{"_id":"683cbd5ea7d3f2f8e00db19d","slug":"allegations-of-rs-100-crore-scam-in-booking-of-community-centers-chandigarh-news-c-16-pkl1091-726116-2025-06-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: सामुदायिक केंद्रों की बुकिंग में 100 करोड़ के घोटाले का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: सामुदायिक केंद्रों की बुकिंग में 100 करोड़ के घोटाले का आरोप
विज्ञापन
चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी (आप) ने चंडीगढ़ नगर निगम के अंतर्गत आने वाले सामुदायिक केंद्रों की बुकिंग में 100 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले का आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि आर्थिक रूप से संपन्न लोगों के कार्यक्रमों के लिए सामुदायिक केंद्र गरीबों के नाम पर मुफ्त में बुक किए गए और फिर उनसे 26 से 55 हजार रुपये तक की अवैध वसूली की गई। आप ने इसे चंडीगढ़ का अब तक का सबसे बड़ा घोटाला बताते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।
सेक्टर-35 के एक निजी होटल में रविवार को प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए आप के प्रदेश अध्यक्ष विजय पाल सिंह और पार्टी प्रवक्ता योगेश ढींगरा ने बताया कि यह घोटाला पिछले पांच साल में हुआ है, जिसमें नगर निगम के कर्मचारी और अधिकारी दोनों शामिल हैं। ढींगरा ने आरोप लगाया कि सेक्टर-37 के सामुदायिक केंद्र की बुकिंग के लिए सेक्टर-41 के पार्षद के फर्जी हस्ताक्षर किए गए, जबकि बुकिंग कराने वाला व्यक्ति सेक्टर-41 से संबंधित भी नहीं था। उन्होंने बताया कि नियमानुसार, मुफ्त बुकिंग के लिए संबंधित पार्षद की रिपोर्ट आवश्यक होती है, लेकिन कई मामलों में पार्षदों की रिपोर्ट के बिना ही बुकिंग कर दी गई।
पांच वर्षों की बुकिंग का ऑडिट कराया जाए
आप ने इस मामले में राज्यपाल से मिलने का समय मांगा है और चंडीगढ़ प्रशासन के आला अधिकारियों से भी शिकायत दर्ज कराई है। पार्टी की प्रमुख मांगों में सीबीआई जांच, बुकिंग सिस्टम को 100 प्रतिशत ऑनलाइन और डिजिटल करना, सामुदायिक केंद्र की दरों को बढ़ाने के प्रस्ताव को वापस लेना, आरोपी कर्मचारियों को निलंबित करना, पिछले 5 वर्षों की बुकिंग का ऑडिट कराना और पीड़ित गरीब परिवारों को मुआवजा व न्याय दिलाना शामिल है।
विज्ञापन
पांच-स्तरीय जांच प्रक्रिया की अनदेखी
आप का आरोप है कि मुफ्त सामुदायिक केंद्र देने के लिए निर्धारित पांच-स्तरीय जांच प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। इस प्रक्रिया में आवेदक की वार्षिक पारिवारिक आय 1.50 लाख रुपये से कम होनी चाहिए, उसके बाद पार्षद का सत्यापन, सामुदायिक केंद्र जिस वार्ड में आता है उस पार्षद की पुष्टि, बुकिंग कमेटी की मंजूरी, नगर आयुक्त की सहमति और अंत में आवेदक द्वारा 120 रुपये का भुगतान शामिल है। पार्टी का कहना है कि स्थानीय पार्षद और सामुदायिक केंद्र के वार्ड पार्षद के हस्ताक्षर और पुष्टि के बिना ही बुकिंग की गई है।
विज्ञापन
सेक्टर-35 के एक निजी होटल में रविवार को प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए आप के प्रदेश अध्यक्ष विजय पाल सिंह और पार्टी प्रवक्ता योगेश ढींगरा ने बताया कि यह घोटाला पिछले पांच साल में हुआ है, जिसमें नगर निगम के कर्मचारी और अधिकारी दोनों शामिल हैं। ढींगरा ने आरोप लगाया कि सेक्टर-37 के सामुदायिक केंद्र की बुकिंग के लिए सेक्टर-41 के पार्षद के फर्जी हस्ताक्षर किए गए, जबकि बुकिंग कराने वाला व्यक्ति सेक्टर-41 से संबंधित भी नहीं था। उन्होंने बताया कि नियमानुसार, मुफ्त बुकिंग के लिए संबंधित पार्षद की रिपोर्ट आवश्यक होती है, लेकिन कई मामलों में पार्षदों की रिपोर्ट के बिना ही बुकिंग कर दी गई।
विज्ञापन
पांच वर्षों की बुकिंग का ऑडिट कराया जाए
आप ने इस मामले में राज्यपाल से मिलने का समय मांगा है और चंडीगढ़ प्रशासन के आला अधिकारियों से भी शिकायत दर्ज कराई है। पार्टी की प्रमुख मांगों में सीबीआई जांच, बुकिंग सिस्टम को 100 प्रतिशत ऑनलाइन और डिजिटल करना, सामुदायिक केंद्र की दरों को बढ़ाने के प्रस्ताव को वापस लेना, आरोपी कर्मचारियों को निलंबित करना, पिछले 5 वर्षों की बुकिंग का ऑडिट कराना और पीड़ित गरीब परिवारों को मुआवजा व न्याय दिलाना शामिल है।
विज्ञापन
पांच-स्तरीय जांच प्रक्रिया की अनदेखी
आप का आरोप है कि मुफ्त सामुदायिक केंद्र देने के लिए निर्धारित पांच-स्तरीय जांच प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। इस प्रक्रिया में आवेदक की वार्षिक पारिवारिक आय 1.50 लाख रुपये से कम होनी चाहिए, उसके बाद पार्षद का सत्यापन, सामुदायिक केंद्र जिस वार्ड में आता है उस पार्षद की पुष्टि, बुकिंग कमेटी की मंजूरी, नगर आयुक्त की सहमति और अंत में आवेदक द्वारा 120 रुपये का भुगतान शामिल है। पार्टी का कहना है कि स्थानीय पार्षद और सामुदायिक केंद्र के वार्ड पार्षद के हस्ताक्षर और पुष्टि के बिना ही बुकिंग की गई है।