धर्मांतरण के सभी मामलों की होगी जांच, विज ने कहा- निकिता के परिवार को सुरक्षा, बंदूक का लाइसेंस दिया
- हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने सदन में कहा- ऐसे लोगों के खिलाफ जल्द कानून पर विचार
- निकिता हत्याकांड आए ध्यानाकर्षण का जवाब दे रहे गृहमंत्री बोले, किसी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, वो सलाखों के पीछे होंगे
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प्यार की आड़ में धर्मांतरण के सभी मामलों को हरियाणा सरकार अब खंगलवाएगी। हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने आदेश दिए हैं कि सन 1966 से अब तक के सभी मामलों को चिन्हित किया जाए। इस तरह की जो भी शिकायतें आई हैं, उन पर क्या कार्रवाई हुई। इसकी भी समीक्षा होगी।
सदन में बल्लभगढ़ की बेटी निकिता हत्याकांड पर आए एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए गृहमंत्री विज ने कहा कि हम इस मामले में भी दोषियों को बख्शने वाले नहीं है। मुझे मालूम चला है कि इस मामले में आरोपी तौशीफ खान ने वर्ष 2018 में भी इस मृतका को प्रताड़ित किया था। उस मामलें में एफआईआर तक दर्ज हुई थी। लेकिन बाद में कुछ लोगों के दबाव में आकर निकिता के परिजनों को समझौता करना पड़ा था। अनिल विज ने कहा कि निकिता के परिवार को सुरक्षा दी जा रही है और बंदूक का लाइसेंस दिया गया है।
विज ने कहा कि सरकार ने अब इस मामले में एसआईटी गठित की है और उसे वर्ष 2018 वाले केस को भी खंगालने को कहा है। विज ने कहा कि हम जानते हैं कि ये आरोपी एक मजबूत राजनीतिक दल के लोगों का रिश्तेदार है। मगर जांच यदि कोई भी कसूरवार पाया गया तो हम उसे छोड़ेंगे नहीं। विज के इस बात पर नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने ऐतराज जताया। जवाब में विज ने कहा हुड्डा साहब ये तो चोर की दाड़ी में तिनके वाली बात हो गई, क्योंकि मैने तो किसी राजनीतिक पार्टी का नाम नहीं लिया।
स्पीकर ने भी यह कहते हुए कि गृहमंत्री विज ने विशेष तौर पर किसी राजनीतिक पार्टी का नाम नहीं लिया है, इसलिए आपका ऐतराज वाजिब नहीं है, नेता प्रतिपक्ष को बैठा दिया। इस पर विज ने हुड्डा की ओर इशारा करते हुए कहा कि यदि वर्ष 2018 में ही बिना किसी दबाव के उस केस में कार्रवाई हो जाती। तो आज तौशीफ खान पकड़ में होता और शायद निकिता न मरती।
कानून बनाने पर चल रहा है विचार
गृहमंत्री अनिल विज ने कहा कि प्रदेश में निकिता जैसे मामलों पर नकेल कसने के लिए सरकार प्यार की आड़ में धर्मांतरण जैसे मामलों पर कानून लाने पर विचार कर रही है, जिससे बच्चियों को प्रेम जाल में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन न करवाया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस तरह के मामलों के लिए 2019 में चिन्हित अपराध योजना लागू की थी। इस केस को भी चिन्हित अपराध की श्रेणी में शामिल करते हुए इसकी सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में करवाई जाएगी ताकि दोषियों को शीघ्र सजा दिलवाई जा सके।
इस संबंध में जल्द चालान पेश करने के निर्देश भी दिए गए हैं। विज ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार की हर संभव मदद कर रही है। परिवार को सुरक्षा मुहैया करवाई जा रही है। इसके साथ ही परिवार की मांग पर एक गन का लाइसेंस दिया गया है व परिवार को कानूनी सहायता भी उपलब्ध करवाई जा रही है। गृह मंत्री ने कहा कि हरियाणा में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कमी आई है।
दादा गौतम बोले- भ्रष्ट नेताओं और अफसरों के केस भी फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलें
सदन में इस ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर पर अपनी बात रखते हुए विधायक रामकुमार गौतम (दादा गौतम) ने कहा कि सरकार भ्रष्ट नेताओं और अफसरों पर भी लगाम लगाने का काम करे। उन्होंने कहा कि यह जग जाहिर है जो नेता व अफसर ज्यादा भ्रष्ट है, वह उतना ही बड़ा है। उन्होंने नेताओं पर जातिवाद का जहर घोलने के आरोप भी जड़े।
उन्होंने कहा कि जिन अफसरों और नेताओं पर गंभीर आरोप है और उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हैं, उनके केस भी फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलने चाहिए। ताकि उन्हें जल्द अपने किए की सजा मिले। दादा गौतम ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि जो अफसर भ्रष्ट हैं, उन्हें जबरन रिटायर किया जाए और बड़े ओहदों से हटाया जाए। उनकी बजाए ईमानदार अफसरों को आगे लाकर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जाए। उन्होंने सरकार से मिलावट खोरों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।