अमर उजाला रामलीला अवार्ड कांटेस्ट में कड़ा मुकाबला
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सेक्टर-20 में चल रहे अमर उजाला रामलीला अवार्ड की देर रात घोषणा हुई। इस अवसर पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस महावीर सिंह चौहान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए।
चंडीगढ़ केंद्रीय रामलीला महासभा की ओर से आयोजित रामलीला प्रतियोगिता देर रात तक चलती रही। देर रात तक भारी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।
इस अवसर पर महासभा के सभी पदाधिकारी, सीनियर डिप्टी मेयर हीरा नेगी, हेमकुंड इंटरप्राइजेज के प्रबंध निदेशक बीएस बिष्ट आदि भी उपस्थित थे। प्रतियोगिता के तीसरे और अंतिम दिन चार टीमों ने प्रतियोगिता में भाग लिया।
सीन नंबर एक टीम नंबर एक...रावण-हनुमान संवाद
टीम नंबर एक ने मंच से रावण हनुमान संवाद का भव्य मंचन रहा। एक ओर रावण का दमखम के साथ अपने सैनिकों के साथ प्रवेश तो दूसरी ओर मेघनाद द्वारा हनुमान को रावण दरबार में लाने का भव्य सीन लोगों को खूब भाया। मंच सज्जा और रावण का भव्य दरबार आकर्षण का केंद्र रहा।
सीन दो टीम दो..परशुराम-लक्ष्मण संवाद
धनुष यज्ञ पूर्ण हो चुका है। माता जानकी और भगवान राम एक दूसरे को जयमाला डाल चुके हैं। तभी परशुराम का आगमन होता है। उन्हें पता चलता है कि सीता का स्वयंवर हुआ है। परशुराम सीता को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद देते हैं। अचानक उनकी नजर भगवान द्वारा तोड़े शिव धनुष पर पड़ती है और वे क्रोधित हो जाते हैं। फिर परशुराम और लक्ष्मण में संवाद होता है। वे एक-दूसरे को ललकारते हैं। भगवान राम को बीच में आना पड़ता है। उनसे प्रभावित हो परशुराम कहते हैं कि राम कितना मधुरभाषी है और लक्ष्मण का वचन कितना कठोर है।
तीसरा सीन और तीसरी टीम- सीता हरण का मंचन किया।
चौथा सीन और चौथी टीम- रावण प्रतिशोध का दमखम भरा सीन रहा। एक-एक दृश्य को दर्शकों ने सराहा।