कहीं केंद्र के दबाव में तो नहीं रद्द की गई कांफ्रेंस!
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बेशक शिअद की ओर से अकाल तख्त के हुक्मनामे को मानते हुए पंथक कांफ्रेंस रद्द करने की बात कही जा रही है, लेकिन सुगबुगाहट है कि पार्टी केंद्र सरकार की इच्छा के विरुद्ध नहीं जाना चाहती थी, इसलिए मोर्चे को टालने का रास्ता खोज रही थी।
इसी बीच सहारनपुर की घटना के बाद अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह का हुक्मनामा आया, तो शिअद ने तत्काल कांफ्रेंस रद्द करने का निर्णय ले लिया।
अकाल तख्त के कहने पर रद्द की गई कांफ्रेंस
इस बारे में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि पंथक कांफ्रेंस को रद्द करने का फैसला अकाल तख्त के हुक्मों को मानते हुए लिया गया है। उन पर केंद्र सरकार का कोई दबाव नहीं था।
उन्होंने कहा कि पंजाब भाजपा प्रभारी शांता कुमार ने उनसे बात जरूर की थी, लेकिन केवल इतना कहा था कि केंद्र सरकार मसले के हल के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, ताकि किसी आंदोलन की जरूरत न पड़े। इस पर उन्होंने शांता से कह दिया था कि मसला हल होना चाहिए, उन्हें मोर्चा लगाने का कोई शौक नहीं है।
अकाल तख्त के आदेश का उल्लंघन नहीं कर सकते
इसी बीच अकाल तख्त से हुक्मनामा जारी हो गया। हम अकाल तख्त के आदेश के खिलाफ नहीं जा सकते। बादल ने कहा कि हमने तो आदेश मान लिया, लेकिन एचएसजीएमसी के पदाधिकारियों की शपथ अकाल तख्त के हुक्मनामे का उल्लंघन है।
इसलिए केंद्र सरकार और अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को चाहिए कि वे मसले को हल करने के लिए जल्द कुछ करें। एसजीपीसी सर्वोच्च संस्था है और इसकी सर्वोच्चता बरकरार रहनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह हरियाणा के नए राज्यपाल से भी इस संबंध में अपील करेंगे।
मुख्यमंत्री बादल का आभारी हूं : शांता
पंजाब भाजपा प्रभारी शांता कुमार ने कहा कि अकाल तख्त साहिब के हुक्मनामे पर मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने पंथक कांफ्रेंस रद्द करने का जो फैसला लिया है, उसके लिए वह उनके आभारी हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र मसले के हल के लिए पूरी संजीदगी से काम कर रहा है। जल्द ही मसला हल हो जाएगा और कोई आंदोलन शुरू करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। उन्होंने केंद्र सरकार की तरफ से इस संबंध में मुख्यमंत्री बादल से आग्रह भी किया था।