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प्रत्याशियों का आरोप- एजेंटों को बाहर निकाल, अफसर ने अंदर से बंद किया कमरा
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चंडीगढ़। नगर निगम चुनाव में कहीं ईवीएम की बैटरी बदली गई तो कहीं धीमा मतदान कराने का आरोप लगाया गया। मतदान खत्म होने के बाद शहर के कई इलाकों से ऐसी भी खबरें मिलीं कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की गई। हालांकि, अधिकारियों ने इन दावों को खारिज कर दिया।
वार्ड नंबर-28 में प्रत्याशियों ने आरोप लगाया कि मतदान धीमा हो रहा है, जिसकी वजह से लंबी लाइन लगी है। इसके बाद डड्डूमाजरा के क्रेच में बने पोलिंग बूथ में 11 बजे के करीब एक ईवीएम में बैटरी कम हो गई, जिसकी सूचना प्रशासन के अधिकारियों को दी गई। चुनाव आयोग के नियमों के तहत वीडियोग्राफी कराई गई और बैटरी को बदला गया। मलोया में भी एक ईवीएम को बदला गया। इसके अलावा शहर के कई वार्ड में प्रत्याशियों के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। बापूधाम में आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी कमल शर्मा को मतदान केंद्र में नहीं जाने दिया गया। उन्होंने विरोध किया तब जाकर उन्हें केंद्र में जाने दिया गया।
समर्थकों ने आरोप लगाया, हंगामा
प्रत्याशी कृपानंद ठाकुर के समर्थकों ने आरोप लगाया कि वार्ड नंबर-20 के पोलिंग बूथ नंबर-6, 10 और 11 पर शाम चार बजे के करीब उनके एजेंट जैसे ही किसी काम के लिए बाहर निकले। पोलिंग बूथ के दरवाजे बंद कर दिए गए। कहा कि उन्हें बाद में बुलाया जाएगा। कुछ देर में कांग्रेस के एजेंटों को भी बाहर कर दिया गया। भाजपा के एजेंट अंदर बैठे रहे। जब काफी देर तक गेट नहीं खोला तो अन्य प्रत्याशियों ने हंगामा किया। अन्य प्रत्याशियों ने आरोप लगाया कि उनके बिना साइन कराए ही मशीनों को ले जाया गया है। जब इस बारे में अधिकारियों से पूछा गया तो उन्होंने गोलमोल जवाब दिया और फोन काट दिया।
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प्रत्याशी का आरोप : 25 मिनट बाद कमरा खोला
वार्ड नंबर-9 के आप प्रत्याशी के समर्थकों ने आरोप लगाया कि बिजली दफ्तर पोलिंग बूथ पर मतदान खत्म होने से पांच मिनट पहले चंडीगढ़ प्रशासन के एक आईएएस अफसर वहां पहुंचे और उन्होंने सभी पार्टियों के पोलिंग एजेंट को बाहर निकाल कर कमरा अंदर से बंद कर लिया। जब इसकी जानकारी प्रत्याशियों को लगी तो वो तुरंत वहां पहुंचे। चुनाव आयोग के हेल्पलाइन पर भी इसकी शिकायत की गई। प्रत्याशियों ने जमकर बवाल काटा और नारेबाजी भी की गई। करीब 25 मिनट बाद कमरा खोला, लेकिन अधिकारियों की तरफ से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।
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वार्ड नंबर-28 में प्रत्याशियों ने आरोप लगाया कि मतदान धीमा हो रहा है, जिसकी वजह से लंबी लाइन लगी है। इसके बाद डड्डूमाजरा के क्रेच में बने पोलिंग बूथ में 11 बजे के करीब एक ईवीएम में बैटरी कम हो गई, जिसकी सूचना प्रशासन के अधिकारियों को दी गई। चुनाव आयोग के नियमों के तहत वीडियोग्राफी कराई गई और बैटरी को बदला गया। मलोया में भी एक ईवीएम को बदला गया। इसके अलावा शहर के कई वार्ड में प्रत्याशियों के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। बापूधाम में आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी कमल शर्मा को मतदान केंद्र में नहीं जाने दिया गया। उन्होंने विरोध किया तब जाकर उन्हें केंद्र में जाने दिया गया।
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समर्थकों ने आरोप लगाया, हंगामा
प्रत्याशी कृपानंद ठाकुर के समर्थकों ने आरोप लगाया कि वार्ड नंबर-20 के पोलिंग बूथ नंबर-6, 10 और 11 पर शाम चार बजे के करीब उनके एजेंट जैसे ही किसी काम के लिए बाहर निकले। पोलिंग बूथ के दरवाजे बंद कर दिए गए। कहा कि उन्हें बाद में बुलाया जाएगा। कुछ देर में कांग्रेस के एजेंटों को भी बाहर कर दिया गया। भाजपा के एजेंट अंदर बैठे रहे। जब काफी देर तक गेट नहीं खोला तो अन्य प्रत्याशियों ने हंगामा किया। अन्य प्रत्याशियों ने आरोप लगाया कि उनके बिना साइन कराए ही मशीनों को ले जाया गया है। जब इस बारे में अधिकारियों से पूछा गया तो उन्होंने गोलमोल जवाब दिया और फोन काट दिया।
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प्रत्याशी का आरोप : 25 मिनट बाद कमरा खोला
वार्ड नंबर-9 के आप प्रत्याशी के समर्थकों ने आरोप लगाया कि बिजली दफ्तर पोलिंग बूथ पर मतदान खत्म होने से पांच मिनट पहले चंडीगढ़ प्रशासन के एक आईएएस अफसर वहां पहुंचे और उन्होंने सभी पार्टियों के पोलिंग एजेंट को बाहर निकाल कर कमरा अंदर से बंद कर लिया। जब इसकी जानकारी प्रत्याशियों को लगी तो वो तुरंत वहां पहुंचे। चुनाव आयोग के हेल्पलाइन पर भी इसकी शिकायत की गई। प्रत्याशियों ने जमकर बवाल काटा और नारेबाजी भी की गई। करीब 25 मिनट बाद कमरा खोला, लेकिन अधिकारियों की तरफ से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।