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पंजाब में नशा रोकने को सभी बड़ी एजेंसियां एकजुट, हाईकोर्ट में पेश किया ब्यौरा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 04 Oct 2017 09:09 AM IST
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Punjab Drugs
- फोटो : File Photo
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पंजाब में हजारों करोड़ के ड्रग नैक्सस पर शिकंजा कसने के लिए अब देश की सभी बड़ी एजेंसियों ने हाथ मिला लिया है। इस मामले में सेना, बीएसएफ, आईबी, पंजाब पुलिस, नागरिक प्रशासन और पंजाब सरकार की ओर से गठित स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के बीच अब तक दो बार बैठकें भी हो चुकी हैं।
यह जानकारी मंगलवार को पंजाब और केंद्र सरकार की ओर से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दी गई। हाईकोर्ट ने इस जानकारी को रिकार्ड में लेते हुए आगामी 28 नवंबर को कार्रवाई के बारे में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने आदेश दिए हैं।
सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने कोर्ट में हलफनामा दायर कर बताया कि राज्य सरकार ने अपने वादे के अनुसार सूबे में नशे के कारोबार को खत्म करने के लिए एसटीएफ का गठन कर दिया है और इसके सदस्यों को विशेष ट्रेनिंग भी दी गई है। इसके अलावा सभी पुलिस कमिश्नरों, आईजी, डीआईजी और एसएसपी को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे सभी थाना क्षेत्रों में नशा तस्करी और कारोबार पर पूरी तरह से रोक लगाएं। यह भी निर्देश दिए गए हैं कि अगर कहीं यह आशंका हो कि किसी थाना क्षेत्र में ठोस कार्रवाई नहीं हो रही तो संबंधित एसएचओ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए। एडीजीपी स्तर के अधिकारी के अधीन एसटीएफ का गठन करने के साथ ही इसका पूरा नियंत्रण और निगरानी मुख्यमंत्री द्वारा की जा रही है।
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यह जानकारी मंगलवार को पंजाब और केंद्र सरकार की ओर से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दी गई। हाईकोर्ट ने इस जानकारी को रिकार्ड में लेते हुए आगामी 28 नवंबर को कार्रवाई के बारे में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने आदेश दिए हैं।
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सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने कोर्ट में हलफनामा दायर कर बताया कि राज्य सरकार ने अपने वादे के अनुसार सूबे में नशे के कारोबार को खत्म करने के लिए एसटीएफ का गठन कर दिया है और इसके सदस्यों को विशेष ट्रेनिंग भी दी गई है। इसके अलावा सभी पुलिस कमिश्नरों, आईजी, डीआईजी और एसएसपी को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे सभी थाना क्षेत्रों में नशा तस्करी और कारोबार पर पूरी तरह से रोक लगाएं। यह भी निर्देश दिए गए हैं कि अगर कहीं यह आशंका हो कि किसी थाना क्षेत्र में ठोस कार्रवाई नहीं हो रही तो संबंधित एसएचओ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए। एडीजीपी स्तर के अधिकारी के अधीन एसटीएफ का गठन करने के साथ ही इसका पूरा नियंत्रण और निगरानी मुख्यमंत्री द्वारा की जा रही है।
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पंजाब में 8.6 लाख लोग घातक नशे की चपेट में
केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि कोर्ट के निर्देशों के अनुसार अब राज्य में ड्रग तस्करी पर लगाम लगाने के लिए सभी एजेंसियों ने काम शुरू कर दिया है। सेना, बीएसएफ, आईबी, पंजाब पुलिस, सिविल प्रशासन और पंजाब सरकार की एसटीएफ के अधिकारियों के बीच 13 जुलाई और 13 सितंबर को दो बैठकें भी हो चुकी हैं। इन बैठकों में ड्रग तस्करी पर रोकथाम के लिए रणनीति बनाई गई है।
पंजाब में 8.6 लाख लोग घातक नशे की चपेट में
मंगलवार को हाईकोर्ट को बताया गया कि पंजाब में 8.6 लाख लोग घातक नशे की चपेट में हैं। इनमें करीब सवा लाख लोग हेरोइन के आदी हो चुके हैं, जबकि 2.3 लाख लोग अफीम व अन्य नशों के आदी हो चुके हैं। यह आंकड़े आल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर द्वारा जुटाए गए हैं। हाईकोर्ट को बताया गया कि पंजाब में 37 सरकारी ड्रग डी-एडिक्शन केंद्र और 22 सरकारी पुनर्वास केंद्र हैं। इन सभी में कुल 1100 के करीब बेड हैं। इस तरह राज्य में नशे के आदी लोगों के इलाज के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है और इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
रजिस्ट्रड केमिस्टों के नाम वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश
हाईकोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में सभी रजिस्टर्ड केमिस्टों की पूरी जानकारी वेबसाइट पर अपलोड किए जाने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने यह आदेश एडवोकेट नवकिरण सिंह द्वारा उपलब्ध कराई गई उस जानकारी के आधार पर दिए, जिसमें हाईकोर्ट को बताया गया था कि कई केमिस्ट किसी अन्य के लाइसेंस पर ही दवा बेच रहे हैं और कई केमिस्ट ऐसे भी हैं जो दसवीं भी पास नहीं हैं। लिहाजा सभी केमिस्टों को निर्देश दिए जाएं कि वे अपना लाइसेंस केमिस्ट शॉप में ऐसी जगह लगाएं, जहां हर कोई उसे देख सकें और यह सुनिश्चित किया जा सके कि लाइसेंसधारी व्यक्ति ही केमिस्ट की दुकान चला रहा है।
पंजाब में 8.6 लाख लोग घातक नशे की चपेट में
मंगलवार को हाईकोर्ट को बताया गया कि पंजाब में 8.6 लाख लोग घातक नशे की चपेट में हैं। इनमें करीब सवा लाख लोग हेरोइन के आदी हो चुके हैं, जबकि 2.3 लाख लोग अफीम व अन्य नशों के आदी हो चुके हैं। यह आंकड़े आल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर द्वारा जुटाए गए हैं। हाईकोर्ट को बताया गया कि पंजाब में 37 सरकारी ड्रग डी-एडिक्शन केंद्र और 22 सरकारी पुनर्वास केंद्र हैं। इन सभी में कुल 1100 के करीब बेड हैं। इस तरह राज्य में नशे के आदी लोगों के इलाज के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है और इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
रजिस्ट्रड केमिस्टों के नाम वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश
हाईकोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में सभी रजिस्टर्ड केमिस्टों की पूरी जानकारी वेबसाइट पर अपलोड किए जाने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने यह आदेश एडवोकेट नवकिरण सिंह द्वारा उपलब्ध कराई गई उस जानकारी के आधार पर दिए, जिसमें हाईकोर्ट को बताया गया था कि कई केमिस्ट किसी अन्य के लाइसेंस पर ही दवा बेच रहे हैं और कई केमिस्ट ऐसे भी हैं जो दसवीं भी पास नहीं हैं। लिहाजा सभी केमिस्टों को निर्देश दिए जाएं कि वे अपना लाइसेंस केमिस्ट शॉप में ऐसी जगह लगाएं, जहां हर कोई उसे देख सकें और यह सुनिश्चित किया जा सके कि लाइसेंसधारी व्यक्ति ही केमिस्ट की दुकान चला रहा है।