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Punjab election 2022: अदिति सिंह के पति अंगद सिंह निर्दलीय लड़ेंगे, कांग्रेस ने क्यों काटा टिकट, खुद बताई वजह
Mon, 31 Jan 2022 08:07 PM IST
ajay kumar
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 31 Jan 2022 08:07 PM IST
सार
अदिति सिंह के पति अंगद सिंह ने सोमवार को अपना नामांकन दाखिल किया। वे नवांशहर सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। वहीं अदिति सिंह रायबरेली सीट से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं।
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अदिति सिंह व अंगद सिंह।
- फोटो : फाइल
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विस्तार
उत्तर प्रदेश की रायबरेली सदर सीट का सियासी असर अब पंजाब के दोआबा में नवांशहर विधानसभा सीट पर होने लगा है। रायबरेली के बाहुबली अखिलेश सिंह की बेटी अदिति सिंह ने कांग्रेस को अलविदा कहकर भाजपा का दामन थामा तो उनके पति अंगद सैनी का दिल्ली से टिकट कटने का आदेश भी जारी हो गया। अंगद सिंह अब निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने सोमवार को अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया है।
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कांग्रेस से बगावत कर भाजपा में जाने वाली विधायक अदिति सिंह रायबरेली से विधायक रहे बाहुबली अखिलेश सिंह की बेटी हैं। अदिति सिंह ने साल 2019 में पंजाब से कांग्रेस विधायक अंगद सैनी से शादी की थी। अदिति सिंह ने साल 2017 में राजनीति में कदम रखा था और पहली बार विधायक चुनी गईं। उन्होंने रायबरेली सदर सीट से चुनाव लड़ा था। उनके पति अंगद सिंह ने भी साल 2017 में ही राजनीति में कदम रखा था और शहीद भगत सिंह नगर से चुनाव जीते थे।
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अंगद सिंह नवांशहर विधानसभा क्षेत्र से और अदिति सिंह उत्तर प्रदेश के रायबरेली विधानसभा क्षेत्र से दोनों कांग्रेस पार्टी की टिकट पर जीतकर पहली बार विधायक बने थे। दोनों ने 2017 में सक्रिय राजनीति में कदम रखा था और कांग्रेस पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ा था। दूसरा चुनाव अदिति सिंह जहां भाजपा की टिकट पर लड़ रही हैं वहीं पति अंगद सिंह ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है। अंगद सिंह और अदिति सिंह के बीच मनमुटाव की बात भी चर्चा का विषय बनी हुई है और अंगद सिंह ने यह खुद कहा है कि वह अपनी पत्नी से एक साल से अलग रह रहे थे।
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वह भाजपा में भी नहीं गए। अंगद के समर्थक सरपंचों, पदाधिकारियों ने पत्र लिखकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मांग भी की थी कि बेशक अदिति उत्तर प्रदेश में भाजपा में शामिल हो गई हैं लेकिन पंजाब में नवांशहर विधानसभा क्षेत्र से टिकट इस बार फिर से अंगद सिंह को दें। दिल्ली दरबार ने अमेठी-रायबरेली को प्रमुखता से आगे रखा और अंगद सिंह का टिकट काट दिया।
अंगद सिंह अब हाईकमान पर अटैक करने लगे हैं, उनका कहना है कि मुझे कहा जा रहा था कि अदिति सिंह के खिलाफ बयानबाजी करूं लेकिन यह मेरा परिवारिक मामला है, इसको सार्वजनिक करना ठीक नहीं है। अंगद ने कहा कि जब वो दिल्ली में कांग्रेस के एक बड़े नेता से मिले तो उन्होंने कहा कि अदिति के कारण उनको टिकट नहीं मिल रहा है। अगर वह अदिति के बारे में सोशल मीडिया पर गलत लिखेंगे तो पार्टी उनको नवांशहर से टिकट दे देगी। लिहाजा नवांशहर में रायबरेली की चर्चा हर गली गली में होने लगी है।