{"_id":"616896d3201b42551933dbbb","slug":"all-the-services-of-revenue-department-will-be-available-at-one-place-chandigarh-news-pkl4300479194","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक ही जगह पर मिलेंगी राजस्व विभाग की सभी सेवाएं, रिकॉर्ड रूम का हुआ शुभारंभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक ही जगह पर मिलेंगी राजस्व विभाग की सभी सेवाएं, रिकॉर्ड रूम का हुआ शुभारंभ
विज्ञापन
चंडीगढ़। सभी गांवों की जमीनों का ब्योरा यूटी प्रशासन के राजस्व विभाग ने ऑनलाइन कर दिया है। इस सुविधा के शुरू होने के बाद सेक्टर-17 के 30 बेज बिल्डिंग में आधुनिक रिकॉर्ड रूम बनाया गया है, जहां पर लोगों को राजस्व विभाग से जुड़ी सभी सेवाएं मिलेंगी। वीरवार को डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने आधुनिक रिकॉर्ड रूम और तहसीलदार (राजस्व) के कार्यालय का उद्घाटन किया।
आधुनिक रिकॉर्ड रूम में राजस्व विभाग के जमाबंदी, म्यूटेशन और अन्य राजस्व रिकॉर्ड की प्रतियां आदि मिलेंगी। डीसी ने बताया कि पूरे चंडीगढ़ का राजस्व रिकॉर्ड डिजिटल हो गया है और सब रजिस्ट्रार कार्यालय के साथ एकीकृत है, जिसे पूर्व प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने 9 अप्रैल 2021 को लांच किया था। यह आधुनिक रिकॉर्ड रूम राजस्व विभाग की सेवाओं को अत्याधुनिक बनाने का अगला कदम है। इस ऑफिस में एक टच स्क्रीन कियोस्क भी लगाया गया है, जिस पर अपनी जमीन से संबंधित एंट्री डालकर ब्योरा निकाला जा सकेगा। गांवों की जमीनों के इस रिकार्ड को कोई भी चंडीगढ़ प्रशासन की वेबसाइट http://chandigarh.gov.in/ या https://chandigarhdistrict.nic.in/ पर जाकर मालिक का नाम या खेवट या खसरा नंबर डाल कर हासिल कर सकता है। रिकार्ड को देखने के बाद डाउनलोड भी कर सकते हैं। हालांकि, अगर डाउनलोड किए कागजातों को कहीं इस्तेमाल करना है तो इसे पहले संबंधित अधिकारियों से तस्दीक कराना होगा।
46 साल बाद अपडेट हुआ है भूमि रिकॉर्ड
नियमों के तहत हर पांच साल बाद भूमि रिकॉर्ड को अपडेट करना होता है, लेकिन चंडीगढ़ में कुछ ऐसे गांव भी थे, जिनका रिकॉर्ड 46 साल पहले अपडेट हुआ था। इसमें अटावा गांव शामिल है। इसके अलावा वर्ष 1994 के बाद किसी भी गांव का भूमि रिकॉर्ड अपडेट नहीं किया गया था। डीसी बराड़ का कहना है कि अब भूमि रिकॉर्ड के अपडेट व ऑनलाइन होने के बाद जमीन के सौदे आसान होंगे। अनियमितताओं पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा। खरीद व बिक्त्रस्ी के बाद ऑनलाइन भी रियल टाइम अपडेट हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
आधुनिक रिकॉर्ड रूम में राजस्व विभाग के जमाबंदी, म्यूटेशन और अन्य राजस्व रिकॉर्ड की प्रतियां आदि मिलेंगी। डीसी ने बताया कि पूरे चंडीगढ़ का राजस्व रिकॉर्ड डिजिटल हो गया है और सब रजिस्ट्रार कार्यालय के साथ एकीकृत है, जिसे पूर्व प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने 9 अप्रैल 2021 को लांच किया था। यह आधुनिक रिकॉर्ड रूम राजस्व विभाग की सेवाओं को अत्याधुनिक बनाने का अगला कदम है। इस ऑफिस में एक टच स्क्रीन कियोस्क भी लगाया गया है, जिस पर अपनी जमीन से संबंधित एंट्री डालकर ब्योरा निकाला जा सकेगा। गांवों की जमीनों के इस रिकार्ड को कोई भी चंडीगढ़ प्रशासन की वेबसाइट http://chandigarh.gov.in/ या https://chandigarhdistrict.nic.in/ पर जाकर मालिक का नाम या खेवट या खसरा नंबर डाल कर हासिल कर सकता है। रिकार्ड को देखने के बाद डाउनलोड भी कर सकते हैं। हालांकि, अगर डाउनलोड किए कागजातों को कहीं इस्तेमाल करना है तो इसे पहले संबंधित अधिकारियों से तस्दीक कराना होगा।
विज्ञापन
46 साल बाद अपडेट हुआ है भूमि रिकॉर्ड
नियमों के तहत हर पांच साल बाद भूमि रिकॉर्ड को अपडेट करना होता है, लेकिन चंडीगढ़ में कुछ ऐसे गांव भी थे, जिनका रिकॉर्ड 46 साल पहले अपडेट हुआ था। इसमें अटावा गांव शामिल है। इसके अलावा वर्ष 1994 के बाद किसी भी गांव का भूमि रिकॉर्ड अपडेट नहीं किया गया था। डीसी बराड़ का कहना है कि अब भूमि रिकॉर्ड के अपडेट व ऑनलाइन होने के बाद जमीन के सौदे आसान होंगे। अनियमितताओं पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा। खरीद व बिक्त्रस्ी के बाद ऑनलाइन भी रियल टाइम अपडेट हो जाएगा।
विज्ञापन