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Chandigarh News: जीएमसीएच-32 में जूनियर छात्रों से दुर्व्यवहार का आरोप, कार्रवाई की मांग
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जीएमसीएच-32 में जूनियर छात्रों से दुर्व्यवहार का आरोप, कार्रवाई की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। जीएमसीएच-32 में एमबीबीएस के जूनियर छात्रों के साथ सीनियर विद्यार्थियों की ओर से दुर्व्यवहार और धमकी देने का मामला सामने आया है। विवाद कॉलेज के वार्षिक कार्यक्रम यूफोरिया के लिए धन संग्रह को लेकर हुआ। घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
जूनियर छात्रों का आरोप है कि 2022 बैच के कुछ सीनियर छात्रों ने कार्यक्रम के लिए अनिवार्य रूप से पैसे देने का दबाव बनाया। जब कुछ छात्रों ने रसीद न मिलने और एकत्रित राशि का विवरण सार्वजनिक न करने पर सवाल उठाए तथा कुछ ने आर्थिक कारणों से असमर्थता जताई तो उन्हें कथित तौर पर धमकाया गया। आरोप है कि विरोध करने पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और अंजाम भुगतने की चेतावनी दी गई। एक छात्र को अस्पताल के बाहर देख लेने की धमकी भी दी गई। एक छात्र ने आरोप लगाया कि माहौल शांत कराने की कोशिश के बाद उन्हें भी परेशान किया गया। उनके हॉस्टल कमरे में बिस्तर खराब करने और सामान गायब करने की शिकायत भी की गई है। पीड़ित छात्रों और परिजनों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि उचित कदम न उठाए जाने पर मामले की शिकायत नेशनल मेडिकल कमीशन से की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। जीएमसीएच-32 में एमबीबीएस के जूनियर छात्रों के साथ सीनियर विद्यार्थियों की ओर से दुर्व्यवहार और धमकी देने का मामला सामने आया है। विवाद कॉलेज के वार्षिक कार्यक्रम यूफोरिया के लिए धन संग्रह को लेकर हुआ। घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
जूनियर छात्रों का आरोप है कि 2022 बैच के कुछ सीनियर छात्रों ने कार्यक्रम के लिए अनिवार्य रूप से पैसे देने का दबाव बनाया। जब कुछ छात्रों ने रसीद न मिलने और एकत्रित राशि का विवरण सार्वजनिक न करने पर सवाल उठाए तथा कुछ ने आर्थिक कारणों से असमर्थता जताई तो उन्हें कथित तौर पर धमकाया गया। आरोप है कि विरोध करने पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और अंजाम भुगतने की चेतावनी दी गई। एक छात्र को अस्पताल के बाहर देख लेने की धमकी भी दी गई। एक छात्र ने आरोप लगाया कि माहौल शांत कराने की कोशिश के बाद उन्हें भी परेशान किया गया। उनके हॉस्टल कमरे में बिस्तर खराब करने और सामान गायब करने की शिकायत भी की गई है। पीड़ित छात्रों और परिजनों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि उचित कदम न उठाए जाने पर मामले की शिकायत नेशनल मेडिकल कमीशन से की जाएगी।
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