Punjab News: नहीं ली श्री गुरु ग्रंथ साहिब की आड़, डीजीपी के बयान पर अमृतपाल की प्रतिक्रिया
अमृतपाल ने कहा कि जब भी कोई धार्मिक कार्य सिख कौम करती है तो श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश साथ होता है। हम भी अजनाला थाने का घेराव करने पहुंचे थे। वहीं हमने अमृत संचार का कार्यक्रम भी रखा था। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पालकी पीछे थी और हम काफिले में आगे थे।
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पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने शुक्रवार को कहा कि हमला श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी और पालकी साहिब जी की आड़ में किया गया। पवित्र ग्रंथ की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने संयम बरता। अब डीजीपी के बयान पर 'वारिस पंजाब दे' संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह ने कहा कि उसने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की आड़ लेकर कोई भी बेअदबी नहीं की है। उसके खिलाफ झूठा प्रचार किया जा रहा है। अमृतपाल ने कहा कि जब भी कोई धार्मिक कार्य सिख कौम करती है तो श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश साथ होता है। हम भी अजनाला थाने का घेराव करने पहुंचे थे। वहीं हमने अमृत संचार का कार्यक्रम भी रखा था। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पालकी पीछे थी और हम काफिले में आगे थे।
अमृतपाल ने कहा कि बरगाड़ी मोर्चा, अगर मोहाली में चल रहे कौमी मोर्चे समेत जहां भी पंथ की आवाज उठाई जाती है वहां श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश भी होता है। मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है। अगर पुलिस में हिम्मत होती तो मुझे गिरफ्तार कर लेती। अगर पुलिस ने सही मामला दर्ज किया था तो फिर लवप्रीत को रिहा क्यों किया और मुझे गिरफ्तार क्यों नहीं किया?
दादूवाल ने किया समर्थन
किसान नेता दादूवाल ने अमृतपाल सिंह का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने बिना जांच पहली बार मामला दर्ज नहीं किया है। इससे पहले भी पुलिस सरकारों के इशारों पर झूठे केस दर्ज करती आई है। अमृपाल ने झूठा केस रद्द करवाने और गैर-कानूनी हिरासत से अपने साथी को छुड़वाने के खातिर जो रास्ता अपनाया है... वह गलत नहीं है। पुलिस को मामले की जांच करने के बाद एफआईआर दर्ज करना चाहिए। पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में जल्दी की।