अमृतसर में तीन धमाकों की कहानी: सभी में IED का इस्तेमाल, ट्रायल सफल हुआ तो किया बड़ा विस्फोट
पांचों लोगों को गिरफ्तार करने के साथ ही आरोपी अमरीक सिंह की पत्नी को भी हिरासत में लेकर उससे पूछताछ कर बम धमाकों में उसकी भूमिका के बारे में जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी में एसजीपीसी की टास्क फोर्स व एसजीपीसी अध्यक्ष की भूमिका काफी सराहनीय रही है।
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श्री हरमंदिर साहिब के बाहर हेरिटेज स्ट्रीट और श्री गुरु रामदास सराय के पीछे तीन बम धमाकों के मामले में पंजाब पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। आरोपियों से एक किलो 100 ग्राम विस्फोटक सामग्री, केमिकल और कुछ भड़काऊ सामग्री बरामद की गई।
तीनों धमाकों में इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) का इस्तेमाल किया गया। आरोपियों की पहचान आजादवीर सिंह, अमरीक सिंह, साहिब सिंह, हरजीत सिंह और धरमिंदर सिंह के तौर पर हुई है। आजादवीर और अमरीक मुख्य साजिशकर्ता हैं, जबकि साहिब, हरजीत और धरमिंदर ने विस्फोटकों की आपूर्ति की।
मास्टरमाइंड आजादवीर सिंह अमृतसर के वडाला कलां का रहने वाला है। वह खालिस्तान समर्थक है और उस पर पहले भी धार्मिक भावनाएं भड़काने का केस दर्ज है। उसने गुरदासपुर के रहने वाले अमरीक सिंह के साथ मिलकर अमृतसर के 88 फुट रोड निवासी धरमिंदर और हरजीत सिंह के जरिए अन्नगढ़ में पटाखा बनाने वाले साहिब सिंह उर्फ साबा से पटाखे बनाने वाली सामग्री खरीदी। साबा ने विस्फोटक हरजीत सिंह को दिया, जिसने इसे आजादवीर सिंह तक पहुंचाया। आजादवीर खालिस्तान कट्टरपंथी अमृतपाल पर एनएसए लगाने से नाराज था।
पटाखे बनाने वाली सामग्री खरीदी और उसमें पत्थर भर कर ट्रायल किया। इसमें सफल होने के बाद उन्होंने तीन अन्य लोगों को शामिल कर आईईडी तैयार किया। पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच करवा रही है। इससे उनके देश और विदेश के संपर्कों का पता लगाएगी। पुलिस इस बात की जांच करेगी कि क्या विस्फोट कट्टरपंथी मॉड्यूल का काम था या यह किसी और के निर्देश पर किया गया था।
आरोपी अमरीक की पत्नी भी हिरासत में
पांचों लोगों को गिरफ्तार करने के साथ ही आरोपी अमरीक सिंह की पत्नी को भी हिरासत में लेकर उससे पूछताछ कर बम धमाकों में उसकी भूमिका के बारे में जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी में एसजीपीसी की टास्क फोर्स व एसजीपीसी अध्यक्ष की भूमिका काफी सराहनीय रही है। डीजीपी यादव ने कहा कि एसजीपीसी के सीसीटीवी सर्विलांस के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं। हेरिटेज स्ट्रीट और इसके आस-पास के एरिया से उठाए मोबाइल डंप से पुलिस को आरोपियों के बारे में कई अहम जानकारियां मिली हैं। मोबाइल कॉल डंप उठाने के बाद ही आरोपियों की लोकेशन का पता चला था।
ऐसे दिया तीनों ब्लास्ट को अंजाम
पहला ब्लास्ट: हेरिटेज स्ट्रीट, 6 मई, रात 11:25 बजे
आईईडी को एक सराय के बाथरूम में असेंबल किया गया। इसमें 200 ग्राम विस्फोटक था। इसमें एनर्जी ड्रिंक के दो कैन और एक टिफिन बॉक्स का इस्तेमाल किया गया। तीनों कंटेनरों को एक पॉलीथिन बैग में रखा गया था। आजादवीर हेरिटेज पार्किंग बिल्डिंग की छत पर गया और फिर छह मई की रात 11 बजे पॉलीथिन बैग को रस्सी के सहारे लटका दिया। किसी राहगीर ने इस रस्सी को अनजाने में खींचा और विस्फोटक नीचे गिरने से ब्लास्ट हो गया।
दूसरा ब्लास्ट: हेरिटेज स्ट्रीट, 8 मई, सुबह 6:15
आईईडी के लिए धातु के दो कटोरों का इस्तेमाल किया गया। इसे सात मई को सराय के बाथरूम में असेंबल किया गया। इसे आठ मई को सुबह साढ़े चार बजे हेरिटेज पार्किंग बिल्डिंग के शीर्ष पर रखा गया था और सुबह सवा छह बजे विस्फोट हुआ।
तीसरा ब्लास्ट: गुरु रामदास सराय के पीछे, 10 मई, रात 12:10 बजे
आरोपी सराय में दो मई से रह रहे थे। यहां इन्होंने तीसरा आईईडी असेंबल किया और रात 12:10 बजे सराय के बाथरूम के पीछे अधिक तीव्रता वाला धमाका किया।
दो मई से ही सराय में ठहरे से आरोपी
धमाकों के मामले में गिरफ्तार पांचों आरोपी दो मई से श्री गुरु रामदास सराय में ठहरे थे। पुलिस को कमरे के अंदर से एक पत्र भी मिला है। अभी इसकी जांच की जा रही है।
एसआईटी करेगी जांच
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस कमिश्नर को विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाकर जांच का आदेश दिया है। इसमें कौन-कौन अधिकारी शामिल होंगे, अभी इसके बारे में कुछ जानकारी नहीं। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।
एसजीपीसी की टास्क फोर्स ने पकड़ा आजादवीर
बम धमाके के बाद आजादवीर और अमरीक सराय परिसर में घूम रहे थे। एसजीपीसी की सीसीटीवी कैमरा सर्विलांस टीम को दोनों की गतिविधियां संदिग्ध लगी। इसकी सूचना उन्होंने पुलिस को दी। धमाके के बाद दोनों श्री हरमंदिर साहिब की परिक्रमा में संगत के साथ जाकर सो गए। टास्क फोर्स के कर्मचारियों ने सीसीटीवी फुटेज से उन्हें पहचान लिया और उसे पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया।
ब्लास्ट से पहले सारागढ़ी पार्किंग की छत पर हाथ में बम लेकर खिंचवाई फोटो
पहला ब्लास्ट करने से पहले आजादवीर ने सारागढ़ी पार्किंग की छत पर हाथ में बम लेकर फोटो भी खिंचवाई। पुलिस को यह फोटो उसके मोबाइल से मिली। धमाका होने के बाद आजादवीर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर उससे जुड़ी पोस्ट भी डाली थी। आजादवीर और उसके साथियों ने बम फोड़ने के लिए जानबूझकर हेरिटेज स्ट्रीज को चुना। वह यहां बम फोड़ कर दहशत फैलाना चाहते थे। आजादवीर धार्मिक गतिविधियों में हिस्सा लेता रहा है। वह श्री हरमंदिर साहिब और इसके आसपास के इलाके में घूमता रहता था। उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स में ऐसी कई पोस्ट हैं, जो आतंकवाद के दौर से जुड़ी हुई हैं।