डेंगू के लिए पंचकूला में अलर्ट, की जाएगी ये खास कवायद
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डेंगू और मलेरिया को लेकर पंचकूला प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। उपायुक्त विवेक आत्रेय ने इसको लेकर एक विशेष बैठक बुलाई। जिसमें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए अगले एक माह तक विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
जिला प्रशासन के सभी विभाग को अपने-अपने क्षेत्रों में स्वच्छता रखने और लोगों को जागरूक करने को कहा गया है। उपायुक्त ने कांफ्रेंस हाल में डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए जरूरी इंतजाम करने के संबंध में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए।
स्वास्थ्य विभाग को डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए विशेष जागरूकता और चेकिंग अभियान चलाने को कहा गया है। इसमें शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और अन्य विभागों को सहयोग करने को कहा गया है।
शिक्षा विभाग स्कूलों और आंगनवाड़ी में कैंप लगाएगा
उपायुक्त ने कहा कि शिक्षा विभाग स्कूलों में और महिला एवं बाल विकास विभाग आंगनबाड़ी केंद्रों में डेंगू व मलेरिया से बचने के उपाय बच्चों को बताएगा। उपायुक्त ने कहा कि डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर दिन में काटता है और यह रुके साफ पानी में पनपता है।
उन्होंने निर्देश दिया कि अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों में घरों के अंदर कीटनाशक का छिड़काव करवाने के साथ-साथ नियमित रूप से फॉगिंग करवाएं। घरों के आस-पास गड्ढों को भरवा दें।
कूलर, होदी और अन्य पानी से भरे बर्तन सप्ताह में एक बार अवश्य खाली करवाएं। शरीर को ढककर रखें। मच्छरदानी का प्रयोग करें। इसके साथ पूरी बाजू के वस्त्र पहनें। छत पर रखी पानी की टंकियों को ढककर रखें।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
उपायुक्त ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जोखिम वाले क्षेत्रों में अधिक नजर रखें। जरूरत हो तो फॉगिंग करवाए। तालाबों, कुएं एवं अन्य जलाशयों में ठहरे हुए पानी में गंबुजिया मछली डालें, जो मच्छर को खा जाती हैं। इस बीमारी के लक्षणों में अचानक तेज सिर दर्द एवं बुखार, मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, उल्टी होना, गंभीर मामलों में नाक, मुंह एवं मसूड़ों से खून आना अथवा त्वचा पर चकत्ते उभरना शामिल हैं।
इस बीमारी का लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नागरिक अस्पताल या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें जिससे समय पर इलाज हो सके। उन्होंने कहा कि डेंगू से बचना आसान है, दहशत में न आए और न ही दहशत फैलाए। सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए सरकार की ओर से पर्याप्त इंतजाम भी किए गए हैं।
सिविल सर्जन वीके बंसल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में टीमें लगाई गई हैं जो जोखिम वाले क्षेत्रों में लोगों को डेंगू व मलेरिया से बचाव के उपाय बता रही है। लोगों के घरों में जाकर कूलरों, कंटेनरों, गमलों व टायरों में जमा पानी को निकलवा रही है। उन्होंने रोडवेज विभाग से भी अपील की है कि वे वर्कशॉप में पड़े टायरों में पानी न जमा होने दें।
कालका में मिल चुके हैं डेंगू के 6 मरीज
पंचकूला के बाद अब कालका में भी डेंगू ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। यहां अब तक डेंगू के कुल छह मरीजों का मामला प्रकाश में आया है। मेन बाजार स्थित राणा हास्पिटल के डॉक्टर आरएस राणा ने बताया कि उनके हास्पिटल में अब तक कुल छह डेंगू के मरीज आ चुके हैं जिसकी जानकारी सरकारी अस्पताल के एसएमओ को दे दी गई है।
उन्होंने बताया कि अब तक जो मरीज उनके अस्पताल में आए हैं उनमें से तीन वार्ड नंबर एक के खेड़ा सीताराम के रहने वाले हैं। खेड़ा सीताराम के पूर्व सरपंच राम रत्न के दो पोते आदर्श राजपूत (12), शौर्य राजपूत (9) और खेड़ा सीताराम निवासी संजीव कुमार (36), अपर मोहल्ला निवासी तुषार (7), बालाजी मंदिर रोड खटीक मोहल्ला का आर्यन (11), गिदड़ावली का प्रिंस (4) को डेंगू था। उन्होंने बताया कि इनमें से कुछ का पीजीआई और चंडीगढ़ 32 में इलाज चल रहा है।
निजी अस्पताल से मरीजों में डेंगू होने की जानकारी प्राप्त हुई है, लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम को सैंपल लेने के लिए रवाना कर दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. एसके गुप्ता, एसएमओ