसलिए प्लानिंग उस हिसाब से की जाती है। उन्होंने बताया कि जून तक चिड़ियाघर में एक विशेष बाड़ा जिसमें सारस प्रजाति के पक्षियों को रखा गया है, बन कर तैयार हो जाएगा। जिसमें सैलानी इनकी दिनचर्या को पास से निहार सकेंगे।
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