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Amritsar: सुखबीर सिंह बादल ने कोर्ट में किया सरेंडर, कोविड काल में साथियों संग पहुंचे थे माइनिंग साइट पर

Thu, 03 Nov 2022 04:19 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 03 Nov 2022 04:19 PM IST
सार

एडवोकेट एएस सयाली ने कहा कि कोविड के दौरान सुखबीर सिंह बादल और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी कि उन्होंने बीमारी फैलाई। आज कोर्ट में चालान पेश किया गया। दिसंबर में अगली सुनवाई होगी। 
 

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Akali Dal chief Sukhbir Badal produced before CJM court in Amritsar in connection with spread of covid case
अमृतसर कोर्ट में पेश हुए सुखबीर बादल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।

विस्तार

शिरोमणि अकाली दल (बादल) के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने सीनियर अकाली विरसा सिंह वल्टोहा के साथ गुरुवार को अमृतसर की कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोविड काल के दौरान नियमों की अनदेखी कर साथियों संग माइनिंग साइट पर पहुंचने के मामले में अदालत ने बादल सहित अन्य के गैर जमानती वारंट जारी किए थे। 

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सुखबीर बादल और विरसा सिंह वल्टोहा ने सरेंडर करने के बाद अपने वकीलों के जरिए जमानत हासिल कर ली। अदालत ने मामले की सुनवाई की अगली तिथि 29 नवंबर निर्धारित कर दी है। इससे पहले बाबा बकाला की अदालत ने आप विधायक दलबीर सिंह टोंग के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए उनकी संपत्ति कुर्क करने के आदेश जारी किए हैं। 
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यह है मामला 
शिरोमणि अकाली दल (बादल) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल अपने अन्य साथियों के साथ कोविड नियमों की अनदेखी कर ब्यास थानाक्षेत्र की एक माइनिंग साइट पर पहुंचे थे। तब ब्यास दरिया में माइनिंग कर रही फ्रेंड्स एंड कंपनी ने एक अगस्त 2021 को ब्यास थाना में सुखबीर बादल के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। ब्यास पुलिस ने कंपनी के वर्करों को डराने और कोविड नियमों की अनदेखी करने की कार्रवाई की। 
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थाना ब्यास ने सुखबीर बादल, विरसा सिंह वल्टोहा, अमरपाल सिंह बोनी, कंवलजीत सिंह, बलजीत सिंह, चंचल सिंह, चमकौर सिंह, कश्मीर सिंह, तरसेम सिंह, मनजिंदर सिंह, बलविंदर सिंह, संतोख सिंह व उनके साथ आए अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 269, 270, 188, 341, 506 और एपिडेमिक डिजीज एक्ट 1897 के तहत मामला दर्ज किया था।

तब यह मामला बाबा बकाला साहिब की कोर्ट में विचाराधीन था। लेकिन सुखबीर बादल के सांसद होने के चलते केस को अमृतसर की जिला अदालत में भेज दिया गया। जहां सीजेएम ने इसकी सुनवाई शुरू की। अदालत की ओर से बार-बार बुलाए जाने के बाद भी जब सुखबीर बादल ने समन रिसीव नहीं किए, तो अदालत ने 10 अक्तूबर को सुखबीर बादल तथा विरसा सिंह वल्टोहा के खिलाफ 3 नवंबर 2022 के लिए गैर जमानती वारंट जारी कर दिए थे।

अदालत से जमानत हासिल करने के बाद सुखबीर बादल ने कहा कि उनके खिलाफ राजनीति प्रेरित केस किया गया है। उन्हें ज्यूडिशियरी पर पूर्ण भरोसा है। जिस तरह पहले उन्हें न्याय मिलता रहा है, अब भी उन्हें न्याय मिलेगा। बादल ने कहा कि कांग्रेस ने उनके खिलाफ केस किया था और अब आम आदमी पार्टी इस केस को फॉलो कर रही है। 


वकील पुनीत मोहन जख्मी ने बताया कि सुखबीर बादल व वल्टोहा को इस केस के रजिस्ट्रेशन और अदालत में चालान पेश किए जाने की जानकारी नहीं थी। हाल ही में इसकी जानकारी मिली तो सुखबीर बादल और विरसा सिंह वल्टोहा अदालत में पेश होकर सरेंडर कर दिया और जमानत हासिल कर ली। अदालत ने केस में चार्ज लगाने के लिए 29 नंवबर तारीख तय की है।

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