भतीजे का आरोप, पाक जेल में बंद चाचा किरपाल की हत्या की गई
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पाकिस्तान की लाहौर जेल कोटलखपत में सोमवार को मृत मिले गुरदासपुर के गांव मुस्तफाबाद सैदां के निवासी किरपाल सिंह के भतीजे ने उनकी हत्या का आरोप लगाया है। उनके भतीजे अश्वनी कुमार का कहना है कि 20 दिन पहले ही उनके चाचा का उन्हें पत्र मिला था जिसमें उन्होंने अपने आपको बिल्कुल ठीकठाक बताया था। वहीं इस खबर के बाद से कृपाल सिंह के गांव में मातम पसर गया। अश्वनी का कहना है कि सदमे से उनकी दादी पागल हो गई हैं।
किरपाल सिंह 22 साल से पाकिस्तान जेल में बंद था। किरपाल सिंह की मौत की सूचना स्थानीय पुलिस व खुफिया एजेंसी ने परिवार को सोमवार शाम को दी। इसी जेल में तरनतारन के भिखीविंड निवासी सरबजीत सिंह भी कैद थे। उनकी पिछले दिनों हत्या कर दी गई थी।
किरपाल सिंह ने 13 साल भारतीय सेना की नौकरी की है
अश्वनी कुमार ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि उनके चाच किरपाल सिंह को दिल का दौरा पड़ने से अस्पताल में मौत हो गई थी। किरपाल सिंह ने 13 साल सेना की नौकरी की है। 1991 से वह लापता हैं। काफी समय बाद किरपाल सिंह का पत्र आने से उन्हें पता चला कि वह पाकिस्तान की जेल कोटलखपत राय में बंद हैं।
किरपाल सिंह का परिवार दिल्ली रवाना
किरपाल सिंह के परिवार ने प्रशासन से किरपाल सिंह का शव वापस लाने के लिए गुहार लगाई तो उन्हें बताया गया कि यह केंद्र का मामला है। वह केंद्र सरकार से संपर्क करें। इस संदर्भ में किरपाल सिंह का परिवार सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर को साथ लेकर गृहमंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मिलने के लिए दिल्ली रवाना हो गया है ताकि किरपाल सिंह का शव प्राप्त करके रीति रिवाज के अनुसार दाह-संस्कार किया जा सके।