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लो एंड मीडियम पोटेंशिल शहरों के लाइसेंस सिस्टम में संशोधन
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 15 Feb 2016 09:05 PM IST
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हरियाणा सरकार ने लो एंड मीडियम पोटेंशियल शहरों में लाइसेंस प्रदान करने और शहरी क्षेत्र में सामंजस्य रूप से विकास को विनियमित करने के लिए क्षेत्र मानदंडों में संशोधन किया है।
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नगर एवं ग्राम आयोजन विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि निम्न एवं मध्यम क्षमता शहरों की सुनियोजित शहरीकरण प्रक्त्रिस्या में भू-मालिकों, किसानों और स्थानीय डेवलपर्स की भागीदारी बढ़ाने के लिए यह संशोधन किया गया है।
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मंत्रिपरिषद ने बीती 3 फरवरी को अपनी बैठक में मध्यम एवं निम्न क्षमता शहरों में विभिन्न कॉलोनियों के विकास के लिए क्षेत्र मानदंड अनुमोदित किए थे। इससे भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित मुआवजा एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के कड़े प्रावधानों के अनुसार, शहरीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण और विकास में सार्वजनिक क्षेत्र व हुडा की भूमिका को कम करने में मदद मिलेगी।
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इसी प्रकार, इससे विशेष रूप से निम्न एवं मध्यम क्षमता शहरों में निजी भागीदारी के माध्यम से सस्ती दरों पर बड़ी संख्या में आवास उपलब्ध होंगे और अनधिकृत कॉलोनाइजेशन हतोत्साहित होगा। इसके अतिरिक्त, सुनियोजित विकास के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की भागीदारी से भौतिक एवं सामाजिक बुनियादी ढांचे की कमी दूर होगी।
प्रवक्ता ने कहा कि रिहायशी प्लाटेड कालोनियों के लिए मध्यम क्षमता क्षेत्रों में वर्तमान 50 एकड़ को घटाकर 15 एकड़ और निम्न क्षमता क्षेत्र में वर्तमान 25 एकड़ को घटाकर 10 एकड़ किया गया है। इसी प्रकार, रिहायशी ग्रुप हाउसिंग के लिए मध्यम क्षमता क्षेत्रों में वर्तमान 10 एकड़ को घटाकर दो एकड़ और निम्न क्षमता क्षेत्र में वर्तमान पांच एकड़ को घटाकर एक एकड़ किया गया है।
उन्होंने कहा कि वाणिज्यिक कालोनियों के लिए मध्यम क्षमता क्षेत्रों में वर्तमान 2 एकड़ को घटाकर एक एकड़ और निम्न क्षमता क्षेत्र में वर्तमान एक एकड़ को घटाकर 0.5 एकड़ किया गया है। मध्यम एवं निम्न क्षमता के क्षेत्रों में उद्योग (सामान्य) के लिए इसे क्रमश: 25 एकड़ से घटाकर 15 एकड़ और 15 एकड़ से घटाकर 10 एकड़ किया गया है। उद्योग (हरित श्रेणी) के लिए मध्यम क्षमता क्षेत्र में पांच एकड़ और निम्न क्षमता क्षेत्र में दो एकड़ की गई है।
उन्होंने कहा कि यह पाया गया कि विशेष रूप से निम्न एवं मध्यम क्षमता शहरों में लाइसेंस प्राप्त करने के लिए क्षेत्र आवश्यकता मानदंड भूमि के मामले में बहुत ज्यादा थे, इसलिए डेवलपर्स इन शहरों में लाइसेंस प्राप्त करने में रुचि नहीं दिखा रहे थे।
इसलिए सरकार ने हरियाणा शहरी क्षेत्र विकास एवं विनियमन अधिनियम के तहत लाइसेंस प्रदान करने के लिए नगर एवं ग्राम आयोजन विभाग द्वारा अपनाए जा रहे क्षेत्र मानदंडों की समीक्षा की है।