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बेअदबी मामलाः रंजीत सिंह आयोग के खिलाफ दाखिल सभी याचिकाएं खारिज, एसआईटी ही करेगी आगे जांच
Sat, 26 Jan 2019 12:22 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sat, 26 Jan 2019 12:22 AM IST
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
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श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूप की बेअदबी और उसके बाद हुई हिंसा के मामले में गठित जस्टिस रंजीत सिंह आयोग के खिलाफ दाखिल सभी याचिकाओं को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच की मांग को भी खारिज करते हुए कहा कि किसी आरोपी को यह हक नहीं है कि वह अपना जज खुद निर्धारित करे।
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याचिकाएं खारिज होने के साथ ही अब एसआईटी के कार्रवाई करने पर लगी रोक भी हट गई है और इस मामले में फंसे अधिकारियों पर अब गाज गिरना तय है। हाईकोर्ट ने एसआईटी को निर्देश दिए कि बिना राजनैतिक, बाहरी और भीतरी दबाव के जांच जल्द से जल्द पूरी की जाए। अपने आदेश में हाईकोर्ट ने कहा कि यह मामला आम लोगों की भावनाओं से जुड़ा है इसलिए इसमें देरी संविधान के अनुच्छेद-21 का उल्लंघन है।
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कोर्ट ने कहा कि उन्हें जरा भी संदेह नहीं है कि एसआईटी सभी संभव प्रयास कर दोषियों को सजा दिलाएगी। इसके साथ ही एसआईटी रिटायर्ड जस्टिस जोरा सिंह आयोग और जस्टिस रंजीत सिंह आयोग की सिफारिशों से प्रभावित नहीं होगी क्योंकि आयोग की रिपोर्ट पर कार्रवाई अनिवार्य नहीं होती है। हाईकोर्ट ने विधान सभा द्वारा जांच सीबीआई से वापस ले एसआईटी को सौंपेने के निर्णय पर मुहर लगा दी।
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जस्टिस रंजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट में बहिबल कलां में की पुलिस फायरिंग में दोषी करार दिए गए फरीदकोट के तत्कालीन एसएसपी चरणजीत सिंह, बाजाखाना के तत्कालीन एसएचओ अमरजीत सिंह कलार और मनसा के तत्कालीन एसएसपी रघबीर सिंह और बाद में फाजिल्का के तत्कालीन एसपी डिटेक्टिव बिक्रमजीत सिंह और मोगा के तत्कालीन इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई थी।