पंजाबः पांच मांगें मानी गई, फिर हुआ डेरा प्रेमी बिट्टू का अंतिम संस्कार, जांच के लिए एसआईटी गठित
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नाभा जेल में शनिवार शाम मारे गए बेअदबी मामले के मुख्य आरोपी महिंदरपाल बिट्टू का सोमवार शाम पांच बजे प्रशासन के आश्वासन के बाद बठिंडा रोड स्थित शांति वन में अंतिम संस्कार कर दिया गया। प्रशासन ने बेअदबी मामले की नए सिरे से जांच और केस में फंसे आरोपियों को सुरक्षा का भरोसा दिया है।
एक दिन पहले रविवार को बिट्टू के परिवार व डेरा सच्चा सौदा सिरसा की 45 सदस्यीय प्रांतीय कमेटी ने जिला प्रशासन व पंजाब सरकार के समक्ष मांगें रखते हुए अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया था। इस पर सोमवार को डेरा सिरसा के नामचर्चा घर में सुबह से राज्य भर से डेरा अनुयायी पहुंचने शुरू हो गए।
कई दौर के बातचीत के बाद जिला प्रशासन परिवार व डेरा कमेटी को मनाने में कामयाब हो गया। डीसी कुमार सौरभ राज ने कहा कि डेरा प्रबंधकों की मांग पर बेअदबी मामले में फंसे सभी डेरा प्रेमियों व उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाएगी, जिस पर एक दो दिन में कार्यवाही पूरी कर ली जाएगी। इसके अलावा पंजाब सरकार द्वारा इस हत्याकांड की न्यायिक जांच करवाई जा रही है और सरकार ने एडीजीपी ईश्वर चंद की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय टीम से भी जांच करवाने का फैसला लिया है।
न्यायिक जांच की रिपोर्ट को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पास भेजी जाएगी और आयोग की हिदायत लागू करने को पंजाब सरकार बाध्य होगी। डीसी ने बेअदबी मामलों की नए सिरे से जांच करवाने और फैसले फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से करवाने समेत अन्य मांगों को भी पंजाब सरकार के पास भेजे जाने का भरोसा दिया।
दो और कैदी गिरफ्तार
नाभा जेल में डेरा प्रेमी महिंदरपाल बिट्टू की हत्या के केस में पटियाला पुलिस ने सोमवार को जेल में बंद दो अन्य कैदियों को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई पहले से गिरफ्तार आरोपियों मनिंदर सिंह और गुरसेवक सिंह से रिमांड के दौरान की पूछताछ के आधार पर की गई है। एसपी (डी) हरमीत सिंह हुंदल ने बताया कि नाभा जेल से सोमवार को कैदी हरप्रीत सिंह उर्फ प्रीत और लखवीर सिंह उर्फ दीप को गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों कैदियों का तीन दिनों का अदालत से पुलिस रिमांड लेकर इन्हें पटियाला लाया गया है।
सीएम ने गठित की एसआईटी
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नई नाभा जेल में बरगाड़ी बेअदबी मामले के मुख्य आरोपी की हत्या की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) के गठन के आदेश दिए हैं। इस फैसले का एलान सोमवार को मुख्यमंत्री ने उच्च पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक के दौरान किया।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि एडीजीपी (ला एंड आर्डर) ईश्वर सिंह के नेतृत्व में एसआईटी पिछले साल पकड़े गए डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी महिंदर पाल बिट्टू की हत्या के मामले से जुड़े सारे तथ्यों की जांच करेगी।
करीब 11 बजे डिप्टी कमिश्नर कुमार सौरभ राज व एसएसपी राजबचन सिंह संधू समेत जिले भर के आला पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भी नामचर्चा घर पहुंचे। कई दौर की बातचीत के बाद जिला प्रशासन परिवार व डेरा कमेटी को मनाने में कामयाब हो गया।
ये मांगें मानी
- डीसी कुमार सौरभ राज ने कहा कि डेरा प्रबंधकों की मांग पर बेअदबी मामले में फंसे सभी डेरा प्रेमियों व उनके परिवार को दो दिन के भीतर सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
- पंजाब सरकार द्वारा इस हत्याकांड की न्यायिक जांच करवाई जाएगी और सरकार ने एडीजीपी ईश्वर चंद की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय टीम से भी जांच करवाने का फैसला लिया है।
- न्यायिक जांच की रिपोर्ट को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पास भेजी जाएगी और आयोग की हिदायत लागू करने को पंजाब सरकार बाध्य होगी।
- डीसी ने बेअदबी मामलों की नए सिरे से जांच करवाने और केसों के फैसले फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से करवाने समेत अन्य मांगों को भी पंजाब सरकार के पास भेजे जाने का भरोसा दिया।
- बिट्टू के बेटे ने जिला प्रशासन को एक अलग से शिकायती पत्र भी दिया है जिसे कार्रवाई के लिए पंजाब सरकार के पास भेज दिया गया है।
कैदियों द्वारा बिट्टू की हत्या के पीछे अगर कोई साजिश हुई तो उसका भी एसआईटी पता लगाएगी। एसआईटी के सदस्यों में अमरदीप राय आईजी पटियाला, हरदयाल मान डीआईजी इंटेलिजेंस, मनदीप सिंह एसएसपी पटियाला और कश्मीर सिंह एआईजी काउंटर इंटेलीजेंस शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जेल मंत्री और एडीजीपी (जेल) को निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि कानून व्यवस्था के संबंध में इस तरह का उल्लंघन और जेलों की सुरक्षा में किसी भी तरह की कमी को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
मृतक के विरुद्ध मामलों को वापस लेने की डेरे के अनुयायियों की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून अपना रास्ता खुद अपनाएगा। बिट्टू के विरुद्ध मामले में अंतिम जांच रिपोर्ट अदालत में पेश की गई है और इस संबंध में कोई भी फैसला लेना अदालत पर निर्भर करता है। उल्लेखनीय है कि जेल में बिट्टू की हत्या के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया था कि हत्या के दोषियों को सख्त सजा का सामना करना पड़ेगा।
प्राथमिक जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि फरीदकोट के निवासी 49 वर्षीय बिट्टू पर हमला गुरसेवक सिंह (पुलिस थाना सोहाना, मोहाली) और मनिंदर सिंह (पुलिस थाना बडाली आला सिंह, फतेहगढ़ साहिब) ने किया है, जो एक कत्ल के केस में जेल में बंद हैं।