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Chandigarh News: सीवरेज लाइन से घर तक कनेक्शन नहीं कर रहा निगम, पार्षदों ने उठाए सवाल
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चंडीगढ़। शहर के कुछ इलाकों में नगर निगम ने सीवरेज की मुख्य पाइपलाइन डाली है ताकि लोगों को सीवरेज की समस्या से निजात मिल सके लेकिन नई पाइप लाइन ने लोगों को चिंता में डाल दिया है। नगर निगम ने मुख्य पाइप लाइन से घर तक कनेक्शन करने से इंकार कर दिया है। कहा गया है कि लोगों को खुद कनेक्शन कराने होंगे। अब लोग परेशान हैं कि वह हजारों रुपये का खर्च कैसे उठाएंगे। पार्षदों ने इसे मुद्दा बना लिया है और निगम से स्पष्टीकरण मांगा है। निगम आयुक्त ने इस संबंध में चीफ इंजीनियर को आदेश दिए हैं कि वह सदन की अगली बैठक में नियमों को पढ़कर स्टेट्स रिपोर्ट फाइल करें।वार्ड नंबर-34 के पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी ने इस संबंध में सवाल उठाया। उन्होंने नगर निगम से पूछा है कि सीवरेज की मेन पाइप लाइन से घर तक का कनेक्शन कौन करेगा। कहा कि विभिन्न वार्डों में असमंजस की स्थिति है, क्योंकि अफसर कह रहे हैं कि यह काम लोगों को खुद कराना होगा। अगर ऐसा होता है तो लोगों पर महंगाई के इस दौर में अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
इस पर नगर निगम के चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा की तरफ से कहा गया कि नियमों के अनुसार सीवरेज की मुख्य पाइप लाइन से घर तक का कनेक्शन करने की जिम्मेदारी नगर निगम की नहीं है। इस पर पार्षद ने सवाल उठाया कि अगर ऐसा है तो फिर क्या नगर निगम ने सीवरेज की पाइप लाइन डालने से पहले लोगों से उनकी सहमति पूछी थी कि क्या वह पैसे खर्च करने को तैयार नहीं है। ऐसा नहीं किया तो फिर निगम को ही ये कनेक्शन करने चाहिए। पार्षद ने कहा कि लोगों पर कनेक्शन का बोझ डाला गया तो उन्हें 25 से 35 हजार रुपये तक का खर्च खुद करना पड़ेगा।
नियमों को देखने के बाद सदन की बैठक में रखी जाएगी स्टेट्स रिपोर्ट
पार्षदों के सवाल उठाने के बाद निगम के चीफ इंजीनियर की तरफ से कहा गया कि अगर सदन फैसला लेता है तो निगम मुख्य पाइप लाइन से घर तक का कनेक्शन कर देगा। हालांकि इसके लिए लोगों से पैसे लिए जाएंगे, वह मुफ्त में नहीं करेंगे। मेयर अनूप गुप्ता ने भी इस पर सवाल उठाए हैं। नियमों को लेकर निगम के अधिकारियों में भी असमंजस की स्थिति थी इसलिए नगर निगम की आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने चीफ इंजीनियर को आदेश दिए कि वह निगम के नियमों को देखें और फिर जो भी नियमों के अनुसार होगा, उसकी एक स्टेट्स रिपोर्ट सदन की अगली बैठक में फाइल की जाए ताकि मुख्य पाइप लाइन से घर तक के कनेक्शन के मामले में कोई फैसला लिया जा सके।
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इस पर नगर निगम के चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा की तरफ से कहा गया कि नियमों के अनुसार सीवरेज की मुख्य पाइप लाइन से घर तक का कनेक्शन करने की जिम्मेदारी नगर निगम की नहीं है। इस पर पार्षद ने सवाल उठाया कि अगर ऐसा है तो फिर क्या नगर निगम ने सीवरेज की पाइप लाइन डालने से पहले लोगों से उनकी सहमति पूछी थी कि क्या वह पैसे खर्च करने को तैयार नहीं है। ऐसा नहीं किया तो फिर निगम को ही ये कनेक्शन करने चाहिए। पार्षद ने कहा कि लोगों पर कनेक्शन का बोझ डाला गया तो उन्हें 25 से 35 हजार रुपये तक का खर्च खुद करना पड़ेगा।
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नियमों को देखने के बाद सदन की बैठक में रखी जाएगी स्टेट्स रिपोर्ट
पार्षदों के सवाल उठाने के बाद निगम के चीफ इंजीनियर की तरफ से कहा गया कि अगर सदन फैसला लेता है तो निगम मुख्य पाइप लाइन से घर तक का कनेक्शन कर देगा। हालांकि इसके लिए लोगों से पैसे लिए जाएंगे, वह मुफ्त में नहीं करेंगे। मेयर अनूप गुप्ता ने भी इस पर सवाल उठाए हैं। नियमों को लेकर निगम के अधिकारियों में भी असमंजस की स्थिति थी इसलिए नगर निगम की आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने चीफ इंजीनियर को आदेश दिए कि वह निगम के नियमों को देखें और फिर जो भी नियमों के अनुसार होगा, उसकी एक स्टेट्स रिपोर्ट सदन की अगली बैठक में फाइल की जाए ताकि मुख्य पाइप लाइन से घर तक के कनेक्शन के मामले में कोई फैसला लिया जा सके।
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