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अकांक्ष मर्डर केस में मुख्य आरोपी को पकड़ने में पुलिस फेल, बलराज रंधावा भगौड़ा करार
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 06 Apr 2017 09:50 AM IST
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बलराज को पकड़ने में पुलिस की मंशा पर सवाल
- फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल के सीएम के भतीजे अकांक्ष के हत्याकांड में मुख्य आरोपी बलराज सिंह रंधावा को जिला अदालत ने बुधवार को भगौड़ा करार दे दिया। सेक्टर-3 थाने की ओर से 28 फरवरी को इस संबंध में याचिका दाखिल की गई थी। इस पर अदालत ने इसकी प्रोसिडिंग शुरू करने की अनुमति दे दी थी।
वहीं अब पुलिस बलराज की प्रॉपर्टी अटैच करने के लिए वीरवार को याचिका दाखिल करेगी। याचिका को अदालत से मंजूरी मिलने के बाद पुलिस उसकी पंजाब और चंडीगढ़ में मौजूद प्रॉपर्टी को अटैच करने की कार्रवाई करेगी। इसके अलावा यूटी पुलिस ने बलराज पर इनामी राशि 50 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी है।
बुधवार को सेक्टर-3 थाना पुलिस ने मामले में जवाब दाखिल किया। पुलिस की ओर से अदालत को बताया गया कि अकांक्ष मर्डर केस में मुख्य आरोपी बलराज सिंह रंधावा की गिरफ्तारी के कई प्रयास किए गए, लेकिन वो अभी भी पकड़ से बाहर है। वहीं पीओ प्रोसिडिंग शुरू होने के बाद पुलिस ने वांटेड के पोस्टर शहर के सेक्टर-17 और 43 के आईएसबीटी, रेलवे स्टेशन, शहर के कई सेक्टरों, मार्केट और अन्य पब्लिक प्लेस पर चस्पा किए थे।
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साथ ही देशभर के सभी एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों समेत सभी संभावित जगह पर अलर्ट भेजा था। इसके बावजूद उसका कुछ पता नहीं चला। ऐसे में उसे भगौड़ा करार दिया जाए। सिविल जज निशा की अदालत ने पुलिस की अपील को मंजूर करते हुए अकांक्ष हत्याकांड के आरोपी बलराज सिंह रंधावा को भगौड़ा (पीओ) करार दे दिया।
ये कहा था याचिका में :
सेक्टर-3 थाना पुलिस की ओर से अदालत में दाखिल याचिका में कहा गया था कि 9 फरवरी को सेक्टर-9 में हुए हत्याकांड में दो आरोपियों में से एक बलराज सिंह रंधावा को पुलिस ने पकड़ने के लिए कई जगह छापेमारी की है। वहीं केस में दूसरे आरोपी हरमेहताब सिंह उर्फ फरीद को पुलिस 16 फरवरी को गिरफ्तार कर चुकी है, अब बस बलराज की गिरफ्तारी बची है। लेकिन, कई छापेमारी के बाद भी उसका कुछ पता नहीं चल पाया है।
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वहीं अब पुलिस बलराज की प्रॉपर्टी अटैच करने के लिए वीरवार को याचिका दाखिल करेगी। याचिका को अदालत से मंजूरी मिलने के बाद पुलिस उसकी पंजाब और चंडीगढ़ में मौजूद प्रॉपर्टी को अटैच करने की कार्रवाई करेगी। इसके अलावा यूटी पुलिस ने बलराज पर इनामी राशि 50 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी है।
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बुधवार को सेक्टर-3 थाना पुलिस ने मामले में जवाब दाखिल किया। पुलिस की ओर से अदालत को बताया गया कि अकांक्ष मर्डर केस में मुख्य आरोपी बलराज सिंह रंधावा की गिरफ्तारी के कई प्रयास किए गए, लेकिन वो अभी भी पकड़ से बाहर है। वहीं पीओ प्रोसिडिंग शुरू होने के बाद पुलिस ने वांटेड के पोस्टर शहर के सेक्टर-17 और 43 के आईएसबीटी, रेलवे स्टेशन, शहर के कई सेक्टरों, मार्केट और अन्य पब्लिक प्लेस पर चस्पा किए थे।
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साथ ही देशभर के सभी एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों समेत सभी संभावित जगह पर अलर्ट भेजा था। इसके बावजूद उसका कुछ पता नहीं चला। ऐसे में उसे भगौड़ा करार दिया जाए। सिविल जज निशा की अदालत ने पुलिस की अपील को मंजूर करते हुए अकांक्ष हत्याकांड के आरोपी बलराज सिंह रंधावा को भगौड़ा (पीओ) करार दे दिया।
ये कहा था याचिका में :
सेक्टर-3 थाना पुलिस की ओर से अदालत में दाखिल याचिका में कहा गया था कि 9 फरवरी को सेक्टर-9 में हुए हत्याकांड में दो आरोपियों में से एक बलराज सिंह रंधावा को पुलिस ने पकड़ने के लिए कई जगह छापेमारी की है। वहीं केस में दूसरे आरोपी हरमेहताब सिंह उर्फ फरीद को पुलिस 16 फरवरी को गिरफ्तार कर चुकी है, अब बस बलराज की गिरफ्तारी बची है। लेकिन, कई छापेमारी के बाद भी उसका कुछ पता नहीं चल पाया है।
ये है मामला
अकांक्ष सेन
- फोटो : file photo
हिमाचल के सीएम वीरभद्र सिंह की पत्नी का भतीजा और सोलन निवासी अकांक्ष सेन सेक्टर-9 में नेशनल शूटर राजा सिद्धू के घर पर रुका हुआ था। अकांक्ष ने एक महीने पहले ही पार्टनरशिप में सेक्टर-9 में बूम बॉक्स कैफे खोला था। आठ फरवरी की रात सिद्घू के घर पर पार्टी थी। इसमें फरीद और बलराज भी आए हुए थे। अकांक्ष के साथ उसका दोस्त शेरा भी था। पार्टी के दौरान शेरा और दोनों आरोपियों में पुरानी किसी बात पर बहस हो गई और बात हाथापाई तक पहुंच गई। उस समय बीच-बचाव कर मामला शांत करवा दिया गया। इसके बाद अकांक्ष सेन और उसका भाई अदम्य सिंह राठौड़ वहां से सेक्टर-18 आ गए।
सुबह पांच बजे अकांक्ष ने एक दोस्त करन को सेक्टर-18 बुलाया और सेक्टर-9 दोबारा देखने पहुंच गए कि उसके बाद कोई झगड़ा तो नहीं हुआ। उनको वहां देखते ही बलराज गुस्से में आ गया और बीएमडब्ल्यू कार में बैठा। उसके साथ फरीद भी बैठ गया। बलराज ने तेज गति से बीएमडब्ल्यू कार अकांक्ष पर चढ़ा दी। अकांक्ष के भाई अदम्य राठौड़ और उसके दोस्त अकांक्ष को फौरन पीजीआई ले गए। उसके सिर पर गंभीर चोट लगी थी और वो घटना के बाद से ही कोमा में था।
10 फरवरी को अकांक्ष की पीजीआई में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस मामले में सेक्टर-3 थाना पुलिस ने लांडरां निवासी हरमेहताब सिंह उर्फ फरीद और सोहाना निवासी बलराज सिंह रंधावा के खिलाफ हत्या की धाराओं में केस दर्ज किया था।
सुबह पांच बजे अकांक्ष ने एक दोस्त करन को सेक्टर-18 बुलाया और सेक्टर-9 दोबारा देखने पहुंच गए कि उसके बाद कोई झगड़ा तो नहीं हुआ। उनको वहां देखते ही बलराज गुस्से में आ गया और बीएमडब्ल्यू कार में बैठा। उसके साथ फरीद भी बैठ गया। बलराज ने तेज गति से बीएमडब्ल्यू कार अकांक्ष पर चढ़ा दी। अकांक्ष के भाई अदम्य राठौड़ और उसके दोस्त अकांक्ष को फौरन पीजीआई ले गए। उसके सिर पर गंभीर चोट लगी थी और वो घटना के बाद से ही कोमा में था।
10 फरवरी को अकांक्ष की पीजीआई में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस मामले में सेक्टर-3 थाना पुलिस ने लांडरां निवासी हरमेहताब सिंह उर्फ फरीद और सोहाना निवासी बलराज सिंह रंधावा के खिलाफ हत्या की धाराओं में केस दर्ज किया था।