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चंडीगढ़ में बिल्डिंग रूल्स में संशोधन को मिली मंजूरी, अब बना सकेंगे 3 बेसमेंट, नोटिफिकेशन जारी
Tue, 16 Jul 2019 12:19 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 16 Jul 2019 12:19 PM IST
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चंडीगढ़ प्रशासन ने चंडीगढ़ बिल्डिंग रूल्स (अर्बन)-2017 में मामूली संशोधन कर इसे मंजूरी दे दी है। इसके तहत चार कनाल या इससे अधिक एरिया के सभी कमर्शियल, इंस्टीट्यूशनल, इंडस्ट्रियल और रेजिडेंशियल एरिया के प्लॉट पर तीन बेसमेंट बनाई जा सकेंगी। सोमवार को प्रशासन की ओर से इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है।
बताते चलें कि रेजिडेंशियल में मरला और कनाल हाउस में प्रशासन की ओर से कोई छूट नहीं दी गई है। अभी तक शहर के सभी भवनों में केवल सिंगल लेवल बेसमेंट की ही मंजूरी थी लेकिन शहरवासियों की लंबे समय से चल रही मांग को पूरा करते हुए प्रशासन ने सिटी में पहली बार थ्री लेवल बेसमेंट की मंजूरी दी है।
इससे बिल्डिंग में आने वाले सभी वाहन इसके अंदर ही पार्क हो सकेंगे। उन्हें बाहर रोड पर पार्क नहीं करना पड़ेगा। प्रशासन द्वारा यह निर्णय शहर में बढ़ रहे वाहनों की संख्या को देखते हुए लिया गया है। प्रशासन से छूट मिलने के बाद हजारों की संख्या में शहरवासियों को इसका लाभ मिलेगा।
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बताते चलें कि रेजिडेंशियल में मरला और कनाल हाउस में प्रशासन की ओर से कोई छूट नहीं दी गई है। अभी तक शहर के सभी भवनों में केवल सिंगल लेवल बेसमेंट की ही मंजूरी थी लेकिन शहरवासियों की लंबे समय से चल रही मांग को पूरा करते हुए प्रशासन ने सिटी में पहली बार थ्री लेवल बेसमेंट की मंजूरी दी है।
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इससे बिल्डिंग में आने वाले सभी वाहन इसके अंदर ही पार्क हो सकेंगे। उन्हें बाहर रोड पर पार्क नहीं करना पड़ेगा। प्रशासन द्वारा यह निर्णय शहर में बढ़ रहे वाहनों की संख्या को देखते हुए लिया गया है। प्रशासन से छूट मिलने के बाद हजारों की संख्या में शहरवासियों को इसका लाभ मिलेगा।
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अब निजी पार्किंग भी बना सकेंगे
संशोधन के तहत अब सेक्टर में चार कनाल या इससे अधिक एरिया के प्लॉट में निजी पार्किंग डेवलप की जा सकती है। पार्किंग सुविधा के बदले निर्धारित शुल्क वसूल किया जा सकेगा। शहर में 10 हजार से अधिक ऐसी प्रापर्टी हैं जिनका दायरा चार कनाल से बड़ा है। रेजिडेंशियल में ही सेक्टरों के अंदर बहुत से ऐसे प्लाट हैं। सबसे ज्यादा बड़े प्लॉट सुखना लेक के साथ लगते वीआईपी सेक्टरों में हैं।
यहां बना सकते हैं बेसमेंट
रेजिडेंशियल ग्रुप हाउसिंग सोसायटी, होटल, मल्टीप्लेक्स, मॉल, इंडस्ट्रियल से कॉमर्शियल में कनवर्टेड प्लॉट, कल्चरल और नॉन एकेडमिक इंस्टीट्यूशन, धार्मिक भवन, एजुकेशनल इंस्टीट्यूट, आईटी पार्क, मेन कैंपस, स्मॉल कैंपस, आईटी हेबिटेट, हॉस्पिटल, कॉमर्शियल, क्लब में अब थ्री लेवल बेसमेंट बना सकते हैं।
नियमों को रखना होगा ध्यान
बेसमेंट का कुल 80 प्रतिशत हिस्सा केवल पार्किंग के लिए इस्तेमाल हो सकेगा। इसमें रैंप, कार लिफ्ट भी शामिल होंगी। जबकि अधिकतम 20 प्रतिशत एरिया सर्विसेज या स्टोरेज के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा नेशनल बिल्डिंग कोड, बिल्डिंग बायलॉज और फायर सेफ्टी एक्ट के तहत टाउन प्लानिंग के सभी नियम कायदों का ध्यान रखना होगा।
यहां बना सकते हैं बेसमेंट
रेजिडेंशियल ग्रुप हाउसिंग सोसायटी, होटल, मल्टीप्लेक्स, मॉल, इंडस्ट्रियल से कॉमर्शियल में कनवर्टेड प्लॉट, कल्चरल और नॉन एकेडमिक इंस्टीट्यूशन, धार्मिक भवन, एजुकेशनल इंस्टीट्यूट, आईटी पार्क, मेन कैंपस, स्मॉल कैंपस, आईटी हेबिटेट, हॉस्पिटल, कॉमर्शियल, क्लब में अब थ्री लेवल बेसमेंट बना सकते हैं।
नियमों को रखना होगा ध्यान
बेसमेंट का कुल 80 प्रतिशत हिस्सा केवल पार्किंग के लिए इस्तेमाल हो सकेगा। इसमें रैंप, कार लिफ्ट भी शामिल होंगी। जबकि अधिकतम 20 प्रतिशत एरिया सर्विसेज या स्टोरेज के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा नेशनल बिल्डिंग कोड, बिल्डिंग बायलॉज और फायर सेफ्टी एक्ट के तहत टाउन प्लानिंग के सभी नियम कायदों का ध्यान रखना होगा।