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National Highway-152D: पांच घंटे कम समय में पहुंचेंगे अंबाला से जयपुर, धीमी गति वाले वाहन वर्जित
Sat, 30 Jul 2022 10:05 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sat, 30 Jul 2022 10:05 PM IST
सार
हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि राष्टीय राजमार्ग-152डी हरियाणा में विकास की नई इबारत लिखेगा। हाईवे परीक्षण के लिया खोला गया है। जल्द औपचारिक तौर पर जनता को समर्पित होगा।
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दुष्यंत चौटाला
- फोटो : facebook.com/dchautala
विस्तार
राष्ट्रीय राजमार्ग-152डी के जरिये अंबाला से जयपुर की यात्रा तय करने में 5 घंटे कम समय लगेगा। एनसीआर का बड़ा यातायात इस मार्ग से होकर गुजरेगा, जिससे प्रदूषण की समस्या से भी निजात मिलेगी। जयपुर हाईवे पर अंबाला से कोटपुतली तक सबसे छोटा, सबसे तेज और सुरक्षित मार्ग मिलेगा। पूरे हरियाणा के चौतरफा औद्योगिक विकास और आर्थिक विकास की गति भी तेज होगी।
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उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने शनिवार को यहां यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अंबाला से नारनौल तक बनाए गए नवनिर्मित राष्ट्रीय राजमार्ग-152डी को आमजन के लिए खोल दिया गया है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग प्रदेश में विकास की एक नई इबारत लिखेगा। भारतमाला परियोजना के तहत निर्मित यह राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी छह लेन का ग्रीनफील्ड कॉरिडोर है। यह कुरुक्षेत्र जिले के इस्माईलाबाद (गंगहेड़ी) से नारनौल तक कुल लगभग 227 किलोमीटर लंबा है।
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आठ जिलों के 112 गांवों से गुजरता है
अंबाला-कोटपुतली कॉरिडोर का भाग होने के कारण यह हरियाणा के 8 जिलों कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, जींद, रोहतक, भिवानी, चरखी दादरी और महेंद्रगढ़ के लगभग 112 विभिन्न गांवों से होकर गुजरता है। यह कोटपुतली के पास पनियाला मोड पर दिल्ली-जयपुर राजमार्ग से मिलता है।
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उपमुख्यमंत्री ने बताया कि यह पूरा कॉरिडोर एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और क्लोज टोलिंग सिस्टम से परिपूर्ण है। इसमें प्रवेश एवं निकासी के लिए कुल 16 विभिन्न स्थानों पर इंटरचेंज का निर्माण किया गया है। हाईवे पर होने वाली हर घटना पर कंट्रोल सेंटर से पूरी निगरानी रखी जाएगी।
छह जगह जन सुविधाएं भी मौजूद
छह जगहों पर विश्वस्तरीय वे-साईड जनसुविधाओं का भी निर्माण किया गया है। यहां लोगों के लिए शौचालय सुविधा, ट्रॉमा सेंटर, पेट्रोल पंप, कियोस्क रेस्तरां, ढाबा, चिल्ड्रेन पार्क, ट्रक एवं ट्रेलर पार्किंग इत्यादि की समुचित व्यवस्था है। परियोजना में 16 स्थानों पर इंटरचेंज, 2 मुख्य टोल प्लाजा एवं 8 आरओबी का प्रावधान किया गया है।
इसके सिविल निर्माण कार्य पर लगभग 6,000 करोड़ रुपये की लागत आई है। धीमी गति वाले वाहन मोटर साइकिल, अन्य दुपहिया, तिपहिया, गैर मोटर चालित वाहन ट्रेलर के साथ या ट्रेलर के बिना ट्रैक्टर इत्यादि इस हाईवे पर वर्जित हैं।