जजपा-बसपा गठबंधन के जरिए सियासी तस्वीर बदलने की तैयारी, हरियाणा में चाबी पकड़ कर चलेगा हाथी
-जजपा बसपा गठबंधन के जरिए हरियाणा की सियासी तस्वीर बदलने की तैयारी।
- लोकसभा चुनाव से पहले इनेलो ने बसपा के साथ गठबंधन किया था।
-विधानसभा चुनाव में जेजेपी की चाबी पकड़ कर चलेगा बसपा का हाथी।
-गठबंधन के जरिए भतीजों ने चाचा को दिखाया एक और पैंतरा।
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चुनाव के दौरान बसपा का साथ चाह रहे राजनीतिक दलों को इस बार जेजेपी प्रमुख दुष्यंत चौटाला ने सोचने का मौका नहीं दिया है। लोकसभा चुनाव में कुछ दिन के लिए चाचा अभय सिंह चौटाला के साथ चला बसपा का हाथी इस बार विधानसभा चुनाव में भतीजों के साथ चाबी पकड़ कर चलेगा। मालूम हो कि लोकसभा चुनाव से पहले इनेलो ने बसपा के साथ गठबंधन किया था। अभय चौटाला मायावती से राखी भी बंधवाने गए थे, लेकिन चुनाव आते-आते यह गठबंधन टूट गया था। अब विधानसभा चुनाव में यह गेंद भतीजों ने लपक ली है।
जेजेपी और बीएसपी के गठबंधन की न तो कहीं कोई चर्चा थी और ना ही कोई संभावना नजर आ रही थी। इसके विपरीत हुड्डा की संभावित नई पार्टी और बीएसपी के बीच आगामी चुनाव के लिए सियासी खिचड़ी पकने की चर्चाएं जोरों पर चल रही थी, लेकिन दुष्यंत चौटाला ने आज सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए बसपा का दामन थम कर बड़ा सियासी दांव चला है।
दुष्यंत चौटाला ने गुपचुप तरीके से इस गठबंधन को अंजाम तक पहुंचाया। एक तरफ से जन चौपाल अभियान के जरिये वे प्रदेश के गांवों की खाक छानते रहे तो दूसरी तरफ पर्दे के पीछे बसपा के साथ गठबंधन की बात आगे बढ़ाते रहे।
उनके राजनीतिक विरोधियों को यह जरा भी आभास नहीं था कि दुष्यंत चौटाला बसपा के साथ गठबंधन का धमाका कर जाएंगे।एक तरह से दुष्यंत चौटाला ने यह इशारा किया है कि उनके दादा और चाचा बसपा के साथ गठबंधन को चलाने और निभाने में नाकाम रहे। जबकि दूसरी तरफ उन्होंने तमाम मुश्किलों के बीच बसपा को गठबंधन करने के लिए रजामंद कर लिया।
हरियाणा में जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) ने उत्तर प्रदेश की पूर्व सीएम मायावती के नेतृत्व वाली बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के साथ विधानसभा चुनावों के लिए गठबंधन किया है। दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में रविवार को बसपा के राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा सांसद सतीश मिश्रा ने इस समझौते का अधिकारिक तौर पर एलान किया। इस मौके पर पूर्व सांसद व जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला, जेजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनंतराम तंवर, राष्ट्रीय प्रधान महासचिव डॉ. केसी बांगड़ तथा बसपा के हरियाणा मामलों के प्रभारी डॉ. मेघराज व प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश भारती मुख्य रूप से मौजूद थे।
गठबंधन ने विस चुनावों के लिए सीटों का ऐलान भी कर दिया है। समझौते के तहत प्रदेश की नब्बे सीटों में से 50 जेजेपी के हिस्से में आई हैं और 40 सीटों पर बसपा अपने उम्मीदवार खड़ा करेगी। सतीश मिश्रा व दुष्यंत चौटाला ने कहा, कौन सी पार्टी किस हलके से चुनाव लड़ेगी, इसकी घोषणा भी गठबंधन जल्द कर देगा। मोटे तौर पर दोनों दलों के बीच विधानसभा हलकों को लेकर भी बातचीत हो चुकी है। प्रदेश की राजनीति में यह नया घटनाक्रम है।
दोनों पार्टियों की अंदरखाते बातचीत चल रही थी। मायावती की मुहर लगते ही सतीश मिश्रा ने इसका ऐलान कर दिया। रोचक बात यह है कि हरियाणा बसपा के नेताओं तक को इस गठबंधन की खबर नहीं थी।
दुष्यंत ने कहा, यह गठबंधन प्रदेश की राजनीति में नया बदलाव लाएगा और प्रदेश में जेजेपी-बसपा गठबंधन की सरकार बनाएंगे। सतीश मिश्रा ने कहा, गठबंधन को लेकर दोनों दलों के बीच कई दौर की बातचीत हुई। दोनों पार्टियों के शीर्ष नेताओं के गहन मंथन एवं सहमति के बाद बीएसपी सुप्रीमो मायावती व जेजेपी संस्थापक डॉ. अजय सिंह चौटाला ने गठबंधन को हरी झंडी दी। राज्यसभा सांसद सतीश मिश्रा ने कहा कि हाथी चाबी लेकर चलेगा और चंडीगढ़ का ताला खोलेगा।
इस बार दुष्यंत मनाएंगे देवीवाल जयंती
चौटाला परिवार हरवर्ष भूतपूर्व उपप्रधानमंत्री स्व. चौ. देवीलाल की जयंती 25 सितंबर को मनाता आया है। पिछले वर्ष गोहाना में देवीलाल जयंती के मौके पर हुई जयंती से ही चौटाला परिवार और इनेलो की फूट उजागर हुई थी। बसपा से गठबंधन के साथ ही दुष्यंत ने 25 सितंबर को गठबंधन की प्रदेश स्तरीय रैली करने का ऐलान कर दिया है। एक सवाल पर दुष्यंत ने कहा, रैली किस जगह पर होगी इसका फैसला जल्द ही दोनों दलों के नेता बैठकर करेंगे।