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कुछ सीनेटरों का आरोप, नहीं दिया बोलने का मौका, आवाज दबाई गई
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट की बैठक इस बार शांतिपूर्ण हुई, लेकिन कुछ सदस्यों के आरोप हैं कि उनको बोलने का मौका नहीं दिया गया। पुटा अध्यक्ष डॉ. मृत्युुंजय कुमार ने भी विरोध दायर किया। उन्होंने कहा कि पीयू के अधिकारी शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करने वालों की बात नहीं सुनना चाहते। पुटा अध्यक्ष डॉ. मृत्युंजय कुमार ने आरोप लगाया कि डीयूआई के प्रस्ताव पर उनका माइक बंद कर दिया गया। लोकतंत्र में अधिकारी शिक्षकों की आवाज पसंद नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सीनेट में सबसे अधिक मनोनीत होकर शिक्षक आए हैं। शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करने वाले लोग भी थे, लेकिन पुटा अध्यक्ष की बात नहीं सुनी गई। प्रो. रजत संधीर ने कहा कि उन्हें शून्य ऑवर में बोलने का मौका नहीं दिया गया। मौका मिला भी तो बहुत कम समय दिया गया। पुटा अध्यक्ष का माइक तक बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि राजनीति हावी है। केंद्रीय मंत्री सोमप्रकाश आदि ने सबकुछ अपने बयान से साफ कर दिया। डीपीएस रंधावा ने कहा कि आधी सीनेट नहीं चाहिए। बाकी सदस्यों के नोटिफिकेशन होने चाहिए। वीसी को अधिकार देने के लिए बहस होनी चाहिए, न कि सीधे अधिकार दिए जाएं। उन्होंने कई अन्य मुद्दे भी उठाए।
इनसेट---
वीसी को अधिकार देने के प्रस्ताव पर कई ने हाथ उठाया, कुछ विरोध में
वीसी को सीनेट की अनुपस्थिति में निर्णय लेने के अधिकार देने के प्रस्ताव का कई सदस्यों ने स्वागत किया। कुछ ने विरोध भी दायर किया। उन्होंने कहा कि इस पर बहस होनी चाहिए। उसके बाद निर्णय लिया जाना चाहिए। सीनेट में जिस तरह पहले यह प्रस्ताव लाया गया, वह गलत है। उन्होंने कहा कि पहले सदस्यों का परिचय करवाया जाता।
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इनसेट--
बाहरी गाइड वाले विद्यार्थियों को छात्रावास दें
सीनेटर रविंदर धालीवाल ने कहा कि बाहरी गाइड वाले शोधार्थियों को पीयू में छात्रावास नहीं मिल रहे। इस पर गौर किया जाए। शोधार्थियों को छात्रावास दिए जाएं। मेस व कैंटीन में खाने के रेट कम होने चाहिए। उन्होंने कई अन्य छात्रों से जुड़े मुद्दे उठाए।
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उन्होंने कहा कि सीनेट में सबसे अधिक मनोनीत होकर शिक्षक आए हैं। शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करने वाले लोग भी थे, लेकिन पुटा अध्यक्ष की बात नहीं सुनी गई। प्रो. रजत संधीर ने कहा कि उन्हें शून्य ऑवर में बोलने का मौका नहीं दिया गया। मौका मिला भी तो बहुत कम समय दिया गया। पुटा अध्यक्ष का माइक तक बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि राजनीति हावी है। केंद्रीय मंत्री सोमप्रकाश आदि ने सबकुछ अपने बयान से साफ कर दिया। डीपीएस रंधावा ने कहा कि आधी सीनेट नहीं चाहिए। बाकी सदस्यों के नोटिफिकेशन होने चाहिए। वीसी को अधिकार देने के लिए बहस होनी चाहिए, न कि सीधे अधिकार दिए जाएं। उन्होंने कई अन्य मुद्दे भी उठाए।
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इनसेट---
वीसी को अधिकार देने के प्रस्ताव पर कई ने हाथ उठाया, कुछ विरोध में
वीसी को सीनेट की अनुपस्थिति में निर्णय लेने के अधिकार देने के प्रस्ताव का कई सदस्यों ने स्वागत किया। कुछ ने विरोध भी दायर किया। उन्होंने कहा कि इस पर बहस होनी चाहिए। उसके बाद निर्णय लिया जाना चाहिए। सीनेट में जिस तरह पहले यह प्रस्ताव लाया गया, वह गलत है। उन्होंने कहा कि पहले सदस्यों का परिचय करवाया जाता।
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बाहरी गाइड वाले विद्यार्थियों को छात्रावास दें
सीनेटर रविंदर धालीवाल ने कहा कि बाहरी गाइड वाले शोधार्थियों को पीयू में छात्रावास नहीं मिल रहे। इस पर गौर किया जाए। शोधार्थियों को छात्रावास दिए जाएं। मेस व कैंटीन में खाने के रेट कम होने चाहिए। उन्होंने कई अन्य छात्रों से जुड़े मुद्दे उठाए।