संत रामपाल के भक्तों ने जज पर लगाए आरोप
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रोहतक के करौंथा गांव स्थित आश्रम के बाबा रामपाल के समर्थन में सेक्टर-25 के रैली ग्राउंड में भक्तों ने विशाल रैली की। इस रैली में भक्तों और समर्थकों ने निचली अदालतों के न्यायाधीशों के खिलाफ अपनी भड़ास निकाली। यह रैली राष्ट्रीय समाज सेवा समिति के बैनर तले की गई।
सेवा समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री और कांग्रेस पार्टी की शह पर उनके बाबा और भक्तों पर मामले दर्ज हुए हैं। मालूम हो कि रैली की सुरक्षा के लिए चंडीगढ़ पुलिस के दो हजार जवान तैनात थे। हरियाणा के राज्यपाल और हरियाणा के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपने के बाद लोग यहां से चलने के लिए तैयार हुए।
राष्ट्रीय समाज सेवा समिति के अध्यक्ष राम कुमार का कहना है कि पहली बार किसी ने न्यायिक व्यवस्था में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ रैली की है। उन्होंने निचली अदालतों के 80 प्रतिशत जजों पर भ्रष्ट होने का आरोप लगाया।
उनका कहना है कि बाबा पर झूठे मामले दर्ज किए गए हैं। उनका कहना है कि ज्ञापन में यह भी मांग की जा रही है कि मंत्री और अधिकारियों की तर्ज पर जजों को भी अपने संपति का सार्वजनिक करना चाहिए।
डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी
हिसार में अदालत के बाहर हंगामा करने के मामले में संत रामपाल बुधवार को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में पेश नहीं हुए। उनके वकील ने मेडिकल सर्टिफिकेट देकर पेशी से छूट मांगी। हाईकोर्ट ने सर्टिफिकेट की जांच का निर्देश दिया है।
इसके साथ ही सर्टिफिकेट जारी करने वाले डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। अगली सुनवाई पांच नवंबर को होगी। आश्रम के अनुयायियों की संस्था राष्ट्रीय समाजसेवा समिति के अध्यक्ष मास्टर राम कुमार ढाका पेश हुए।
उन्होंने शपथ पत्र दिया कि अदालत के बाहर नारेबाजी समिति सदस्यों ने की थी। समिति के सदस्यों ने आश्रम की गुरु दीक्षा ले रखी है।
हो सकते हैं समिति और रामपाल के संबंध
बेंच ने कहा है कि प्राथमिक तौर पर समिति और संत रामपाल में संबंध स्थापित प्रतीत हो रहे हैं। पिछली सुनवाई पर संत रामपाल के शपथ पत्र में उल्लेख था कि हंगामा समिति सदस्यों ने किया था।
इसमें उनका कोई हाथ नहीं था। इसी पर ढाका को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। संत रामपाल की पेशी के कारण हाईकोर्ट परिसर पुलिस छावनी में तबदील रहा।
एंट्री से लेकर कोर्ट रूम तक पुलिस बल के साथ उच्चाधिकारी तैनात रहे। इसके अलावा डीआईजी ने सुरक्षा व्यवस्था देखी। संत रामपाल तो नहीं पहुंचे, लेकिन ढाका व अन्य को सुरक्षा के बीच कोर्ट रूम पहुंचाया गया।
अन्याय के खिलाफ लड़ रहा हूं
मीडिया से बातचीत में संत रामपाल ने कहा कि वह अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। यह लड़ाई जारी रहेगी। राज्यपाल से मिलने के बाद ढाका और तीन अन्य लोग दोबारा हाईकोर्ट पहुंचे और एक्टिंग चीफ जस्टिस से मिले।
ढाका ने कहा कि न्याय प्रणाली में सुधार के लिए मांग पत्र सौंपा गया है। कथित अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए ज्यूडीशियरी के ऊपर एक कमेटी गठित करने का सुझाव दिया गया है।