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पहाड़ी लोक संस्कृति की सतरंगी छटा पर खूब बजीं तालियां
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Mon, 04 Apr 2016 04:31 PM IST
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पंचकूला में कार्यक्रम
- फोटो : amar ujala
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पंचकूला सेक्टर-पांच स्थित इंद्रधनुष सभागार में अमर उजाला और गढ़वाल सभा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में पहाड़ी संस्कृति की सतरंगी छटा बिखेरी गई। कार्यक्रम के दौरान इंद्रधनुष सभागार खचाखच भरा दिखा। लोक संस्कृति की विभिन्न विधाओं से सजे इस कार्यक्रम की प्रस्तुति के दौरान दर्शकों की तालियां लगातार बजती रहीं।
दर्शकों के शानदार प्रोत्साहन पर सभी कलाकारों ने उनका अभिवादन किया। इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र से सांसद रमेश पोखरियाल निशंक और अन्य विशिष्ट अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर इस रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
अमर उजाला का के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम कुई धै लगाणू चा...(कोई आवाज लगा रहा है ) में उत्तराखंड के विश्वविख्यात कलाकार नरेंद्र सिंह नेगी की प्रस्तुती के साथ ही पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। अपनी विशेष शैली में प्रस्तुति देते हुए नेगी ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
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अपने संबोधन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री निशंक ने पहाड़ों से लगातार हो रहे पलायन पर चिंता व्यक्त की। पहाड़ों से पलायन थमे इसके लिए उन्होंने सभी को सरकार और आमजन के साथ मिलकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस दिशा में राजनीति से ऊपर उठकर कार्य करने की आवश्यकता है।
निशंक अमर उजाला और गढ़वाल सभा का इस भव्य कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए सराहना की, क्योंकि इस तरह के कार्यक्रम भारत के विभिन्न क्षेत्र की लोक संस्कृति को प्रचार प्रसार करने में अहम मददगार साबित होते हैं।
इस अवसर डीपीएमआई नई दिल्ली के चेयरमैन विनोद बछेटी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गढ़वाल के लोक कलाकारों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि अपनी लोककला संस्कृति को अमर बनाने में साहित्यकारों और कलाकारों सबसे बड़ी भूमिका होती है। इन्हीं के योगदान से हमारी सदियों पुरानी संस्कृति को भावी पीढ़ी तक पहुंचाया जा सकता है।
कार्यक्रम में उत्तराखंड सरकार के उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री) रमेश उनियाल जिंदल फोटो लिमिटेड के महाप्रबंधक सुरेंद्र हालसी, विनोद बगई, सुभाष शर्मा इत्यादि मुख्य रुप से उपस्थित रहे।
वहीं गढ़वाल सभा की अध्यक्ष शांति बहुगुणा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बलवंत सिंह रावत, उपाध्यक्ष नीमा नेगी, महासचिव चंद्रपाल सिंह गुसाईं, वित्त सचिव दीपक सिंह रावत, सांस्कृतिक सचिव चंद्रमोहन जोशी, सचिव हरीष चंद्र ग्वाड़ी, मंगल सिंह नेगी, संगठन सचिव गणेशी रावत,गीता रावत, सुशीला भट्ट, प्रदीप कुमार नवानी, मनोज बुड़ाकोटी व अन्य उपस्थित रहे।
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दर्शकों के शानदार प्रोत्साहन पर सभी कलाकारों ने उनका अभिवादन किया। इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र से सांसद रमेश पोखरियाल निशंक और अन्य विशिष्ट अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर इस रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
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अमर उजाला का के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम कुई धै लगाणू चा...(कोई आवाज लगा रहा है ) में उत्तराखंड के विश्वविख्यात कलाकार नरेंद्र सिंह नेगी की प्रस्तुती के साथ ही पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। अपनी विशेष शैली में प्रस्तुति देते हुए नेगी ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
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अपने संबोधन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री निशंक ने पहाड़ों से लगातार हो रहे पलायन पर चिंता व्यक्त की। पहाड़ों से पलायन थमे इसके लिए उन्होंने सभी को सरकार और आमजन के साथ मिलकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस दिशा में राजनीति से ऊपर उठकर कार्य करने की आवश्यकता है।
निशंक अमर उजाला और गढ़वाल सभा का इस भव्य कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए सराहना की, क्योंकि इस तरह के कार्यक्रम भारत के विभिन्न क्षेत्र की लोक संस्कृति को प्रचार प्रसार करने में अहम मददगार साबित होते हैं।
इस अवसर डीपीएमआई नई दिल्ली के चेयरमैन विनोद बछेटी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गढ़वाल के लोक कलाकारों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि अपनी लोककला संस्कृति को अमर बनाने में साहित्यकारों और कलाकारों सबसे बड़ी भूमिका होती है। इन्हीं के योगदान से हमारी सदियों पुरानी संस्कृति को भावी पीढ़ी तक पहुंचाया जा सकता है।
कार्यक्रम में उत्तराखंड सरकार के उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री) रमेश उनियाल जिंदल फोटो लिमिटेड के महाप्रबंधक सुरेंद्र हालसी, विनोद बगई, सुभाष शर्मा इत्यादि मुख्य रुप से उपस्थित रहे।
वहीं गढ़वाल सभा की अध्यक्ष शांति बहुगुणा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बलवंत सिंह रावत, उपाध्यक्ष नीमा नेगी, महासचिव चंद्रपाल सिंह गुसाईं, वित्त सचिव दीपक सिंह रावत, सांस्कृतिक सचिव चंद्रमोहन जोशी, सचिव हरीष चंद्र ग्वाड़ी, मंगल सिंह नेगी, संगठन सचिव गणेशी रावत,गीता रावत, सुशीला भट्ट, प्रदीप कुमार नवानी, मनोज बुड़ाकोटी व अन्य उपस्थित रहे।