पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह बोले- कश्मीरी नेताओं को गिरफ्तार करना गलत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कश्मीरी राजनीतिक नेताओं की गिरफ्तारी का विरोध किया है, जिन्हें उस राजनीतिक पार्टी के आदेश पर गिरफ्तार किया गया है, जिसने देश में इमरजेंसी के दौरान विपक्ष के नेताओं को गिरफ्तार करने का तीखा विरोध किया था।
कश्मीरी नेताओं की गिरफ्तारी को पूरी तरह गलत बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार का यह दोहरा मापदंड है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने इमरजेंसी के दौरान ऐसी गिरफ्तारियों का विरोध किया था लेकिन उसने कश्मीर के मामले में यह जिम्मेदारी नहीं निभाई।
मंगलवार को विधानसभा के बाहर पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने इस बात से इंकार किया कि अनुच्छेद 370 रद्द होने से करतारपुर गलियारे और कश्मीर में आतंकवाद पर कोई प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के संवैधानिक बदलाव से इन मुद्दों का कोई संबंध नहीं है।
इससे घाटी में आतंकवाद का खात्मा होने के भाजपा के दावे संबंधी पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि इसे आतंकवाद के साथ किस तरह जोड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि सेना और पुलिस समेत सुरक्षा फोर्स आतंकवाद के विरुद्ध लड़ रही हैं। उन्होंने भरोसा प्रकट किया कि यह फोर्स कश्मीर में से आतंकवाद के सफाए के लिए लगातार कार्य करती रहेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि अनुच्छेद 370 की वैधता पर बहस की जा सकती है लेकिन केंद्र सरकार द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया गैर संवैधानिक है। उन्होंने कहा कि इस मामले में नियमों को नहीं अपनाया गया।
इस तरह का महत्वपूर्ण फैसला लेने से पहले आम सहमति तैयार करने में असफल रहने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने संघीय ढांचे को कमजोर किया है और यह राज्यों को कमजोर करने की केंद्र की सुनियोजित कोशिश है। कैप्टन ने अकाली दल द्वारा इसके स्वागत पर हैरानी प्रकट की। उन्होंने कहा कि उन्होंने संघीय ढांचे के मामले पर पलटी मारी है जो अकाली दल के आनंदपुर साहिब के प्रस्ताव के मूल तत्व के विरुद्ध है।