पतंग की डोर लाने गए तीन मासूमों की हत्या का आरोप, सीबीआई जांच की मांग, जानिए मामला
- पानीपत का मामला, दो बार एसआईटी हो चुकी है गठित
- नहर में डूबकर मृत्यु की सौंपी रिपोर्ट, मांगा गया है जवाब
- हरियाणा सरकार व सीबीआई को हाईकोर्ट ने भेजा नोटिस
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लेकिन पवन व अन्य ने वंश, अरुण व लक्ष्य को पकड़ लिया। एक बच्चे ने यह देख लिया और गांव में जाकर इसकी जानकारी दी। जय कुमार ने बताया कि जब बच्चे रात तक घर नहीं लौटे तो परिजन ढूंढते हुए डाई हाउस पहुंचे, लेकिन उन्हें फैक्टरी में प्रवेश नहीं करने दिया गया। इसके बाद 8 जुलाई को तीन बच्चों के अपहरण की एफआईआर दर्ज की गई। जब पुलिस ने डाई हाउस की जांच की तो वहां के नजदीक तीनों बच्चों की लाश मिली। याचिकाकर्ता ने बताया कि ग्रामीणों ने इसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया।
फिर जांच डीएसपी संदीप मलिक की अध्यक्षता वाली एसआईटी को सौंपी गई। एसआईटी ने कहा कि बच्चों की मौत नहर में डूबने से हुई है और क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी। याची ने बताया कि मलिक उस डाई हाउस के मालिक का परिचित था इसलिए ऐसी रिपोर्ट बनाई गई। इस आरोप के बाद मामले की जांच करनाल की एसआईटी को सौंपी गई जो डीएसपी दून की अध्यक्षता में गठित की गई थी। इस एसआईटी ने भी रिपोर्ट दी कि बच्चों की मौत नहर में डूब कर हुई।
याची के वकील मनोज तंवर ने कहा कि यदि बच्चों की मौत नहर में डूब कर हुई थी तो उनके शरीर पर कपड़ा किसने लपेटा और शव नहर से वहां तक कैसे पहुंचा। इसके साथ ही तंवर ने सवाल उठाया कि बच्चों के पेट और फेफडों में पानी क्यों नहीं भरा। हरियाणा पुलिस पर अविश्वास जताते हुए तंवर ने अब इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की है। याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार, सीबीआई व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।