कांग्रेस पर भड़के मजीठिया: ड्रग्स मामले में फंसे अकाली नेता बोले- खैरा और मूसेवाला के घरों पर क्यों छापेमारी नहीं
बिक्रम मजीठिया के खिलाफ मोहाली में एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है।
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नशा तस्करी मामले में फंसे बिक्रम मजीठिया ने कांग्रेस पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुझे चुनाव लड़ने से रोकने का प्रयास किया जा रहा है। हाईकोर्ट द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर अंतिम फैसला सुनाए जाने से पहले ही उनके घरों पर छापेमारी की गई और उनके परिवार के सदस्यों को परेशान किया गया। इसके लिए कांग्रेस सरकार जवाबदेह है। उन्होंने चुनाव आयोग से भी इस मामले में अपील की।
पूर्व डीजीपी पर बरसे मजीठिया
मजीठिया ने कहा कि ऐसा लगता है कि मेरे और कांग्रेसियों के लिए कानून अलग हैं। नशीले पदार्थों की तस्करी के आरोपी सुखपाल खैरा हो, एके-47 फायरिंग के आरोपी सिद्धू मूसेवाला हों या लोक इंसाफ पार्टी के नेता सिमरजीत एस बैंस, जिनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया हो, उनके किसी भी रिहायशी इलाके में कोई छापेमारी नहीं की गई है। अकाली नेता ने कहा कि हम डीजीपी चट्टोपाध्याय के ऑडियो-टेप खुलासे की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जांच की भी मांग करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पंजाब यात्रा के दौरान सुरक्षा उल्लंघन हुआ था।
सुखबीर बादल ने कही थी सियासत छोड़ने की बात
इससे पहले अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने कहा था कि अगर बिक्रम मजीठिया के खिलाफ नशे का कोई सबूत मिला तो वह सियासत छोड़ देंगे। सुखबीर सिंह बादल ने इस सारे मामले के पीछे पूर्व डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय को जिम्मेदार ठहराया था और कहा था कि उनका पैसे लेने का एक ऑडियो लीक हुआ है। उन पर मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया जाना चाहिए, ताकि सारे राज खुलकर सामने आ सकें।सुखबीर ने कहा कि मजीठिया के खिलाफ दर्ज किया गया मामला झूठा और निराधार है, क्योंकि वह रेत माफिया से संबंधों के स्टिंग सामने लाए हैं और आगे भी आने वाले दिनों में आते रहेंगे। सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी के रिश्तेदारों के घर पैसे मिले हैं, उन पर आपराधिक मामला दर्ज हैं। कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।